{"_id":"5d5f76ca8ebc3e6c7012f9e5","slug":"radha-give-competition-to-kanha-by-walking-on-ramp","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"नटखट, बंसी बजइया कान्हा को राधा ने रैंप वॉक कर दी टक्कर, लगा जमघट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नटखट, बंसी बजइया कान्हा को राधा ने रैंप वॉक कर दी टक्कर, लगा जमघट
Fri, 23 Aug 2019 10:46 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Fri, 23 Aug 2019 10:46 AM IST
विज्ञापन
घर घर कान्हा
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माथे पर मोर मुकुट, हाथों में बांसुरी, अधरों में माखन और पैरों में पैजनिया...। ठुमक ठुमक कर चलते, मचलते कान्हा की ऐसी ही नटखट अदाओं से जन्माष्टमी से पहले लक्ष्मणनगरी गोकुलमय हो गई। अपनी मोहिनी मुस्कान संग मंच से जब रंग जमाया तो देखने वाले सब कुछ भूलकर उन्हें ताकते ही रह गए। मौका था ‘अमर उजाला’ की ओर से हजरतगंज के विश्वेश्वरैया सभागार में आयोजित ‘घर-घर कान्हा’ कार्यक्रम का, जहां सैकड़ों कान्हा मां यशोदा के साथ आए और अपनी नटखट अदाओं से जजों का दिल जीता और पुरस्कार भी।
कान्हा संग राधा ने भी रैंप वॉक कर चुलबुली अदाओं से सभी का मन मोहा। दो वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता में गोद से लेकर घुटनों के बल चलने वाले कान्हा माताओं के साथ मंच पर खूब इठलाए तो पांच वर्ष आयुवर्ग के कान्हाओं ने कविता, श्लोक सुनाए। कुछ कान्हा मटकी लेकर आए तो कुछ एलईडी लाइट से सज कर आए। वहीं, सजीली बांसुरी और रंग-बिरंगी पगड़ियां भी कान्हा के सौंदर्य में चार चांद लगा रहे थे।
विज्ञापन
वागीशा संग खूब झूमे नटखट श्याम
घर-घर कान्हा कार्यक्रम में बाल नृत्यांगना वागीशा पंत ने धमाकेदार नृत्य प्रस्तुति से अभिभावकों को अपना मुरीद बनाया तो सज-धजकर आए कान्हा भी झूम उठे। वहीं, शहर की उभरती सिंगर आव्या ने भी एक से बढ़कर एक गीत सुनाकर सभी को झुमने को मजबूर कर दिया। शिवम वशिष्ठ के रोचक संचालन में अभिभावकों ने भी गेम्स में हिस्सा लिया और मंच पर डांस, क्विज, झटपट जवाब आदि में पुरस्कार जीते। आयोजन की जज पायनियर मांटेसरी इंटर कॉलेज एल्डिको की प्रिंसिपल डॉ. शर्मिला सिंह और फैशन डिजाइनर शिखा सूरी रहीं। रेडियो पार्टनर रेडियो मिर्ची सहयोगी रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कान्हा संग राधा ने भी रैंप वॉक कर चुलबुली अदाओं से सभी का मन मोहा। दो वर्गों में आयोजित प्रतियोगिता में गोद से लेकर घुटनों के बल चलने वाले कान्हा माताओं के साथ मंच पर खूब इठलाए तो पांच वर्ष आयुवर्ग के कान्हाओं ने कविता, श्लोक सुनाए। कुछ कान्हा मटकी लेकर आए तो कुछ एलईडी लाइट से सज कर आए। वहीं, सजीली बांसुरी और रंग-बिरंगी पगड़ियां भी कान्हा के सौंदर्य में चार चांद लगा रहे थे।
विज्ञापन
वागीशा संग खूब झूमे नटखट श्याम
घर-घर कान्हा कार्यक्रम में बाल नृत्यांगना वागीशा पंत ने धमाकेदार नृत्य प्रस्तुति से अभिभावकों को अपना मुरीद बनाया तो सज-धजकर आए कान्हा भी झूम उठे। वहीं, शहर की उभरती सिंगर आव्या ने भी एक से बढ़कर एक गीत सुनाकर सभी को झुमने को मजबूर कर दिया। शिवम वशिष्ठ के रोचक संचालन में अभिभावकों ने भी गेम्स में हिस्सा लिया और मंच पर डांस, क्विज, झटपट जवाब आदि में पुरस्कार जीते। आयोजन की जज पायनियर मांटेसरी इंटर कॉलेज एल्डिको की प्रिंसिपल डॉ. शर्मिला सिंह और फैशन डिजाइनर शिखा सूरी रहीं। रेडियो पार्टनर रेडियो मिर्ची सहयोगी रहे।
जब कान्हा जमघट लगा
बेटे अध्यांश को लेकर घर-घर कान्हा प्रतियोगिता में आई हूं। यहां इतने सारे कान्हा देखकर तो मेरा कान्हा रुक ही नहीं रहा, गजब इवेंट है।
- प्रिंसी त्रिपाठी, अलीगंज।
मेरी बिटिया निरभी सरकार कान्हा बनकर आई है। बहुत दूर से आए हैं। जैसी उम्मीद थी उससे कहीं ज्यादा बेहतरीन आयोजन है। कान्हा का जमघट है यहां।
- उत्कर्ष, गोसाईगंज।
घर-घर कान्हा प्रतियोगिता के लिए बेटे तेजस को खूब सजा धजा कर लाई हूं। यहां एक से एक सजीले कान्हा आए हुए हैं। शानदार आयोजन है।
- सविता पांडे, सरोजनीनगर।
कान्हा बनकर आया मेरा हनी अपने उम्र के कई कान्हा को देखकर उत्साहित है। बच्चों के बीच इतने कान्हा हैं, सब एक से बढ़कर एक सजधज कर आए हैं।
- अंशिका त्रिवेदी, आलमबाग।
भतीजे अश्रुत अचिंत्य पांडे को बड़े मन से कान्हा के रूप में सजाया है। अब मंच पर उससे परफॉर्मेंस करवानी है। अमर उजाला के इस इवेंट का बेसब्री से इंतजार रहता है।
- ले. डॉ. कुमुद पांडेय, मड़ियांव।
- प्रिंसी त्रिपाठी, अलीगंज।
मेरी बिटिया निरभी सरकार कान्हा बनकर आई है। बहुत दूर से आए हैं। जैसी उम्मीद थी उससे कहीं ज्यादा बेहतरीन आयोजन है। कान्हा का जमघट है यहां।
- उत्कर्ष, गोसाईगंज।
घर-घर कान्हा प्रतियोगिता के लिए बेटे तेजस को खूब सजा धजा कर लाई हूं। यहां एक से एक सजीले कान्हा आए हुए हैं। शानदार आयोजन है।
- सविता पांडे, सरोजनीनगर।
कान्हा बनकर आया मेरा हनी अपने उम्र के कई कान्हा को देखकर उत्साहित है। बच्चों के बीच इतने कान्हा हैं, सब एक से बढ़कर एक सजधज कर आए हैं।
- अंशिका त्रिवेदी, आलमबाग।
भतीजे अश्रुत अचिंत्य पांडे को बड़े मन से कान्हा के रूप में सजाया है। अब मंच पर उससे परफॉर्मेंस करवानी है। अमर उजाला के इस इवेंट का बेसब्री से इंतजार रहता है।
- ले. डॉ. कुमुद पांडेय, मड़ियांव।
बेटे को सबसे अलग कृष्ण बनाने के लिए एलईडी लाइट की सजावट का एक्सपेरिमेंट किया है। जगमग लाइट से मेरा कान्हा मंच पर मौजूद अन्य कान्हा से अलग दिख रहा है।
- आकांक्षा त्रिवेदी, रुचिखंड आशियाना।
अमर उजाला घर-घर कान्हा करवा रहा था तो बेटी अहाना सिंह राधा सी संवर कर आई है। इवेंट से बच्चों में कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।
- रीनू सिंह, गोमतीनगर।
कान्हा बनाने के लिए बेटे को पगड़ी, घुटनों तक के पीतपट से सजाया है। घर-घर कान्हा में आए इतने कान्हा देखकर जाने का मन ही नहीं कर रहा।
- प्रियंका गर्ग, अलीगंज।
बेटी आरना को प्रतियोगिता में अन्य कान्हा और राधा के बीच प्रतिभाग करता देखना अच्छा लगा। साथ ही यहां सेल्फी स्टैंड में सेल्फी कर ईनाम जीतने का मौका भी है।
- शिवानी गुप्ता, फरीदीनगर।
बेटा संस्कार मेरे लिए कृष्ण ही है। कान्हा सा सजा कर लाई हूं। मंच पर प्रस्तुति नहीं कर पाया, जिससे थोड़ा मायूस है। ओवर ऑल इवेंट शानदार रहा।
- शिखा त्रिपाठी, कृष्णानगर।
- आकांक्षा त्रिवेदी, रुचिखंड आशियाना।
अमर उजाला घर-घर कान्हा करवा रहा था तो बेटी अहाना सिंह राधा सी संवर कर आई है। इवेंट से बच्चों में कॉन्फिडेंस भी बढ़ता है।
- रीनू सिंह, गोमतीनगर।
कान्हा बनाने के लिए बेटे को पगड़ी, घुटनों तक के पीतपट से सजाया है। घर-घर कान्हा में आए इतने कान्हा देखकर जाने का मन ही नहीं कर रहा।
- प्रियंका गर्ग, अलीगंज।
बेटी आरना को प्रतियोगिता में अन्य कान्हा और राधा के बीच प्रतिभाग करता देखना अच्छा लगा। साथ ही यहां सेल्फी स्टैंड में सेल्फी कर ईनाम जीतने का मौका भी है।
- शिवानी गुप्ता, फरीदीनगर।
बेटा संस्कार मेरे लिए कृष्ण ही है। कान्हा सा सजा कर लाई हूं। मंच पर प्रस्तुति नहीं कर पाया, जिससे थोड़ा मायूस है। ओवर ऑल इवेंट शानदार रहा।
- शिखा त्रिपाठी, कृष्णानगर।
जीशान और जुबेर ने जीता दिल
कार्यक्रम में कान्हा बनकर आए जीशान और जुबेर ने सभी का दिल जीत लिया। मां अर्शी जीशान को मोर मुकुट, बांसुरी संग कान्हा के गेटअप में सजाकर लाई थी। जीशान ने मंच पर ताइक्वांडो का प्रदर्शन कर सभी को रोमांचित भी किया।
वहीं, अमाइरा भी बेटे जुबेर को कान्हा बनाकर लाई, जिसकी नटखट अदाओं पर हर कोई मुग्ध हुआ। इसी तरह कृष्ण बलराम के गेटअप में त्रिवेणीनगर से आए तेज व ओजस भाइयों की अदाओं ने भी खूब आकर्षित किया। मां शोभा के साथ आद्विक श्रीवास्तव भी कान्हा बनकर आए तो शशिभूषण मिश्रा भी अपनी बेटी को कान्हा बनाकर लाए। पगड़ी में सजकर तेजस डालमिया आए तो कई कान्हा श्लोक सुनाकर तालियां बटोरते रहे।
वहीं, अमाइरा भी बेटे जुबेर को कान्हा बनाकर लाई, जिसकी नटखट अदाओं पर हर कोई मुग्ध हुआ। इसी तरह कृष्ण बलराम के गेटअप में त्रिवेणीनगर से आए तेज व ओजस भाइयों की अदाओं ने भी खूब आकर्षित किया। मां शोभा के साथ आद्विक श्रीवास्तव भी कान्हा बनकर आए तो शशिभूषण मिश्रा भी अपनी बेटी को कान्हा बनाकर लाए। पगड़ी में सजकर तेजस डालमिया आए तो कई कान्हा श्लोक सुनाकर तालियां बटोरते रहे।