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Lucknow News: कैंसर संस्थान में दोबारा शुरू हुई साइको आंकोलॉजी की ओपीडी
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लखनऊ। चक गंजरिया स्थित कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में साइको आंकोलॉजी की ओपीडी दोबारा शुरू की जाएगी। विभाग में बीते दिनों नियमित डॉक्टर की तैनाती हो गई है। अब सप्ताह में छह दिन ओपीडी चलेगी।
निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि कैंसर के मरीज अवसाद से भी ग्रस्त हो जाते हैं। लंबी बीमारी उन्हे तोड़ देती है। इससे उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है। यह देखते हुए साइको आंकोलॉजी विभाग की शुरुआत की गई है। इसमें डॉ. अनुभव तिवारी की तैनाती की गई है। वह तीमारदारों को भी मानसिक समस्याओं से निजात दिलाएंगे।
मरीज के घरवालों के लिए काउंसिलिंग जरूरी
कैंसर के मरीज के साथ घरवाले भी लंबी बीमारी और होने वाले खर्च से परेशान हो जाते हैं। ऐसे में दोनों को काउंसिलिंग की जरूरत होती है। संस्थान में काउंसलर व अन्य कर्मी पहले से थे। डॉक्टर न होने से गंभीर मानसिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को दवाएं नहीं मिल पाती थीं। पहले संस्थान के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक व मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष शुक्ला ओपीडी चलाते थे। उनके संस्थान छोड़ने के बाद ओपीडी बंद हो गई, जिससे मरीजों को समस्या हो रही थी।
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निदेशक प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि कैंसर के मरीज अवसाद से भी ग्रस्त हो जाते हैं। लंबी बीमारी उन्हे तोड़ देती है। इससे उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती है। यह देखते हुए साइको आंकोलॉजी विभाग की शुरुआत की गई है। इसमें डॉ. अनुभव तिवारी की तैनाती की गई है। वह तीमारदारों को भी मानसिक समस्याओं से निजात दिलाएंगे।
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मरीज के घरवालों के लिए काउंसिलिंग जरूरी
कैंसर के मरीज के साथ घरवाले भी लंबी बीमारी और होने वाले खर्च से परेशान हो जाते हैं। ऐसे में दोनों को काउंसिलिंग की जरूरत होती है। संस्थान में काउंसलर व अन्य कर्मी पहले से थे। डॉक्टर न होने से गंभीर मानसिक समस्याओं से जूझ रहे मरीजों को दवाएं नहीं मिल पाती थीं। पहले संस्थान के पूर्व चिकित्सा अधीक्षक व मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष शुक्ला ओपीडी चलाते थे। उनके संस्थान छोड़ने के बाद ओपीडी बंद हो गई, जिससे मरीजों को समस्या हो रही थी।
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