बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
TRY NOW

वैक्सीन की कमी से कोरोना टीकाकरण में आ रहीं दिक्कतें, कई जिलों के केंद्रों पर टीकाकरण न होने की शिकायतें

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 09 Apr 2021 12:41 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन - फोटो : iStock

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
प्रदेश में वाराणसी, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर समेत कई दूरस्थ जिलों के टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन की कमी के कारण टीका नहीं लग पाया। कई केंद्रों पर हंगामा भी हुआ। जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने दावा किया है कि प्रदेश में कई भी वैक्सीन की कमी नहीं है। केंद्रों पर अधिक संख्या में लाभार्थियों के पहुंचने के कारण सभी को टीका नहीं लग पाया होगा।
विज्ञापन


अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद बृहस्पतिवार दोपहर तक 78.67 लाख लाभार्थियों को टीकाकरण करने का दावा कर रहे हैं। इनमें लगभग 66.88 लाख लोगों को पहली और 11.79 लाख को दूसरी डोज लग चुकी है। वहीं, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार घई का कहना है कि वर्तमान में वैक्सीन की 9.5 लाख डोज मौजूद है। अगर प्रदेश में हर दिन 2.5 से 3.0 लाख टीकाकरण होगा तो यह तीन दिन के लिए पर्याप्त है। रोजाना वैक्सीन लगने के दौरान तीन से चार दिन का स्टॉक रहता है। शनिवार को केंद्र से 20 लाख डोज और मिल जाएगी। रविवार को टीकाकरण बंद रहता है। इसी दिन सभी जिलों को वैक्सीन की आपूर्ति की जाएगी। ऐसे में कहीं कमी की कोई आशंका नहीं है।


डॉ. घई ने बताया कि प्रदेश में दो लाख लीटर वैक्सीन भंडारण की क्षमता है। आर्मी को भी लगभग तीन लाख डोज दी जा चुकी है। गाजियाबाद और वाराणसी को भी वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में बुधवार को दी जा चुकी है। इसलिए कमी का सवाल भी नहीं है।

उधर, वाराणसी में भी निजी अस्पतालों पर वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। प्रयागराज में वैक्सीन की किल्लत हो गई है। यहां कई जगह टीकाकरण ठप हो गया है। बृहस्पतिवार को 42 निजी अस्पतालों में अभियान के तहत केवल पांच सौ लोगों को टीका लगाया गया। टीकाकरण प्रभारी डॉ आरएस ठाकुर के मुताबिक अब यहां वैक्सीन का स्टॉक शुक्रवार तक के लिए ही है। जबकि गोरखपुर के निजी अस्पतालों में मौजूदा समय में सिर्फ 8 से 10 वायल ही बचे हैं। सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय ने बताया कि शासन स्तर से ही वैक्सीन कम आई थी। 

प्रदेश में अब पहले से कम बर्बाद हो रही वैक्सीन 
टीकाकरण के दौरान वैक्सीन के रखरखाव और उसे लगाने के दौरान लगभग 10 प्रतिशत बर्बाद होने का राष्ट्रीय औसत है। यूपी में शुरुआत में यह नौ प्रतिशत था। इसकी वजह कई जिलों में अधिक और कम कूलिंग की समस्या थी। इसे भी सुधारा गया है। अब इसे घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया गया है। साथ ही इसे और भी कम करने का प्रयास किया जा रहा है। डॉ. घई ने बताया कि शुरुआत में कोवैक्सीन के एक वायल से 20 लोगों का टीकाकरण हो रहा था।

अब कंपनी ने इसे छोटा कर दिया है। इससे 10 लोगों का टीकाकरण हो रहा है। जबकि कोविशील्ड की एक वायल से शुरू से ही 10 लोगों का टीकाकरण किया जा रहा है। इससे भी वायल खुलने के बाद वैक्सीन के इस्तेमाल न होने के मामलों में कमी आई है। 

लखनऊ में कई पीएचसी और निजी केंद्रों के लौटे लोग
लखनऊ के दौलतगंज, शीश महल, सेवा सदन, नादरगंज, हरौनी पीएचसी और निजी केंद्रों पर बृहस्पतिवार को टीका लगवाने पहुंचे लोगों को निराश लौटना पड़ा। वहां स्वास्थ्यकर्मियों ने वैक्सीन न आने की बात कही। इसे लेकर लोगों की स्वास्थ्यकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। पीएचसी हरौनी पर तो स्टाफ ही नदारद था। सीएचसी सरोजनीनगर के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पीएचसी नादरगंज और हरौनी में वैक्सीन ज्यादा खराबी हो रही है। इसलिए दोनों सेंटरों पर दो दिन वैक्सीन न लगाने का आदेश जारी हुआ है।

अवध के जिलों में निजी केंद्रों पर वैक्सीन लगवाना मुश्किल
बाराबंकी में निजी अस्पतालों में तीन दिन में एक बार भी टीकाकरण नहीं हुआ है। हिंद और मेयो में सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही टीका लगाया जा रहा है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि दस लोग एक साथ होंगे, तभी टीका लगाया जाएगा। अमेठी में निजी अस्पताल वैक्सीन ले ही नहीं गए। बलरामपुर में निजी अस्पतालों ने टीकाकरण में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। अंबेडकरनगर में भी तीन में से एक ही निजी केंद्र टीकाकरण को आगे आया और दो वायल ले गया।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X