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रायबरेली: दिलचस्प होगी भाजपा-कांग्रेस की जंग, दलित वोट होंगे निर्णायक, भाजपा ने दिनेश पर इसलिए लगाया दांव

Fri, 03 May 2024 06:13 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला संवाद, रायबरेली
अमर उजाला संवाद, रायबरेली Published by: रोहित मिश्र Updated Fri, 03 May 2024 06:13 AM IST
सार

Rae Bareli: रायबरेली लोकसभा की जंग इस बार दिलचस्प होने जा रही है। प्रियंका गांधी के आ जाने के बाद भी यहां मामला हाई प्रोफाइल जरुर हो सकता है।

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Rae Bareli: The battle between BJP and Congress will be interesting, Dalit votes will be decisive, this is why
रायबरेली से प्रत्याशी हो सकती हैं प्रियंका। - फोटो : अमर उजाला आरकाईव।

विस्तार

गांधी परिवार के गढ़ में भाजपा हाईकमान ने बृहस्पतिवार को अपने प्रत्याशी का ऐलान कर दिया। हाई प्रोफाइल लोकसभा सीट पर प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह को दूसरी बार भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा है। इससे पूर्व 2019 के लोकसभा चुनाव में भी दिनेश प्रताप सिंह को ही भाजपा ने टिकट दिया था। 2019 लोकसभा का चुनाव भले ही दिनेश जीत न पाएं हों, लेकिन उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी को कड़ी टक्कर दी थी। इससे सोनिया गांधी की जीत का अंतर कम हो गया था।

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रायबरेली लोकसभा सीट पर चुनाव जीतने के लिए भाजपा इस बार शुरुआती दौर से ही जोरआजमाइश कर रही है। काफी समय से टिकट घोषणा को लेकर असमंजस की स्थिति चल रही थी। कभी वरुण गांधी तो कभी पूर्व मंत्री मनोज कुमार पांडेय समेत अन्य दावेदारों के चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थी। इन अटकलों पर बृहस्पतिवार को पूर्ण विराम लग गया। भाजपा ने स्थानीय चेहरे पर दूसरी बार दांव लगाते हुए दिनेश प्रताप सिंह को ही चुनाव मैदान में उतार दिया। दिनेश प्रताप सिंह कभी कांग्रेस में थे, लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले वर्ष 2018 में उन्होंने भाजपा ज्वाइन कर लिया था। पार्टी ने उन्हें चुनाव मैदान में भी उतारा था। वर्ष2019 के लोकसभा चुनाव में दिनेश ने तीन लाख 67 हजार 740 मत हासिल किए थे, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी को पांच लाख 31 हजार 918 मत मिले थे। 
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सोनिया गांधी को कड़ी टक्कर देने पर बढ़ा पार्टी में कद
2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी सोनिया गांधी को कड़ी टक्कर देने वाले उद्यान राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह एक लाख 64 हजार 178 मतों से हार गए थे। इस हार के बाद भी भाजपा में उनका कद और बढ़ गया और 2022 में जब प्रदेश में भाजपा की दूसरी बार सरकार बनी तो एमएलसी दिनेश प्रताप को उद्यान राज्य मंत्री का अहम पद दिया गया। इनसेट
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दलित वोट बैंक के सहारे चुनाव जीतने की जद्दोजहद
भाजपा का थिंकटैंक रायबरेली का किला फतेह करने के लिए २०१९ में हार के बाद से लग गया था। उस चुनाव में क्या कमी थी इसे लेकर पार्टी के भीतर प्रदेश स्तर से लेकर जिला स्तर तक आत्ममंथन किया और विधानसभा चुनाव 2022 के बाद जिला स्तर पर बड़ा फेरबदल कर बुद्धीलाल पासी को जिलाध्यक्ष बनाया। इसका मुख्य कारण रहा कि जिले में पासी जाति का वोट प्रतिशत करीब 27 फीसदी है और यह चुनाव में बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है। कांग्रेस की रणनीति भी इसी वोटबैंक पर अधिक केंद्रित रहती है तो ऐसे में भाजपा ने बुद्धीलाल पासी को जिलाध्यक्ष बनाकर मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए कांग्रेस को उसी के फार्मूले से घेरने की तैयारी की है।


इतिहास बनाएगी भाजपा
भाजपा का संगठन पिछले बार के लोकसभा चुनाव से चार गुना मजबूत है। पार्टी हाईकमान से स्थानीय प्रत्याशी को उतारने की बात कही गई थी, जिसे माना गया है। भाजपा इस बार के लोकसभा चुनाव को जीतकर नया इतिहास बनाने जा रही है।- बुद्धीलाल पासी, जिलाध्यक्ष, भाजपा

 

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