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राजधानी में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्रों के प्रमोशन की राह नहीं होगी आसान

Mon, 24 May 2021 02:04 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 24 May 2021 02:04 AM IST
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promotion of students in universities and colleges is not so easy in lucknow
अक्षय कुमार, लखनऊ। कोरोना से प्रभावित हुई पढ़ाई को देखते हुए शासन की ओर से एक बार फिर विद्यार्थियों को प्रमोट करने की कवायद शुरू कर दी गई है, किंतु पिछले साल की अपेक्षा इस बार प्रमोशन की राह आसान नहीं है। क्योंकि पिछले साल की अपेक्षा न सिर्फ कोरोना की बल्कि विवि-कॉलेजों की भी परिस्थितियां काफी बदली हुई हैं। हालांकि विवि और विद्यार्थी इसके लिए शासन के निर्णय की प्रतीक्षा में हैं। पिछले साल कोरोना संक्रमण लंबा खींचने के कारण अधिकतर विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में परीक्षा का आयोजन नहीं हुआ था, जिसकी वजह से पिछले अंकों के आधार पर उनको प्रमोट कर दिया था, किंतु इस बार पहले सेमेस्टर की परीक्षा हो चुकी है और उसके परिणाम अभी पूरी तरह से नहीं आ पाए हैं। ऐसे में वो दूसरे सेमेस्टर में विद्यार्थियों को किस आधार पर प्रमोट करेंगे। यह बड़ी समस्या है, क्योंकि प्रमोशन के लिए आधार की जरूरत पड़ेगी।
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लखनऊ विश्वविद्यालय में यूजी के काफी परिणाम आ गए हैं, लेकिन पीजी कोर्स के नहीं आए हैं। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एकेटीयू) में इस हफ्ते परिणाम आने शुरू होंगे। डॉ. शकुंतला मिश्रा और भाषा विवि के भी परिणाम अभी नहीं आए हैं। पिछले साल प्रमोशन का आधार इंटरनल व पिछले साल के नंबर बने थे। इस बार इंटरनल में भी दिक्कत होगी और पिछले साल के नंबर में भी। वहीं, दूसरी तरफ पिछले साल कोविड में ऑनलाइन क्लास बंद नहीं हुई थीं, जिसकी वजह से पढ़ाई जारी रही और कोर्स समय से पूरा हो गया। प्रमोशन या परीक्षा के लिए न्यूनतम 90 दिन की पढ़ाई होना जरूरी है जबकि इस बार अप्रैल के दूसरे सप्ताह से संक्रमण के ज्यादा प्रभावी होने पर ऑनलाइन क्लास भी बंद करनी पड़ी। ऐसे में अभी पढ़ाई की शुरुआत ही हुई है। कोर्स पूरा करने या 90 दिन क्लास में कम से कम जून-जुलाई का समय लगेगा।
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दोनों सेमेस्टर में करना होगा प्रमोट
अगर लखनऊ विश्वविद्यालय की ही बात करें तो अभी यूजी-पीजी पहले सेमेस्टर की परीक्षा नहीं हो पाई, जो अप्रैल में प्रस्तावित थी। उन्होंने इन विद्यार्थियों के प्रमोशन के प्रस्ताव शासन को भेजे थे। अगर इनको पहले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाता है तो आगे इनको अन्य क्लास के विद्यार्थियों के साथ दूसरे सेमेस्टर में भी प्रमोट किया जाएगा। इस तरह इनका पूरा साल प्रमोशन में जाएगा। फिर प्रमोशन के दोनों बार का आधार क्या होगा?
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वार्षिक प्रणाली में तीन में दो साल होंगे प्रमोट
दूसरी तरफ जिन विवि में वार्षिक प्रणाली के आधार पर पढ़ाई हो रही है। वहां तीन साल के कोर्स में पिछले साल भी विद्यार्थियों को प्रमोट किया गया। अब इस साल (दूसरे वर्ष) में भी बिना किसी आधार के प्रमोट कैसे किया जाए। शासन द्वारा गठित तीन कुलपतियों की समिति ने इनकी अगले साल दो परीक्षा लेने का सुझाव दिया गया है। क्या विद्यार्थी एक साथ दो साल की परीक्षा देंगे? क्या अगले साल कोविड का असर नहीं होगा? ऐसे कई सवाल हैं, जो प्रमोशन की प्रक्रिया में आड़े आ सकते हैं।
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