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डॉयल 112 सेवा ने पेश की मिसाल, एक ट्वीट पर 150 किमी दूर सुल्तानपुर पहुंचाई दवा, नम हुईं बुजुर्ग की आंखें

Tue, 14 Apr 2020 05:36 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Tue, 14 Apr 2020 05:36 PM IST
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PRV helped an old man of sultanpur
150 किलोमीटर दूर पहुंचाई दवाएं। - फोटो : amar ujala
प्रदेश की डॉयल 112 सेवा ने सोमवार को कमाल कर दिया। सुल्तानपुर में एक बीमार बुजुर्ग को दवा पहुंचाने के लिए चार जिलों की सात पीआरवी ने 150 किलोमीटर की रिले यात्रा कर वक्त पर मदद पहुंचाई। पुलिस जब दवा लेकर गांव पहुंची तो बुजुर्ग की आंखें नम हो गईं।
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पुलिस ने बताया कि रविवार दोपहर करीब डेढ़ बजे ठाकुरगंज में रहकर नौकरी कर रहे अनुराग पांडेय ने ट्वीट कर बताया कि वह सुल्तानपुर का रहने वाला है।

गांव में उसके चाचा की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उनकी दवा खत्म हो गई है। उसने उत्तर प्रदेश पुलिस से मदद की अपील की जिसके बाद अधिकारी हरकत में आए और तत्काल दवा खरीदकर सुल्तानपुर पहुंचाने के निर्देश दिए।
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अनुराग के चाचा की दवाई लेकर ठाकुरगंज से पीआरवी 4555 करीब 20 किमी. दूर गोसाईंगंज पहुंची। वहां पीआरवी 4590 को दवा अगले थानाक्षेत्र की पीआरवी को सौंपने को कहा। गोसाईंगंज की पीआरवी ने दवा का पैकेट बाराबंकी सीमा पर लोनीकटरा की पीआरवी 1728 को दिया। 

इस तरह एक पीआरवी से दूसरी पीआरवी पहुंची दवाएं

लोनीकटरा से दवा हैदरगढ़ की पीआरवी 1697 को दी जिसने अमेठी के शिवरतनगंज थाना के हजारीगंज बाॅर्डर पर पीआरवी 2796 तक पैकेट पहुंचाया गया। यहां से पीआरवी दवा लेकर 15 किलोमीटर दूर कमरौली थाना क्षेत्र पहुंची।

यहां से पीआरवी 2790 ने दवा का पैकेट जगदीशपुर बार्डर पर पीआरवी 2786 को सौंपा। इसके बाद दवाएं सुल्तानपुर जनपद के बार्डर पर स्थित बल्दीराय थाना की पीआरवी 2845 तक पहुंचाई गईं।

उक्त पीआरवी ने रात करीब आठ बजे 150 किलोमीटर दूर से आई दवा का पैकेट सोरांव के परसीतारा गांव में अनुराग के चाचा मुरलीधर पांडेय को सौंपा।

महिला इंस्पेक्टर ने नवजात को उपलब्ध कराए कपड़े

अलीगंज के सेक्टर-सी निवासी महिला को लॉकडाउन के दौरान बच्चा पैदा हुआ। उसके पति बाहर फंसे हैं। नवजात शिशु के लिए घर में कोई कपड़ा नहीं था। तौलिया लपेटकर वह काम चला रही थी।

उसने एडीसीपी मध्य चिरंजीव नाथ सिन्हा का मोबाइल नंबर पति को भेजा। पति ने एडीसीपी को समस्या बताई। उन्होंने महिला थाने की अतिरिक्त इंस्पेक्टर नीलम राना को महिला का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया। इंस्पेक्टर नीलम राना ने किसी परिचित की दुकान से कपड़ों का इंतजाम कर उसके घर पहुंचाए उसने नीलम राना को धन्यवाद दिया।

महिला को पुलिस ने उपलब्ध कराई दवा

लॉकडाउन में पुलिस न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रही है बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी निभा रही है। ऐसा ही वाक्या सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेलिब्रेटी ग्रीन अपार्टमेंट में हुआ, जब वहां की एक महिला सुनैना सिंह की दवा खत्म हो गई।

उसने ऑनलाइन बुकिंग की थी, लेकिन दवा नहीं मिली। महिला ने प्रभारी निरीक्षक अजय सिंह को कॉल कर गुहार लगाई। प्रभारी निरीक्षक ने सिपाही से झलकारी बाई अस्पताल के पास से दवा मंगाई और महिला को दी। महिला का पति नौसेना में तैनात है। वह घर पर अकेली रहती है।

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