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पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठे पीड़ित मां-बेटे
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लखनऊ। आशियाना इलाके में शुक्रवार को घर के सामने पटाखा फोड़ने का विरोध करने पर दबंगों ने तीन सगे भाइयों को पीटकर लहूलुहान कर दिया था। आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने घायलों को लोकबंधु अस्पताल भेजकर उनकी मां से मनमाफिक तहरीर लिखवाकर चार लोगों के खिलाफ हल्की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामला रफा-दफा कर दिया था। मंगलवार सुबह अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर लौटे तीनों भाइयों ने पकरी पुल चौराहे पर स्थित मंदिर के चबूतरे पर बैठकर धरना शुरू कर दिया। पुलिस पर आरोपियों से साठगांठ का आरोप लगाते हुए उचित धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के चलते काफी दूर तक जाम लग गया। इसमें कई एंबुलेंस भी फंसी रहीं। मगर मौजूद पुलिसकर्मी जाम खुलवाकर एंबुलेंस निकलवाने की बजाय मूकदर्शक बने रहे।
आशियाना में पकरी पुल स्थित मंदिर के चबूतरे पर मंगलवार को पास के कासिमपुर पकड़ीखेड़ा की रहने वाली सावित्री देवी, अपने तीन पुत्रों अनिल वर्मा, अरुण व राममिलन वर्मा संग धरने पर बैठ गईं। पीड़ितों के समर्थन में कई लोग भी धरने में शामिल हो गए। इससे पकरी पुल के पास जबर्दस्त जाम लग गया। आशियाना इंस्पेक्टर धीरज शुक्ल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों को पुन: मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा है। वहां से डॉक्टरों ने एमआरआई व सीटी स्कैन के लिए तीनों भाइयों को सिविल अस्पताल भेज दिया। दोबारा मेडिकल परीक्षण कराकर रिपोर्ट के आधार पर विवेचना में धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
मां ने लगाए पुलिस पर आरोप
लखनऊ। सावित्री देवी के मुताबिक, शुक्रवार को गांव के कुछ दबंग युवक उनके घर के सामने तेज धमाके वाले पटाखे जला रहे थे। उनके बेटों ने दरवाजे से दूर पटाखे जलाने को कहा तो दबंगों ने गाली गलौज की। फिर आरोपी दिनेश यादव, सत्यम यादव, नमित यादव व गोलू यादव ने लाठी-डंडे व ईंटों से हमला कर सावित्री के पुत्र अनिल वर्मा, अरुण व राममिलन को लहूलुहान कर दिया था। सावित्री देवी का आरोप है कि उनके बेटे चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे मगर कार्रवाई तो दूर पुलिस ने एक बार हाल भी जानने की कोशिश नहीं की। जबकि उन्होंने आशियाना की एलडीए चौकी प्रभारी को आरोपियों के घर जाकर चाय-नाश्ता करते देखा है।
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आशियाना में पकरी पुल स्थित मंदिर के चबूतरे पर मंगलवार को पास के कासिमपुर पकड़ीखेड़ा की रहने वाली सावित्री देवी, अपने तीन पुत्रों अनिल वर्मा, अरुण व राममिलन वर्मा संग धरने पर बैठ गईं। पीड़ितों के समर्थन में कई लोग भी धरने में शामिल हो गए। इससे पकरी पुल के पास जबर्दस्त जाम लग गया। आशियाना इंस्पेक्टर धीरज शुक्ल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि तीनों घायलों को पुन: मेडिकल परीक्षण कराने के लिए लोकबंधु अस्पताल भेजा है। वहां से डॉक्टरों ने एमआरआई व सीटी स्कैन के लिए तीनों भाइयों को सिविल अस्पताल भेज दिया। दोबारा मेडिकल परीक्षण कराकर रिपोर्ट के आधार पर विवेचना में धाराएं बढ़ा दी जाएंगी। आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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मां ने लगाए पुलिस पर आरोप
लखनऊ। सावित्री देवी के मुताबिक, शुक्रवार को गांव के कुछ दबंग युवक उनके घर के सामने तेज धमाके वाले पटाखे जला रहे थे। उनके बेटों ने दरवाजे से दूर पटाखे जलाने को कहा तो दबंगों ने गाली गलौज की। फिर आरोपी दिनेश यादव, सत्यम यादव, नमित यादव व गोलू यादव ने लाठी-डंडे व ईंटों से हमला कर सावित्री के पुत्र अनिल वर्मा, अरुण व राममिलन को लहूलुहान कर दिया था। सावित्री देवी का आरोप है कि उनके बेटे चार दिन तक अस्पताल में भर्ती रहे मगर कार्रवाई तो दूर पुलिस ने एक बार हाल भी जानने की कोशिश नहीं की। जबकि उन्होंने आशियाना की एलडीए चौकी प्रभारी को आरोपियों के घर जाकर चाय-नाश्ता करते देखा है।
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