घर-घर राधा और कान्हा: लखनऊ में उतर आई गोकुल की गलियां, राधा-कृष्ण की संयुक्त जोड़ी में आद्या-कृतिका प्रथम
अमर उजाला और यूपीएमआरसी की तरफ से आयोजित घर घर राधा और कान्हा के महा उत्सव में मानों लखनऊ में गोकुल और बरसाने की गलियां ही उतर आई हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अमर उजाला और यूपीएमआरसी की तरफ से आयोजित घर घर राधा और कान्हा के महा उत्सव पर जब कृष्ण और राधा का रूप धरे सैंकड़ो बच्चे रविवार की दोपहर हजरतगंज मेट्रो स्टेशन पहुंचे तो हर किसी की निगाहें थम गईं। अपनी-अपनी मांओं की अंगुली पकड़े राजसी व मनमोहक 16 श्रृंगार में सजे 16 कलाओं के मालिक राधा और कृष्ण के इन रूपों को देखकर ऐसा लगा कि जैसे गोकुल और बरसाने की गलियों समेत पूरा ब्रज क्षेत्र लखनऊ में उतर आया हो। कार्यक्रम में हुई प्रतियोगिताओं में राधा-कृष्ण के रूप में आद्या-कृतिका की जोड़ी प्रथम रही। वहीं, राधा रूप में अनन्या त्रिवेदी तो कृष्ण रूप में विवान ने प्रथम स्थान हासिल किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि और यूपी मेट्रो के निदेशक आपरेशन प्रशांत मिश्रा व विशिष्ट अतिथि और इस्कान मंदिर के उपाध्यक्ष भोक्ता राम प्रभु ने की। प्रतिभागियों के सजने संवरने के साथ सुबह 11:30 बजे शुरू हुए कार्यक्रम में अब तक के सारे रिकार्ड तोड़ते हुए 400 से ज्यादा प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। राधे-राधे के जयकारे के साथ शुरु हुए इस कार्यक्रम में सबसे पहले राधा और फिर कृष्ण के मनमोहक बाल रूप एक एक कर मंच पर आए, जिन्हें विद्वान व अनुभवी ज्यूरी सदस्यों ने बड़ी बारीकी से रूप विन्यास, परिधान, साज सज्जा और मोहक मुस्कान को देखते हुए उनकी प्रस्तुति पर अंक दिए।
इसके बाद राधा कृष्ण की जोड़ियों के बाल रूप का प्रदर्शन हुआ, जिसमें ज्यूरी में शामिल जजों में उद्यमी नेहा गोयल, बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर निर्मला जोशी और फैशन डिजाइनर अभिषेक ने आद्या और कृतिका की जोड़ी को प्रथम स्थान दिया। इसी तरह राधा के रूप में अनन्या त्रिवेदी और कृष्ण रूप में विवान को प्रथम घोषित किया गया। तीनों श्रेणियों में पांच पांच प्रतिभागियों का चयन किया गया, जिन्हें अतिथियों ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस दौरान सबसे ज्यादा उत्साह राधा और कृष्ण के इन बाल रूपों के माता पिता में देखने को मिला, जो दस दस दिन से इस प्रतियोगिता का इंतजार कर रहे थे और शहर के अलग अलग छोरों से पहुंचे थे। अंत में सभी को प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
ये रहे विजेता
राधा कृष्ण की जोड़ी में आद्या कृतिका की जोड़ी प्रथम रही। जबकि, विख्या और वारान्या की जोड़ी दूसरे, विरेन अनुषा की तीसरे, कैवल्या-अनन्या की चौथे तो पांचवे स्थान पर पलक और श्रद्धा की जोड़ी रही।
कृष्णा के बाल रूप में इनका हुआ चयन
कृष्णा कैटेगरी में विवान प्रथम, शताक्षी मिश्रा दूसरा, वेदराज ने तीसरा, शिवांक राजपूत ने चौथा तो कृतिका सिंह ने पांचवा स्थान हासिल किया।
राधा के बालरूप में इनका हुआ चयन
राधा की कैटेगरी में अनन्या त्रिवेदी प्रथम रहीं, तो आद्रिका दूसरे, ऐमल इदरीसी तीसरे, अनाया रावत चौथे और पांचवे स्थान पर वेदांश रहीं।