भगवान राम की प्रतिमा स्थापित करने के लिए जमीन अधिग्रहण का फिर विरोध, पूर्व मंत्री भी साथ आए
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अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्रतिमा स्थापित करने के लिए किए जा रहे भूमि अधिग्रहण का ग्रामीणों ने फिर विरोध किया है। माझा बरहटा के निवासियों के समर्थन में पूर्व राज्यमंत्री नारायण पाण्डेय व कम्युनिस्ट पार्टी के नेता सूर्यकांत पांडे भी आ गए हैं।
इस मुद्दे पर ग्रामीणों ने रेजिडेंट मजिस्ट्रेट को जिलाधिकारी संबोधित छह सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने कब्जे की जमीन पर नाम दर्ज किए जाने की मांग रखी है। यहां पर भगवान श्रीराम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा लगनी है।
बता दें कि पूर्व में भगवान राम की प्रतिमा लगाने के लिए चिन्हित मीरापुर दोआबा में भी स्थानीय लोंगो ने विरोध किया था और कोर्ट की शरण ली थी।
कोर्ट की सहमति के बाद जिला प्रशासन को भूमि अधिग्रहण के लिए निर्देशित किया गया था। जिसके बाद अब माझा बरहटा में भगवान राम की मूर्ति लगनी है। यहां कि निवासियों ने भी कोर्ट की शरण ली है जिस पर कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन को पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री प्रस्तावित जमीन पर प्रतिमा लगाने के लिए दे चुके हैं हरी झंडी
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रस्तावित जमीन पर प्रतिमा लगाने के लिए हरी झंडी दे चुके हैं और जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने संबंधित जमीन पर लोगों से 15 दिन में आपत्ति मांगी है।
जमीन खरीदने के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए हैं। प्रस्ताव के लिए करीब 86 हेक्टेअर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। इसकी जद में करीब 260 किसानों की जमीन आ रही है।
बता दें कि पहले मीरापुर द्वाबा में प्रतिमा लगाई जानी थी पर तकनीकी कारणों से जगह बदल दी गई।