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Lucknow News: रूपामऊ में सवा घंटे खड़ी रही पंजाब मेल
Sun, 17 Nov 2024 02:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 17 Nov 2024 02:07 AM IST
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रायबरेली। रूपामऊ और रायबरेली स्टेशनों के बीच पटरियों के किनारे मालगाड़ी से गिट्टियां गिराने का काम शनिवार देर शाम हुआ। इसकी वजह से दो ट्रेनें प्रभावित हुईं। पंजाब मेल सवा घंटे तक रूपामऊ में खड़ी रही, वहीं काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस को भी फुरसतगंज और रूपामऊ में 10-10 मिनट के लिए रोका गया।
हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल करीब सवा चार घंटे देर से रूपामऊ स्टेशन पहुंची, लेकिन लगभग सवा घंटे तक खड़ी रहने के कारण साढ़े पांच घंटे लेट हो गई। रूपामऊ में इस ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। स्टेशन भी छोटा है और अंधेरा होने के कारण यात्री ट्रेन में दुबके बैठे रहे। इसके बाद बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी करीब पौन घंटे देरी से अमेठी जिले के फुरसतगंज स्टेशन पहुंची, जहां 10 मिनट रोकी गई।
इसके बाद रूपामऊ स्टेशन आई तो यहां भी 10 मिनट तक रोका गया, जिससे ट्रेन की लेटलतीफी एक घंटे से ज्यादा हो गई। दोनों स्टेशनों पर ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। दूसरी तरफ लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन एक घंटे विलंब से रायबरेली स्टेशन पहुंची, लेकिन आधे घंटे तक रोकी गई। इससे यह ट्रेन डेढ़ घंटे लेट हो गई।
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स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन में दो कोच जोड़कर प्रतापगढ़ भेजे जाने थे, जिसके लिए यह ट्रेन रोकी गई। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पंजाब मेल को पिछले स्टेशनों पर इसलिए रोका गया, क्योंकि रूपामऊ से रायबरेली की तरफ एक मालगाड़ी से गिट्टियां गिराई जा रही थीं। इस वजह से ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था।
मवेशी फंसने के कारण दो ट्रेनों का संचालन प्रभावित
रायबरेली। उन्नाव-ऊंचाहार रेल मार्ग पर शनिवार को सुबह दो ट्रेनें प्रभावित रहीं। इन ट्रेनों को एक-एक घंटे के लिए रोका गया। कानपुर से प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से एक मवेशी फंस गया। यह घटना लालगंज और ऊंचाहार स्टेशनों के बीच घटी। फंसे मवेशी को निकालने के चक्कर में करीब एक घंटे तक यह ट्रेन रास्ते में खड़ी रही।
इसी बीच रायबरेली से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी डलमऊ स्टेशन पहुंच गई, जिसे करीब एक घंटे तक रोका गया। प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रोके जाने के कारण एक घंटे लेट हो गई। कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पहले से ही करीब आधे घंटे लेट थी। रोके जाने के कारण डेढ़ घंटे लेट हो गई। यातायात निरीक्षक बाल मुकुंद ने बताया कि मवेशी के फंसने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
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हावड़ा से अमृतसर जाने वाली पंजाब मेल करीब सवा चार घंटे देर से रूपामऊ स्टेशन पहुंची, लेकिन लगभग सवा घंटे तक खड़ी रहने के कारण साढ़े पांच घंटे लेट हो गई। रूपामऊ में इस ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। स्टेशन भी छोटा है और अंधेरा होने के कारण यात्री ट्रेन में दुबके बैठे रहे। इसके बाद बनारस से नई दिल्ली जाने वाली काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस भी करीब पौन घंटे देरी से अमेठी जिले के फुरसतगंज स्टेशन पहुंची, जहां 10 मिनट रोकी गई।
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इसके बाद रूपामऊ स्टेशन आई तो यहां भी 10 मिनट तक रोका गया, जिससे ट्रेन की लेटलतीफी एक घंटे से ज्यादा हो गई। दोनों स्टेशनों पर ट्रेन का स्टॉपेज नहीं है। दूसरी तरफ लखनऊ से प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन एक घंटे विलंब से रायबरेली स्टेशन पहुंची, लेकिन आधे घंटे तक रोकी गई। इससे यह ट्रेन डेढ़ घंटे लेट हो गई।
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स्टेशन अधीक्षक रवि रंजन ने बताया कि पैसेंजर ट्रेन में दो कोच जोड़कर प्रतापगढ़ भेजे जाने थे, जिसके लिए यह ट्रेन रोकी गई। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस पंजाब मेल को पिछले स्टेशनों पर इसलिए रोका गया, क्योंकि रूपामऊ से रायबरेली की तरफ एक मालगाड़ी से गिट्टियां गिराई जा रही थीं। इस वजह से ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया था।
मवेशी फंसने के कारण दो ट्रेनों का संचालन प्रभावित
रायबरेली। उन्नाव-ऊंचाहार रेल मार्ग पर शनिवार को सुबह दो ट्रेनें प्रभावित रहीं। इन ट्रेनों को एक-एक घंटे के लिए रोका गया। कानपुर से प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से एक मवेशी फंस गया। यह घटना लालगंज और ऊंचाहार स्टेशनों के बीच घटी। फंसे मवेशी को निकालने के चक्कर में करीब एक घंटे तक यह ट्रेन रास्ते में खड़ी रही।
इसी बीच रायबरेली से कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन भी डलमऊ स्टेशन पहुंच गई, जिसे करीब एक घंटे तक रोका गया। प्रयागराज जाने वाली पैसेंजर ट्रेन रोके जाने के कारण एक घंटे लेट हो गई। कानपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन पहले से ही करीब आधे घंटे लेट थी। रोके जाने के कारण डेढ़ घंटे लेट हो गई। यातायात निरीक्षक बाल मुकुंद ने बताया कि मवेशी के फंसने के कारण ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।