यूपी: नलकूप चालक चयन परीक्षा रद्द मामले में मेरठ एसटीएफ ने 11 को दबोचा, पेपर बरामद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) की रविवार को प्रस्तावित नलकूप चालक चयन परीक्षा का पेपर लीक हो गया है। आयोग ने राजधानी लखनऊ सहित आठ केंद्रों पर होने वाली प्रतियोगी परीक्षा स्थगित कर दी है। प्रकरण की जांच एसटीएफ को सौंपी गई है।
वहीं पेपर लीक मामले में मेरठ एसटीएफ ने बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। टीम ने 11 लोगों को दबोचा है इसके अलावा पेपर बरामद किए हैं। प्रिंटिंग प्रेस और ट्रेजरी की तलाश जारी है। संदेह जताया जा रहा है कि इसमें परीक्षा आउट कराने वाले माफिया राणा गैंग का हाथ है।
आज यूपी में आज नलकूप चालक चयन परीक्षा होनी थी, लेकिन उससे पहले ही शनिवार को उसका पेपर लीक हो गया है। जिसके बाद
यूपीएसएसएससी ने चयन परीक्षा को स्थगित कर दिया था।
आपको बता दें कि नलकूप चालक चयन परीक्षा के लिए आवेदन पिछली सरकार में लिए गए थे। 3210 पदों के लिए दो लाख से अधिक आवेदन आए थे। नई सरकार में आयोग के पुनर्गठन के बाद इसकी चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का फैसला हुआ था।
आयोग ने राजधानी लखनऊ के साथ कानपुर, इलाहाबाद, गोरखपुर, वाराणसी, मेरठ, बरेली और आगरा में लिखित परीक्षा कराने का फैसला किया था। परीक्षा केलिए करीब 400 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे और ट्रेजरी को प्रश्नपत्र भेज गए थे।
आयोग तैयारी में जुटा रहा, पेपर सोशल मीडिया पर छा गया
आयोग शनिवार को नलकूप चालक की रविवार की परीक्षा की तैयारी में जुटा था कि इसी बीच सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्र वायरल हो गया। आयोग केअध्यक्ष सीबी पालीवाल ने बताया कि वायरल प्रश्नपत्र का मिलान कराया गया है। इसमें पेपर लीक होने की पुष्टि हुई है। ऐसे में रविवार को होने वाली लिखित परीक्षा स्थगित करते हुए प्रकरण को जांच के लिए पुलिस की एसटीएफ को सौंप दिया गया है। पालीवाल ने बताया कि आयोग जल्दी ही परीक्षा की नई तिथि पर निर्णय करेगा।
प्रिंटिंग प्रेस व ट्रेजरी पर निगाहें
आयोग ने रविवार को आने वाले प्रश्नपत्रों को परीक्षा वाले जिलों की ट्रेजरी में रखवाए थे। सूत्रों ने बताया कि अभी पेपर परीक्षा केंद्र पर नहीं भेजे गए थे। ऐसे में किसी जिले की ट्रेजरी या पेपर की छपाई करने वाले प्रिंटिंग प्रेस से पेपर लीक किए जाने की आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा पेपर लीक होने के अन्य श्रोतों को भी ध्यान में रखकर जांच कराई जा रही है।