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इन तरीकों से दो मिनट में खुद जांचे दूध से बनी चीजों में मिलावट
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Sun, 21 May 2017 04:46 PM IST
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अब आम शहरी भी दूध और उससे बनने वाली खाद्य सामग्रियों की जांच घर बैठे कर सकेंगे। खाद्य सुरक्षा व औषधि प्रशासन की जिला इकाई की टीमें शहर में जगह-जगह जागरूकता शिविर आयोजित कर आम लोगों को दूध व दूध से निर्मित खाद्य सामग्री की शुद्धता जांचने के गुर सिखाएंगी।
एफएसडीए का मानना है कि गर्मी में जब दूध की आपूर्ति घट जाती है तो मांग पूरी करने के लिए मिलावट बढ़ जाती है। जागरूकता अभियान के तहत एफएसओ की टीम ने शनिवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह की अगुवाई में चारबाग बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व नाका चौराहा क्षेत्र में संचालित स्ट्रीट फूड वेंडरों के बीच पहुंच कर उन्हें खाद्य सुरक्षा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्हें नि:शुल्क शेफ एप्रैन, प्लास्टिक का दस्ताना व सिर पर बाल छिपाने के लिए कैप भी वितरित की।
दूध में ऐसे परखें मिलावट
पानी : दूध की एक बूंद को चिकने या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।
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स्टार्च : टिंक्चर आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाने पर स्टार्च युक्त दूध में नीला रंग आ जाता है। टिंक्चर आयोडीन दवा दुकान से आसानी से मिल जाता है।
यूरिया : दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाकर हिलाएं फिर इसे पांच मिनट के लिए रख दें। इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग लाल से नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट तय मानी जाए। लाल लिटमस पेपर स्ट्रिप स्टेशनरी की दुकान से मिल जाएगा।
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एफएसडीए का मानना है कि गर्मी में जब दूध की आपूर्ति घट जाती है तो मांग पूरी करने के लिए मिलावट बढ़ जाती है। जागरूकता अभियान के तहत एफएसओ की टीम ने शनिवार को मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसपी सिंह की अगुवाई में चारबाग बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन व नाका चौराहा क्षेत्र में संचालित स्ट्रीट फूड वेंडरों के बीच पहुंच कर उन्हें खाद्य सुरक्षा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्हें नि:शुल्क शेफ एप्रैन, प्लास्टिक का दस्ताना व सिर पर बाल छिपाने के लिए कैप भी वितरित की।
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दूध में ऐसे परखें मिलावट
पानी : दूध की एक बूंद को चिकने या चमकदार तिरछी सतह पर डालने से शुद्ध दूध की बूंद धीरे-धीरे आगे बढ़कर पीछे एक सफेद निशान छोड़कर बहती है, जबकि पानी मिला दूध तेजी से बिना निशान छोड़े बहेगा।
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स्टार्च : टिंक्चर आयोडीन की कुछ बूंदें मिलाने पर स्टार्च युक्त दूध में नीला रंग आ जाता है। टिंक्चर आयोडीन दवा दुकान से आसानी से मिल जाता है।
यूरिया : दूध में यूरिया की जांच के लिए एक परखनली में थोड़ा दूध लेकर उसमें आधा चम्मच सोयाबीन या अरहर पाउडर मिलाकर हिलाएं फिर इसे पांच मिनट के लिए रख दें। इसके बाद इसमें एक लाल लिटमस पेपर डुबाने पर पेपर का रंग लाल से नीला हो जाए तो दूध में यूरिया की मिलावट तय मानी जाए। लाल लिटमस पेपर स्ट्रिप स्टेशनरी की दुकान से मिल जाएगा।
ये भी जांचें
दुग्ध उत्पादन की आर्थिकी
- फोटो : अमर उजाला
वनस्पति : 3 से 5 मिली दूध एक परखनली में लेकर उसमें 10 बूंद हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं एक चम्मच चीनी मिलाने के पांच मिनट बाद लाल रंग दिखाई देने लगे तो दूध में वनस्पति की मिलावट होती है।
फार्मलीन : 10 मिली दूध एक परखनली में लेकर किनारे से सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल बिना हिलाए डालने पर बैंगनी या नीला रिंग चक्र बनने लगता है।
डिटर्जेंट : 5 से 10 मिली दूध एवं बराबर मात्रा में पानी मिलाकर हिलाने पर अगर झाग बनने लगे तो दूध में डिटर्जेंट की मिलावट होती है।
सिंथेटिक दूध : सिंथेटिक दूध का स्वाद कड़वा होता है। इसे अंगुलियों के बीच रगड़ने पर साबुन के जैसा महसूस होता है तथा गर्म करने पर दूध में पीलापन दिखने लगता है।
फार्मलीन : 10 मिली दूध एक परखनली में लेकर किनारे से सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल बिना हिलाए डालने पर बैंगनी या नीला रिंग चक्र बनने लगता है।
डिटर्जेंट : 5 से 10 मिली दूध एवं बराबर मात्रा में पानी मिलाकर हिलाने पर अगर झाग बनने लगे तो दूध में डिटर्जेंट की मिलावट होती है।
सिंथेटिक दूध : सिंथेटिक दूध का स्वाद कड़वा होता है। इसे अंगुलियों के बीच रगड़ने पर साबुन के जैसा महसूस होता है तथा गर्म करने पर दूध में पीलापन दिखने लगता है।
दही और रबड़ी में भी पकड़ें मिलावट
दही
- फोटो : getty images
दही में मिलावट पकड़नी हो तो एक चम्मच दही परखनली में लेकर 10 बूंद हाड्रोक्लोरिक अम्ल डालकर हिलाएं, अगर इसका रंग लाल हो जाए तो दही में वनस्पति की मिलावट होती है। वहीं रबड़ीमें मिलावट पकड़ने के लिए एक चम्मच रबड़ी एवं तीन मिली हाइड्रोक्लोरिक अम्ल एवं तीन मिली पानी मिलाए फिर इसे एक शीशे के छोटे टुकड़े से खूब फेटने पर अगर शीशे के टुकड़े पर रेशेनुमा संरचना दिखाई देता है तो समझिए मिलावट है।
यहां करें शिकायत
अगर आपको मिलावट मिले तो शिकायत एवं जानकारी के लिए एफएसडीए के टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर संपर्क किया जा सकता है।
यहां करें शिकायत
अगर आपको मिलावट मिले तो शिकायत एवं जानकारी के लिए एफएसडीए के टोल फ्री नंबर 1800-180-5533 पर संपर्क किया जा सकता है।