{"_id":"ee219dbbe67b1877c5d2542e505f655d","slug":"program-on-sanskrit-language","type":"story","status":"publish","title_hn":"संस्कृत से होती है मानव जाति की रक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संस्कृत से होती है मानव जाति की रक्षा
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 02 Aug 2013 09:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संस्कृत भारती के तत्वावधान में चल रहे संस्कृत संभाषण शिविर का
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को समापन हुआ।
यह कार्यक्रम 21 अगस्त से उप्र संस्कृत संस्थान में चल रहा था। समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि शोभन लाल उकील ने संस्कृत की विशेषता बताते हुए कहा कि संस्कृत पढ़ने से मानव जाति की रक्षा होती है।
इस मौके पर श्रीलंका और मंगोलिया के उपस्थित छात्रों ने शारीरिक अंगों के संस्कृत नाम सीखे।
यह कार्यक्रम 21 अगस्त से उप्र संस्कृत संस्थान में चल रहा था। समापन के अवसर पर मुख्य अतिथि शोभन लाल उकील ने संस्कृत की विशेषता बताते हुए कहा कि संस्कृत पढ़ने से मानव जाति की रक्षा होती है।
इस मौके पर श्रीलंका और मंगोलिया के उपस्थित छात्रों ने शारीरिक अंगों के संस्कृत नाम सीखे।