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UP News: सड़कों के निर्माण में रुचि नहीं ले रहे पीडब्ल्यूडी के अफसर, बजट जारी न होने पर शासन सख्त
Sat, 25 Feb 2023 10:53 AM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 25 Feb 2023 10:53 AM IST
सार
प्रमुख सड़कों के मद में 1175 करोड़ रुपये का बजट जारी न होने पर शासन सख्त हो गया है। शासन ने बजट सरेंडर होने की स्थिति में कार्रवाई के लिए मुख्यालय से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : संवाद
विस्तार
सड़कों के निर्माण में पीडब्ल्यूडी के अफसर ही रुचि नहीं ले रहे हैं। प्रमुख जिला और अन्य जिला मार्गों के निर्माण के लिए मिले 1175 करोड़ रुपये अब तक जारी न होने पर शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। साथ ही वित्त वर्ष के अंत में बजट सरेंडर होने की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए मुख्यालय से प्रस्ताव मांगा है।
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शासन की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2022-23 में प्रमुख व अन्य जिला मार्गों के चालू कार्यों के लिए एक अप्रैल 2022 को 5233.28 करोड़ की देयता बताई गई थी। इसके मद्देनजर वर्ष 2022-23 के मूल बजट में 1903.79 करोड़, पुनर्विनियोग के माध्यम से 507.68 करोड़ और अनुपूरक बजट में 1000 करोड़, इस तरह कुल 3411.47 करोड़ की बजट व्यवस्था कराई गई। लेकिन, 23 फरवरी तक इस मद में 2236.36 करोड़ की ही जारी हो पाई है।
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वर्तमान में ओडीआर और एमडीआर के 450 कार्य स्वीकृत हैं। इन पर काम कराने के लिए 334.62 करोड़ की बचत राशि उपलब्ध है। इसके बाद भी इन कामों को पूरा कराने के लिए 2706.59 करोड़ की जरूरत है। इन कामों को तेज गति से पूरा कराने में विभागीय अधिकारी अपेक्षित रुचि नहीं ले रहे हैं। इतना ही नहीं कई काम तो ऐसे हैं, जो पूर्ण हो चुके हैं, लेकिन उन पर अभी भी अवशेष (और राशि की आवश्यकता) बताई जा रही है।
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पीडब्ल्यूडी मुख्यालय को निर्देश दिए गए हैं कि वित्त वर्ष की समाप्ति पर इस योजना के अंतर्गत बजट में प्राविधानित राशि के समर्पण की स्थिति पैदा होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों को चिह्नित कर उनके खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई करने का प्रस्ताव शासन को उपलब्ध कराएं।