लखीमपुर खीरी बवाल: कांग्रेस नेता राहुल गांधी पीड़ितों से मिले, परिजनों का लिया हालचाल
योगी सरकार ने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी को लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है पर उन्हें एयरपोर्ट से बाहर नहीं निकलने दिया गया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कांग्रेस नेता राहुल गांधी लखनऊ एयरपोर्ट से निकलने के बाद सीतापुर पहुंचे और वहां प्रियंका गांधी से मिले। इसके बाद लखीमपुर खीरी पहुंचे और किसानों के परिजनों से मिले। वह जब लखनऊ एयरपोर्ट पर पहुंचे तो उन्हें बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई जिस पर वह धरने पर बैठ गए। इसके बाद उन्हें अनुमति मिली। उनके साथ पंजाब व छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भी मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ व पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने भी लखीमपुर हिंसा में मारे गए पत्रकार और किसानों के परिवारों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। दोनों मुख्यमंत्रियों ने कहा कि राहुल गांधी से हुई बातचीत के बाद उन्होंने यह फैसला किया है। दोनों ने कहा कि लखीमपुर के किसानों का दुख बांटना हम सबका काम है। इसे पहले योगी सरकार ने भी सभी मृतक आश्रितों 45-45 लाख रुपये और सरकारी नौकरी की घोषणा की चुकी है।
इसके पहले लखीमपुर खीरी जाने की कोशिश में प्रियंका गांधी को सोमवार सुबह सीतापुर में गिरफ्तार कर लिया गया था जिसके बाद से उन्हें एक गेस्ट हाउस की अस्थाई जेल में रखा गया है। प्रियंका गांधी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि उन्हें किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। यहां तक कि एफआईआर की कापी तक उन्हें नहीं दी गई है। जो कि पूरी तरह अवैध है।
बता दें कि अब से कुछ ही देर पहले यूपी के कैबिनेट मंत्री सिद्घार्थनाथ सिंह ने तंज कसते हुए कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी राजनीतिक पर्यटन के लिए लखीमपुर खीरी जाना चाहते हैं। उनकी किसानों से कोई सहानुभूति नहीं है। उनके बयान के कुछ ही देर बाद सरकार ने राहुल गांधी-प्रियंका गांधी व विपक्ष के नेताओं को लखीमपुर खीरी जाने की अनुमति दे दी है।
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल मंगलवार को भी लखनऊ आए थे पर उन्हें एयरपोर्ट से बाहर निकलने की अनुमति नहीं दी गई जिस पर वह एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठ गए। वहीं, सीतापुर में प्रियंका गांधी की गिरफ्तारी पर कांग्रेसी पूरे दिन गेस्ट हाउस के बाहर डटे रहे। कांग्रेसियों ने मशाल जुलूस व मार्च कर प्रदर्शन किया।