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यौन उत्पीड़न में फंसे पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता एके जैन
Wed, 11 Nov 2020 07:27 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 11 Nov 2020 07:27 PM IST
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लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रमुख अभियंता एके जैन यौन उत्पीड़न के आरोप में फंस गए हैं। सिंचाई विभाग में प्रतिनियुक्ति पर तैनाती के दौरान एक महिला स्टेनो ने उनके खिलाफ शासन से शिकायत की थी। विशाखा गाइडलाइंस के तहत विशेष सचिव की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने उन्हें दोषी करार दिया है। आगे की कार्रवाई के लिए फाइल विभाग को भेज दी गई है।
मामला वर्ष 2018 का है। तब एके जैन प्रतिनियुक्ति पर सिंचाई विभाग की टीएसी (टेक्निकल ऑडिट सेल) में बतौर मुख्य प्राविधिक परीक्षक (सीटीई) के पद पर तैनात थे। टीएसी में ही तैनात एक महिला स्टेनो ने उन पर यौन उत्पीड़न (सैक्सुअल हैरसमेंट) का आरोप लगाते हुए शासन को पत्र भेजा था। इस पर शासन ने विशाखा गाइडलाइंस के अंतर्गत विशेष सचिव अनीता वर्मा सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की थी।
कमेटी ने दोनों के बयान लेने बाद रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें आरोप सही बताए गए हैं। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट का परीक्षण कराया जा रहा है। शीघ्र ही इसमें कार्रवाई तय मानी जा रही है। एक जैन एक जुलाई 2020 को प्रमुख अभियंता के पद पर पदोन्नति पाने के बाद अपने मूल विभाग पीडब्ल्यूडी में वापस आ गए हैं। वर्तमान में उनके पास प्रमुख अभियंता, ग्रामीण सड़क की जिम्मेदारी है।
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उधर, प्रमुख अभियंता एके जैन ने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। गोमती रिवर फ्रंट की जांच के दौरान स्टेनो को उसके पद से संबंधित कुछ काम बताए गए थे, पर उसने इन्हें नहीं किया। इतना ही बिना बताए छुट्टी पर चली गई। शासन को उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए मैंने पत्र लिखा तो मेरे ऊपर झूठे आरोप लगा दिए। जांच कमेटी ने न तो ठीक से मेरे बयान लिए और न ही इस कमेटी का गठन वैधानिक रूप से उचित था।
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मामला वर्ष 2018 का है। तब एके जैन प्रतिनियुक्ति पर सिंचाई विभाग की टीएसी (टेक्निकल ऑडिट सेल) में बतौर मुख्य प्राविधिक परीक्षक (सीटीई) के पद पर तैनात थे। टीएसी में ही तैनात एक महिला स्टेनो ने उन पर यौन उत्पीड़न (सैक्सुअल हैरसमेंट) का आरोप लगाते हुए शासन को पत्र भेजा था। इस पर शासन ने विशाखा गाइडलाइंस के अंतर्गत विशेष सचिव अनीता वर्मा सिंह की अध्यक्षता में एक जांच कमेटी गठित की थी।
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कमेटी ने दोनों के बयान लेने बाद रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें आरोप सही बताए गए हैं। शासन के उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट का परीक्षण कराया जा रहा है। शीघ्र ही इसमें कार्रवाई तय मानी जा रही है। एक जैन एक जुलाई 2020 को प्रमुख अभियंता के पद पर पदोन्नति पाने के बाद अपने मूल विभाग पीडब्ल्यूडी में वापस आ गए हैं। वर्तमान में उनके पास प्रमुख अभियंता, ग्रामीण सड़क की जिम्मेदारी है।
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उधर, प्रमुख अभियंता एके जैन ने कहा कि मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। गोमती रिवर फ्रंट की जांच के दौरान स्टेनो को उसके पद से संबंधित कुछ काम बताए गए थे, पर उसने इन्हें नहीं किया। इतना ही बिना बताए छुट्टी पर चली गई। शासन को उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए मैंने पत्र लिखा तो मेरे ऊपर झूठे आरोप लगा दिए। जांच कमेटी ने न तो ठीक से मेरे बयान लिए और न ही इस कमेटी का गठन वैधानिक रूप से उचित था।