प्रियंका ने आशा कर्मियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर योगी को घेरा तो जवाब मिला- नींद खुल गई?
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गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर केंद्र की मोदी व उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को घेरने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने अब यूपी की आशा कर्मियों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है। जिस पर मुख्यमंत्री योगी ने जवाब दिया।
उन्होंने आशा कर्मियों के साथ एक तस्वीर ट्वीट करते हुए लिखा कि उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी नौ महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी उठाती हैं। जिसके लिए उन्हें सिर्फ 600 रुपये मिलते हैं। भाजपा सरकार ने कभी उनका मानदेय बढ़ाने की सुध नहीं ली। आशा कर्मियों को जुमले नहीं जवाब चाहिए।
उत्तर प्रदेश की आशाकर्मी 9 महीनों के लिए एक गर्भवती महिला के स्वास्थ की जिम्मेदारी उठाती हैं जिसके लिए उन्हें मात्र 600 रु मिलते हैं। भाजपा सरकार ने कभी उनकी मानदेय में बढ़ोतरी की सुध नहीं ली। उन्हें जुमले नहीं, जवाब चाहिए। #Sanchibaat pic.twitter.com/FlXR0A2e1k
विज्ञापन विज्ञापन— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
एक अन्य ट्वीट में प्रियंका ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं के मुद्दे पर योगी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने ट्वीट किया कि यूपी की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं प्रदेश सरकार से राज्य कर्मचारी का दर्जा मांग रही हैं लेकिन भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उन पर लाठियां चलवाईं। उन्होंने आगे लिखा कि मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है।
उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएँ राज्य कर्मचारी का दर्जा माँग रही हैं। भाजपा सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय उनपर लाठियाँ चलवाई। मेरी बहनों का संघर्ष, मेरा संघर्ष है।#Sanchibaat pic.twitter.com/0xsEOUw4YO
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
जिस पर योगी ने ट्वीट कर जवाब दिया कि
कांग्रेस की डूबती नईया की नई खिवईया भ्रामक प्रचार से जनता को बरगलाने में लगी हैं, अब तक आशा बहनों की शुभ चिंतक कहाँ थी। नींद खुल गयी ?
— Chowkidar Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 24, 2019
आशाओं को 600 रुपये JSY के तहत प्रसव पूर्व देखभाल और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था के संस्थागत प्रसव के लिये उन्हें अतिरिक्त 300 रु. मिल रहे हैं।
हाल ही में सरकार ने प्रति माह 750 रुपयों की वृद्धि की घोषणा की है, पिछले साल आशाओं को होने वाला औसत भुगतान 2865 रु. महीना था जो केंद्र सरकार द्वारा 1000 रु. की वृद्धि के बाद पिछले 6 महीनों से लगभग 4000 है और राज्य सरकार की वर्तमान वृद्धि के साथ लगभग 5000 रु. प्रति माह हो गया है।
— Chowkidar Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 24, 2019
आपको बता दें कि इसके पहले प्रियंका ने गन्ना किसानों के मुद्दे पर योगी सरकार को घेरा जिस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर पर उन्हें करारा जवाब दिया। प्रियंका ने ट्वीट किया था कि गन्ना किसानों के परिवार दिन रात मेहनत करते हैं। मगर उत्तर प्रदेश सरकार उनके भुगतान का भी जिम्मा नहीं लेती। किसानों का 10000 करोड़ रुपया बकाया है। मतलब उनके बच्चों की शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और अगली फसल सब कुछ ठप्प हो गया है। यह चौकीदार सिर्फ अमीरों की ड्यूटी करते हैं। गरीबों की इन्हें परवाह नहीं।
गन्ना किसानों के परिवार दिनरात मेहनत करते हैं। मगर उप्र सरकार उनके भुगतान का भी जिम्मा नहीं लेती। किसानों का 10000 करोड़ बकाया मतलब उनके बच्चों की शिक्षा, भोजन, स्वास्थ्य और अगली फसल सबकुछ ठप्प हो जाता है। यह चौकीदार सिर्फ अमीरों की ड्यूटी करते हैं, गरीबों की इन्हें परवाह नहीं। pic.twitter.com/LIBbwamdrS
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) March 24, 2019
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ये दिया जवाब
जिसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट किया कि हमारी सरकार जब से सत्ता में आई है। हमने लंबित 57,800 करोड़ रुपये का गन्ना बकाया भुगतान किया है। ये रकम कई राज्यों के बजट से भी ज्यादा है। पिछली सपा-बसपा सरकारों ने गन्ना किसानों के लिए कुछ नहीं किया जिससे किसान भुखमरी का शिकार हो रहा था।
योगी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि किसानों के ये 'तथाकथित' हितैषी तब कहाँ थे जब 2012 से 2017 तक किसान भुखमरी की कगार पर था। इनकी नींद अब क्यों खुली है? प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल अब 22 प्रतिशत बढ़कर 28 लाख हेक्टेयर हुआ है और बंद पड़ी कई चीनी मिलों को भी प्रदेश में दोबारा शुरू किया गया है। किसान अब खुशहाल हैं।