अब 'मिसेज गायत्री प्रसाद' देंगी काली कमाई का हिसाब!
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भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रजापति पर लोकायुक्त का शिकंजा कसता जा रहा है। लोकायुक्त न्यायमूर्ति एनके मेहरोत्रा ने प्रजापति की पत्नी महराजी देवी व बेटों अनिल व अनुराग प्रजापति को नोटिस जारी कर संपत्तियों के बारे में जवाब-तलब किया है।
लोकायुक्त ने उनसे पूछा है कि उनके पास संपत्तियां कहां से आईं? आय का स्रोत क्या है? ये संपत्तियां उन्होंने कब, किससे और कितने में खरीदी हैं? प्रजापति के परिवारीजनों को 8 जनवरी तक जवाब देने को कहा गया है। इनके जवाब के आधार पर ही गायत्री को नोटिस जारी करने पर निर्णय किया जाएगा।
इस मामले में भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के प्रमुख सचिव व निदेशक से प्रदेश में अवैध खनन पर 9 जनवरी को रिपोर्ट तलब की गई है। साथ ही प्रजापति के खिलाफ दूसरी शिकायत दाखिल करने वाली सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर को अपने आरोपों के संबंध में जांच के लिए लोकायुक्त ने दो जनवरी तक साक्ष्य उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
खुद जानकारी जुटा रहे लोकायुक्त
लोकायुक्त संगठन के सूत्रों के अनुसार ओम शंकर द्विवेदी की तरफ से दाखिल शिकायत में जिन-जिन बेनामी संपत्तियों का जिक्र किया गया है, उनके बारे में लोकायुक्त अपने स्रोतों से जानकारियां जुटा रहे हैं। पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद गायत्री को नोटिस जारी करके उनसे जवाब मांगा जाएगा।
क्या है आरोप: ओमशंकर द्विवेदी ने हलफनामे देकर गायत्री पर मंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी, पुत्रों, दो पुत्रियों, दामादों, ड्राइवर रामराज व राम सहाय, महिला मित्र गुड़्डा, रिश्तेदारों, भाइयों व कंपनी के सहायकों के नाम से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने का आरोप लगाया है।
लोक आयुक्त न्यायमूर्ति एन.के मेहरोत्रा ने बताया कि गायत्री प्रजापति की पत्नी व बेटों को नोटिस भेजकर उनकी संपत्तियों के बारे में जानकारी मांगी गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के प्रमुख सचिव व निदेशक से भी रिपोर्ट तलब की गई है। नूतन ठाकुर को 2 जनवरी को साक्ष्यों के साथ तलब किया गया है।