लखनऊ यूनिवर्सिटीः परास्नातक के 11 पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए भरने होंगे विकल्प, शुरू हुई पंजीकरण की प्रक्रिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजीकरण, डाक्यूमेंट अपलोड करने और विकल्प भरने की प्रक्रिया 26 अक्तूबर तक चलेगी। 27 अक्तूबर को केवल विकल्प भरने होंगे। इसके बाद आवंटन जारी होगा। लविवि की केंद्रीकृत काउंसिलिंग में 11 पाठ्यक्रम ऐसे हैं जिनका संचालन लविवि के साथ ही कालेजों में भी होता है। इसलिए इनमें आवंटन के लिए अभ्यर्थियों से विकल्प लिए जाएंगे।
इसी विकल्प के आधार पर उन्हें विवि परिसर या फिर कॉलेज में दाखिला दिया जाएगा। लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि पीजी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा में उपस्थित रह चुके अभ्यर्थियों को अपनी मार्कशीट और अन्य संबंधित प्रपत्र लखनऊ विश्वविद्यालय ऑनलाइन काउंसिलिंग पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
काउंसिलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों को 200 रुपये फीस और एडवांस फीस देकर पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद लविवि के साथ ही कॉलेज में संचालित पाठ्यक्रम-एलएलबी, एमकॉम कॉमर्स, एमकॉम अप्लाइड इकोनॉमिक्स, एमए एजुकेशन, एमए सोशियोलॉजी, एमए एमआईएच- कंपोजिट हिस्ट्री-वेस्टर्न हिस्ट्री, एमएससी बॉटनी-प्लांट साइंस-माइक्रोबायोलॉजी, एमएससी फिजिक्स-रिन्यूबल एनर्जी, एमएससी केमिस्ट्री-फार्मास्यूटिकल केमेस्ट्री, एमएससी मैथमेटिक्स और एमएससी जूलॉजी के लिए उन्हें विवि तथा कालेजों में दाखिले के लिए अपने विकल्प वरीयता क्रम में देने होंगे।
सीट आवंटन का परिणाम अभ्यर्थी के लॉगइन पर ही होगा उपलब्ध
यदि किसी अभ्यर्थी के पास वर्तमान में मूल अंकपत्र नहीं है तो वे इस समय स्वयं सत्यापित इंटरनेट प्रति अपलोड कर सकते हैं। मूल अंकपत्र से सत्यापन, रिपोर्टिंग के समय किया जाएगा। यदि जांच में अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए अभिलेख गलत या कूट रचित पाए जाते हैं या अभ्यर्थी द्वारा इन अभिलेखों के द्वारा अनुचित लाभ का दावा किया जाता है, तो ऐसे अभ्यर्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में भाग लेने से रोक दिया जाएगा।
निर्धारित समय सीमा के अंदर अपने सभी वांछित अभिलेख बेवसाइट पर अपलोड करना अभ्यर्थी का स्वयं का दायित्व होगा। यदि किसी अभ्यर्थी ने विकल्प प्रस्तुत किये हैं, लेकिन विकल्प भरने की अंतिम तिथि तक उन्हें लॉक नहीं किया है, तो यह विकल्प सीट आवंटन से पहले स्वत: लॉक हो जाएंगे। यदि अभ्यर्थी ने काउंसिलिंग के लिए पंजीकरण किया है, लेकिन विकल्प प्रस्तुत नहीं किया है तो उसे सीट आवंटन के लिए उपयुक्त नहीं माना जाएगा। सीट आवंटन का परिणाम अभ्यर्थी के लॉगइन पर ही उपलब्ध होगा।