{"_id":"5b6d267c4f1c1b6a1c8b5414","slug":"property-of-dealers-who-made-illegals-colonies-to-be-sealed","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अवैध कॉलोनियां बसाने वालों की संपति होगी जब्त, लेकिन रहने वालों को राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अवैध कॉलोनियां बसाने वालों की संपति होगी जब्त, लेकिन रहने वालों को राहत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 10 Aug 2018 11:15 AM IST
विज्ञापन
सीएम योगी
- फोटो : डेमो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
योगी सरकार अवैध कॉलोनियां बसाने वाले कॉलोनाइजरों पर न सिर्फ कड़ी कार्रवाई करेगी, बल्कि उनकी संपत्ति भी जब्त करेगी। इस संपत्ति को बेचकर ही कॉलोनियों में रहने वाले लोगों को सड़क, पानी, बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
प्रमुख सचिव आवास एवं नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। सभी मंडलायुक्तों के अलावा आयुक्त आवास विकास परिषद, सभी विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के भेजे निर्देश में अवैध कॉलोनियों व कॉलोनाइजरों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
अवैध कॉलोनियां बसाने वाले कॉलोनाइजरों की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी करते हुए प्रमुख सचिव आवास एंव नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने 15 दिन में अवैध कॉलोनियों का गूगल मैप तैयार करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव आवास एवं नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने बृहस्पतिवार को इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। सभी मंडलायुक्तों के अलावा आयुक्त आवास विकास परिषद, सभी विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों के भेजे निर्देश में अवैध कॉलोनियों व कॉलोनाइजरों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
आवास विकास विभाग ने पिछले महीने ही सीएम के समक्ष अवैध कॉलोनियों को नियमित करने के संबंध में प्रजेंटेशन दिखाया था। सीएम ने अवैध कॉलोनियों की बढ़ती संख्या के लिए कॉलोनाइजरों को ही मुख्य रूप से जिम्मेदार माना था और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
अवैध कॉलोनियां बसाने वाले कॉलोनाइजरों की संपत्ति जब्त करने का आदेश जारी करते हुए प्रमुख सचिव आवास एंव नियोजन नितिन रमेश गोकर्ण ने 15 दिन में अवैध कॉलोनियों का गूगल मैप तैयार करने का निर्देश दिया है।
तैयार होगा अवैध कॉलोनियों का गूगल मैप
डेमो
सभी डीएम व विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि 15 दिन में अवैध कॉलोनियों का रिमोट सेसिंग एप्लीकेशन सेंटर के माध्यम से गूगल मैप तैयार करा लिया जाए। इसकी एक प्रति संबंधित विकास प्राधिकरण में रखी जाए और एक प्रति मंडलायुक्त/अध्यक्ष विकास प्राधिकरण के पास रहेगी।
इसकी एक प्रति प्रदेश केमुख्य नगर एंव ग्राम नियोजक कार्यालय में रहेगी। संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा प्रमाणित मैप को ही तीनों कार्यालयों में रखा जाएगा।उन विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी चिह्नित करने को कहा गया है, जो अनधिकृत कालोनियों को न रोकने के लिए जिम्मेदार हैं।
अनधिकृत कालोनियों और अनियंत्रित विकास पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने के लिए आवास विभाग द्वारा तैयार किए गए दिशा-निर्देश में नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के साथ ही अवैध निर्माण करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई का फैसला किया गया है।
आवास विकास परिषद के अलावा विकास प्राधिकरणों के उन अधिकारियों व अभियंताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके कार्यकाल में अवैध निर्माण हुआ है। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रभावी रोकथाम के लिए होगी यह कार्यवाही
- विकास प्राधिकरण क्षेत्रों को जोनवार बांटकर कराया जाएगा नियोजित विकास
- अधिशासी अभियंता, एई, व जेई को मुख्य तौर पर बनाया जाएगा जिम्मेदार
- जोनल नोडल व प्रर्वतन अधिकारियों कार्यभार ग्रहण करते व छोड़ते समय गूगल मैप पर करेंगे हस्ताक्षर
- अनधिकृत कालोनियों की रोकथाम से संबंधित कार्यवाही आवास बंधु की वेबसाइट पर अपलोड होगी
- रोकथाम से संबंधित नियमों का और सरलीकरण किया जाएगा।
- सरकारी व प्राधिकरणों की भूमि, नदी, नाले, ऐतिहासिक धरोहर, तालाब व पोखरों से कब्जा हटाया जाएगा
इसकी एक प्रति प्रदेश केमुख्य नगर एंव ग्राम नियोजक कार्यालय में रहेगी। संबंधित विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा प्रमाणित मैप को ही तीनों कार्यालयों में रखा जाएगा।उन विकास प्राधिकरणों के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी चिह्नित करने को कहा गया है, जो अनधिकृत कालोनियों को न रोकने के लिए जिम्मेदार हैं।
अनधिकृत कालोनियों और अनियंत्रित विकास पर प्रभावी तरीके से अंकुश लगाने के लिए आवास विभाग द्वारा तैयार किए गए दिशा-निर्देश में नागरिकों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के साथ ही अवैध निर्माण करने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई का फैसला किया गया है।
आवास विकास परिषद के अलावा विकास प्राधिकरणों के उन अधिकारियों व अभियंताओं के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिनके कार्यकाल में अवैध निर्माण हुआ है। साथ ही उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रभावी रोकथाम के लिए होगी यह कार्यवाही
- विकास प्राधिकरण क्षेत्रों को जोनवार बांटकर कराया जाएगा नियोजित विकास
- अधिशासी अभियंता, एई, व जेई को मुख्य तौर पर बनाया जाएगा जिम्मेदार
- जोनल नोडल व प्रर्वतन अधिकारियों कार्यभार ग्रहण करते व छोड़ते समय गूगल मैप पर करेंगे हस्ताक्षर
- अनधिकृत कालोनियों की रोकथाम से संबंधित कार्यवाही आवास बंधु की वेबसाइट पर अपलोड होगी
- रोकथाम से संबंधित नियमों का और सरलीकरण किया जाएगा।
- सरकारी व प्राधिकरणों की भूमि, नदी, नाले, ऐतिहासिक धरोहर, तालाब व पोखरों से कब्जा हटाया जाएगा