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Lucknow News: धान क्रय केंद्रों पर खरीद ठप, बिचौलियों की मौज

Wed, 07 Jan 2026 02:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Wed, 07 Jan 2026 02:38 AM IST
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Procurement stalled at paddy purchasing centres, middlemen having a field day
टिनशेड के नीचे रखा हजारों ​क्विंटल धान।
नगराम। किसानों से सीधे धान खरीद के लिए खोले गए सरकारी क्रय केंद्रों पर तौल न होने से किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। केंद्र प्रभारियों का कहना है कि पहले से खरीदे गए धान की मिलें उठान नहीं कर रही हैंं, जिससे बोरों और भंडारण की जगह की कमी हो गई है। इस स्थिति में किसान अपनी उपज औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचने के लिए मजबूर हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
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किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के उद्देश्य से पीसीएफ के माध्यम से नगराम क्षेत्र में सहकारी समिति इस्माइलनगर, काटा करौंदी, नगराम दक्षिण, गढ़ा, देवती और समेसी में धान क्रय केंद्र खोले गए हैं। वर्तमान में सभी केंद्रों पर धान खरीद लगभग ठप पड़ी है।
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सिरौना निवासी राजकुमार पांडे, रामपुर के राम मिलन, ममईमऊ के रामफेर, हुसैनाबाद के मनमोहन और घोड़सारा के शैलेन्द्र ने बताया कि उनका पंजीकरण फार्म इस्माइल नगर क्रय केंद्र पर काफी समय से जमा है, लेकिन रोज चक्कर लगाने के बावजूद धान की तौल नहीं हो पा रही है। यही स्थिति गढ़ा, नगराम दक्षिण और देवती केंद्रों की भी है।
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नगराम दक्षिण केंद्र प्रभारी फूलचंद ने बताया कि नवंबर से शुरू हुई खरीद में अब तक 103 किसानों से 3100 क्विंटल धान खरीदा गया है। इस्माइल नगर केंद्र प्रभारी संजय वर्मा के अनुसार अब तक 98 किसानों से 3400 क्विंटल धान की खरीद हो चुकी है, जबकि आठ किसानों से लगभग 400 क्विंटल धान की खरीद अभी शेष है। पहले से खरीदा गया धान मिलर द्वारा न उठाए जाने के कारण जगह और बोरों की कमी से आगे की खरीद संभव नहीं हो पा रही है।

गढ़ा और देवती केंद्रों पर भी यही स्थिति है। यहां केंद्र प्रभारी हरिश्चंद्र और सतीश ने बताया कि लगभग 15-15 किसानों से 1000-1000 क्विंटल धान की तौल अभी बाकी है। अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकल सका है। खरीदा गया धान खुले आसमान के नीचे पड़ा है, जिससे बारिश में खराब होने का खतरा बना हुआ है।


इस संबंध में पीसीएफ के जिला प्रबंधक लखनऊ, निशांत गौरव ने बताया कि मिलों द्वारा धान के बदले चावल जब एफसीआई के गोदाम में जमा किया जाएगा, तभी उसी अनुपात में बोरे क्रय केंद्रों को उपलब्ध हो सकेंगे। नीति के अनुसार एसआरके ग्रेड का मिश्रित चावल ही एफसीआई में भेजा जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि एक-दो दिन में समस्या का समाधान कर लिया जाएगा, जिसके बाद शेष किसानों के धान की खरीद शुरू की जाएगी।
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