यूपी में उठे बगावती सुर, सपा में 'घुल' जाए कांग्रेस!
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कांग्रेस में बगावत के सुर फूट गये हैं। बगावत की आग बांदा से कांग्रेस विधायक विवेक सिंह ने भड़काई है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के साथ कांग्रेस को यूपी में विलय कर लेना चाहिए।
सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ही ऐसे नेता हैं जो सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ मोर्चा लेने में सक्षम हैं। उन्होंने राज्यसभा से
पीएल पुनिया को टिकट देने पर भी नाराजगी जताई।
पुनिया को टिकट दिये जाने से पूर्व केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा के साथ ही कांग्रेसी विधायक विवेक सिंह भी खासे नाराज हैं। उन्होंने कहा कि पीएल पुनिया ने पहले 60 साल तक आईएएस की नौकरी की। मायावती व मुलायम सिंह यादव दोनों के खास रहे। फिर कांग्रेस में आ गये।
इस समय भी नरेंद्र मोदी की कृपा से राष्ट्रीय अनुसूचित जाति के अध्यक्ष बने हुए हैं। अब उन्हें कांग्रेस पार्टी से राज्यसभा सांसद का टिकट मिल गया है।
'बंधुआ मजदूरों की तरह हो गए विधायक'
विवेक सिंह ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस के 28 विधायक हैं। यदि एक बार किसी भी विधायक से हाई कमान ने टिकट देने से पहले पूछ लिया होता तो ज्यादा बेहतर होता।
विधायक बंधुआ मजदूरों की तरह हो गये हैं। जब कांग्रेस में राज्यसभा टिकट सपा के इशारे पर दिया जा रहा है तो यूपी में कांग्रेस को सपा में ही विलय भी कर लेना चाहिए।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वर्तमान में भाजपा जैसी सांप्रदायिक शक्तियों से मुकाबला करने के लिए सपा ही सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से कांग्रेस में विरोध है।
विवेक सिंह ने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर बुंदेलखंड के कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होने की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि बांदा में जिन्हें जिलाध्यक्ष बनाया गया है वे फतेहपुर के रहने वाले हैं।
स्थानीय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई है। कार्यकर्ता काफी मेहनत से पार्टी को सींचते हैं लेकिन जब पदों के वितरण की बारी आती है तो ऊपर से लोग बैठा दिये जाते हैं।