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Lucknow News: पॉलीहाउस में खेती कर बढ़ा सकते उत्पादन
Sat, 21 Sep 2024 04:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sat, 21 Sep 2024 04:06 AM IST
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रायबरेली में शुक्रवार को दरियापुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में पॉलीहाउस की जानकारी लेते छात्र-
रायबरेली। कृषि विज्ञान केंद्र दरियापुर (केवीके) में चल रहा पॉलीहाउस प्रबंधन तकनीक प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हो गया। 21 दिवसीय प्रशिक्षण में युवाओं को पॉलीहाउस निर्माण व पॉलीहाउस में फसलों को तैयार करने की गतिविधियों की जानकारी दी गई।
उद्यान वैज्ञानिक डॉ. एसवी सिंह ने ग्रीनहाउस स्थापना के स्थल का चयन, निर्माण सामग्री, फसल उत्पादन, पोषक तत्व प्रबंधन, फर्टीगेशन, रोग व कीटों के नियंत्रण के बारे में बताया। कहा कि ग्रीनहाउस प्रौद्योगिकी का प्रयोग विश्व के 50 देशों में किया जा रहा है। परंपरागत कृषि में किसान मौसम के अनुरूप फसलें उगाते हैं। इस स्थिति में किसान वायु, तापमान, प्रकाश और आर्द्रता पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं। ग्रीनहाउस प्रौद्योगिकी में इन सभी समस्याओं पर नियंत्रण किया जा सकता है।
ग्रीनहाउस स्थल का चुनाव करने के लिए सिंचाई, मृदा संरचना, प्रदूषण, जगह की उपलब्धता, श्रमिकों की उपलब्धता और भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखा जाता है। ग्रीनहाउस में हवा का तापमान बाहरी तापमान से 5-10 सेंटीग्रेड कम रहता है। ग्रीनहाउस में टमाटर, शिमला मिर्च और फूलों में जरबेरा व गुलाब की खेती की जाती है। टमाटर और शिमला मिर्च की खेती ग्रीनहाउस में करने से अधिक उत्पादन होता है।
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प्रशिक्षण के समापन पर युवाओं को डॉ. आरपीएन सिंह ने नई किस्मों, धान की डीएसआर पद्धति व अन्य विषयों की जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. आरके कनौजिया, डॉ. दीपक मिश्रा, डॉ. आरपी सिंह मौजूद रहे।
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उद्यान वैज्ञानिक डॉ. एसवी सिंह ने ग्रीनहाउस स्थापना के स्थल का चयन, निर्माण सामग्री, फसल उत्पादन, पोषक तत्व प्रबंधन, फर्टीगेशन, रोग व कीटों के नियंत्रण के बारे में बताया। कहा कि ग्रीनहाउस प्रौद्योगिकी का प्रयोग विश्व के 50 देशों में किया जा रहा है। परंपरागत कृषि में किसान मौसम के अनुरूप फसलें उगाते हैं। इस स्थिति में किसान वायु, तापमान, प्रकाश और आर्द्रता पर नियंत्रण नहीं कर पाते हैं। ग्रीनहाउस प्रौद्योगिकी में इन सभी समस्याओं पर नियंत्रण किया जा सकता है।
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ग्रीनहाउस स्थल का चुनाव करने के लिए सिंचाई, मृदा संरचना, प्रदूषण, जगह की उपलब्धता, श्रमिकों की उपलब्धता और भौगोलिक स्थिति का ध्यान रखा जाता है। ग्रीनहाउस में हवा का तापमान बाहरी तापमान से 5-10 सेंटीग्रेड कम रहता है। ग्रीनहाउस में टमाटर, शिमला मिर्च और फूलों में जरबेरा व गुलाब की खेती की जाती है। टमाटर और शिमला मिर्च की खेती ग्रीनहाउस में करने से अधिक उत्पादन होता है।
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प्रशिक्षण के समापन पर युवाओं को डॉ. आरपीएन सिंह ने नई किस्मों, धान की डीएसआर पद्धति व अन्य विषयों की जानकारी दी। इस मौके पर डॉ. आरके कनौजिया, डॉ. दीपक मिश्रा, डॉ. आरपी सिंह मौजूद रहे।