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लखनऊ में जल्द शुरू होगी शहरी संपत्तियों को यूनिक आईडी देने की कार्रवाई, नगर विकास विभाग ने जारी किए निर्देश
Tue, 24 Nov 2020 11:22 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Tue, 24 Nov 2020 11:22 PM IST
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लखनऊ में नगर निकाय की सीमा में स्थित सभी तरह की संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब इन संपत्तियों को ‘यूनिक प्रॉपर्टी पहचान’ (यूनिक आईडी) देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इसके लिए नगर विकास विभाग ने संपत्तियों को तीन श्रेणी में चिह्नित करके 17 अंकों की यूनिक आईडी देने की व्यवस्था बनाई है। इसमें आवासीय, अनावासीय और मिश्रित या अन्य श्रेणी की संपत्तियों को शामिल किया गया है।
दरअसल प्रापर्टी टैक्स ही नगर निकायों की आय का बड़ा जरिया है। लेकिन अधिकांश नगर निकायों में संपत्तियों का पूरा ब्योरा न होने से इस मद की शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पाती है। इससे प्रतिवर्ष नगर निकायों को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। साथ ही प्रापर्टी टैक्स के निर्धारण और वसूली में भी दिक्कतें आ रही हैं।
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केंद्र सरकार ने ‘बिजिनेस रिर्फाम्स-2020’ के तहत प्रदेश में सभी संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कराने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। अब संपत्तियों को यूनिक आईडी दिए जाने की कार्यवाही शुरू की जानी है। प्रमुख सचिव नगर विकास ने सभी नगर निकायों को यूनिक आईडी के आवंटन की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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इसके लिए नगर विकास विभाग ने संपत्तियों को तीन श्रेणी में चिह्नित करके 17 अंकों की यूनिक आईडी देने की व्यवस्था बनाई है। इसमें आवासीय, अनावासीय और मिश्रित या अन्य श्रेणी की संपत्तियों को शामिल किया गया है।
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दरअसल प्रापर्टी टैक्स ही नगर निकायों की आय का बड़ा जरिया है। लेकिन अधिकांश नगर निकायों में संपत्तियों का पूरा ब्योरा न होने से इस मद की शत-प्रतिशत वसूली नहीं हो पाती है। इससे प्रतिवर्ष नगर निकायों को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होता है। साथ ही प्रापर्टी टैक्स के निर्धारण और वसूली में भी दिक्कतें आ रही हैं।
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केंद्र सरकार ने ‘बिजिनेस रिर्फाम्स-2020’ के तहत प्रदेश में सभी संपत्तियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार कराने का काम लगभग पूरा कर लिया गया है। अब संपत्तियों को यूनिक आईडी दिए जाने की कार्यवाही शुरू की जानी है। प्रमुख सचिव नगर विकास ने सभी नगर निकायों को यूनिक आईडी के आवंटन की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
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इस तरह से होगा यूनिक आईडी का निर्धारण
17 अंकों वाले यूनिक आईडी में प्रथम एक व दो अंक लोकल गवर्नमेंट डायरेक्टरी के मुताबिक संबंधित राज्य का कोड होगा। इसके बाद के 3 से 5 तक के अंक संबंधित नगर निकाय का कोड होगा। जबकि छठा व 7वां अंक संबधित निकाय का जोनल कोड होगा। 8 से 10वां अंक वार्ड का और 11 से 16वां अंक संबंधित संपत्ति का कोड होगा। 17वां अंक संपत्ति की आवासीय, अनावासीय व मिश्रित श्रेणी को प्रदर्शित करेगा।
संपत्तियों की होगी तीन श्रेणी
यूनिक आईडी देने के लिए संपत्तियों की तीन श्रेणी बनाई गई है। इसमें आवासीय संपत्ति के लिए यूनिक आईडी के 17वें अंक के तौर पर ‘आर’ अक्षर से प्रदर्शित किया जाएगा। जबकि अनावासीय संपत्ति को ‘एन’ और मिश्रित या अन्य श्रेणी की संपत्तियों को ‘एम’ अक्षर से प्रदर्शित किया जाएगा।
संपत्तियों की होगी तीन श्रेणी
यूनिक आईडी देने के लिए संपत्तियों की तीन श्रेणी बनाई गई है। इसमें आवासीय संपत्ति के लिए यूनिक आईडी के 17वें अंक के तौर पर ‘आर’ अक्षर से प्रदर्शित किया जाएगा। जबकि अनावासीय संपत्ति को ‘एन’ और मिश्रित या अन्य श्रेणी की संपत्तियों को ‘एम’ अक्षर से प्रदर्शित किया जाएगा।