पुष्पक एक्सप्रेस की थर्ड एसी बोगी में बुधवार को किनारे की ऊपर वाली सीट टूटकर गिर गई। इससे महिला और बच्ची बुरी तरह जख्मी हो गए। महिला ने छह महीने की दुधमुंही को बचा लिया। यात्रियों ने रेल प्रशासन को सूचना दी, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही से यात्रियों को कानपुर में इलाज मिल सका।
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पुष्पक की एसी बोगी में हुआ हादसा, बर्थ टूटकर गिरी, दो जख्मी व दुधमुंही को बचाया
Thu, 05 Dec 2019 12:54 PM IST
दुष्यंत शर्मा
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 05 Dec 2019 12:54 PM IST
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पुष्पक एक्सप्रेस में ऊपर की बर्थ टूटकर गिरने से महिला के पैर में चोटें आईं
- फोटो : अमर उजाला
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पुष्पक एक्सप्रेस में ऊपर की बर्थ टूटकर गिरी
- फोटो : अमर उजाला
इससे ट्रेन करीब डेढ़ घंटे लेट हो गई। मुंबई जाने वाली ट्रेन 12533 पुष्पक एक्सप्रेस के रात पौने आठ बजे लखनऊ जंक्शन से निकलते ही हादसा हो गया। थर्ड एसी बोगी बी-1 पर परिवार के साथ यात्रा कर रहे दीपक ने बताया कि किनारे की ऊपर वाली 24 नंबर सीट पर उनकी बेटी ऐशानी बैठी थी। अचानक उसकी सीट टूटकर नीचे गिर गई, जिससे नीचे की बर्थ पर यात्रा कर रही रिश्तेदार ऋषिका माथुर बुरी तरह जख्मी हो गई।
महिला के पैर में चोटें आईं
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, ऐशानी के पैर भी जख्मी हो गए। ऋषिका के कंधे में चोटें आई हैं। उन्हें जैसे-तैसे सीट हटाकर निकाला गया। इसके बाद टीटीई को हादसे की जानकारी देकर मामला आला अधिकारियों तक पहुंचा गया। ट्रेन कानपुर पहुंचने पर चोटिलों को इलाज मिला। इसके बाद वे यात्रा रद्द कर कानपुर में उतर गए।
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पुष्पक एक्सप्रेस में ऊपर की बर्थ टूटकर गिरी
- फोटो : अमर उजाला
लखनऊ में चोट, कानपुर में इलाज
सूचना मिलते ही टीटीई ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी। दीपक ने शिकायत दर्ज कराई कि इसके बाद भी अधिकारी मामला टालते रहे। ट्रेन कानपुर पहुंचने पर डॉक्टर पहुंचे। हद तो यह है कि लखनऊ से निकलते ही हादसा हुआ पर इलाज कानपुर में मिला।
सूचना मिलते ही टीटीई ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी। दीपक ने शिकायत दर्ज कराई कि इसके बाद भी अधिकारी मामला टालते रहे। ट्रेन कानपुर पहुंचने पर डॉक्टर पहुंचे। हद तो यह है कि लखनऊ से निकलते ही हादसा हुआ पर इलाज कानपुर में मिला।
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महिला के पैर में चोटें आईं
- फोटो : अमर उजाला
कमजोर वेल्डिंग से हुआ हादसा
यात्रियों ने शिकायत की कि सीट की वेल्डिंग कमजोर थी। इसके चलते हादसा हुआ। बता दें कि पुष्पक की मेंटेनेंस व धुलाई का काम पूर्वोत्तर रेलवे की ऐशबाग कोचिंग डिपो में होती है। इसमें लापरवाही के चलते ही घटना हुई। ट्रेन की जर्जर बोगियों की शिकायतें यात्री सोशल मीडिया में दर्ज कराते रहते हैं।
यात्रियों ने शिकायत की कि सीट की वेल्डिंग कमजोर थी। इसके चलते हादसा हुआ। बता दें कि पुष्पक की मेंटेनेंस व धुलाई का काम पूर्वोत्तर रेलवे की ऐशबाग कोचिंग डिपो में होती है। इसमें लापरवाही के चलते ही घटना हुई। ट्रेन की जर्जर बोगियों की शिकायतें यात्री सोशल मीडिया में दर्ज कराते रहते हैं।