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100 निजी अस्पतालों ने नाम से ट्रॉमा सेंटर हटाया
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निजी अस्पतालों ने अपने बोर्ड से ट्रॉमा सेंटर का नाम हटाया।
- फोटो : ??? ?????
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स्वास्थ्य विभाग की शह पर कई वर्षों से शहर में निजी अस्पतालों का ट्रॉमा के नाम पर चल रहा ड्रामा अब बंद हो रहा है।
प्रशासन की सख्ती के बाद निजी अस्पताल आवेदन कर ट्रॉमा का नाम हटवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी तक सौ से अधिक निजी अस्पतालों ने अपने बोर्ड से ट्रॉमा सेंटर हटवाया है।
राजधानी में करीब 1300 से अधिक निजी अस्पताल हैं। इसमें करीब 200 से अधिक निजी अस्पतालों ने बिना डॉक्टर, वेंटिलेटर के अभाव में ट्रॉमा सेंटर खोल रखा था।
इन फर्जी ट्रॉमा सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कभी कार्रवाई नहीं की। ऐसे में ट्रॉमा सुविधाएं होने का दावा कर मरीजों को लूटा जा रहा था।
डीएम की सख्ती के बाद करीब 100 निजी अस्पतालों ने अपने अस्पताल के नाम से ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड हटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि जो भी निजी अस्पताल अभी ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड लगा रखे हैं।
उनके नवीनीकरण व पंजीकरण निरीक्षण के बाद होगा। मानक पूरे न मिलने पर नवीनीकरण व पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, कुछ अस्पतालों ने शपथ पत्र देकर ट्रॉमा हटाने की बात लिखकर कार्यालय में भेजा है। कई अस्पतालों ने बिना सूचना दिए ही बोर्ड से ट्रॉमा हटा दिया है।
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ट्रॉमा के नाम पर अभी नहीं लिया गया सख्त फैसला
अभी तक जिन निजी अस्पतालों ने ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड लगा रखा है। उन पर स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि ऐसे निजी अस्पतालों को बोर्ड हटाने संग इसकी सूचना देने को कहा गया है। जांच के दौरान मानक पूरे न मिलने पर उन ट्रॉमा सेंटरों पर ताला लगाया जाएगा।
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प्रशासन की सख्ती के बाद निजी अस्पताल आवेदन कर ट्रॉमा का नाम हटवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी तक सौ से अधिक निजी अस्पतालों ने अपने बोर्ड से ट्रॉमा सेंटर हटवाया है।
राजधानी में करीब 1300 से अधिक निजी अस्पताल हैं। इसमें करीब 200 से अधिक निजी अस्पतालों ने बिना डॉक्टर, वेंटिलेटर के अभाव में ट्रॉमा सेंटर खोल रखा था।
इन फर्जी ट्रॉमा सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग ने कभी कार्रवाई नहीं की। ऐसे में ट्रॉमा सुविधाएं होने का दावा कर मरीजों को लूटा जा रहा था।
डीएम की सख्ती के बाद करीब 100 निजी अस्पतालों ने अपने अस्पताल के नाम से ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड हटा दिया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि जो भी निजी अस्पताल अभी ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड लगा रखे हैं।
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उनके नवीनीकरण व पंजीकरण निरीक्षण के बाद होगा। मानक पूरे न मिलने पर नवीनीकरण व पंजीकरण नहीं किया जाएगा।
सीएमओ डॉ. मनोज के मुताबिक, कुछ अस्पतालों ने शपथ पत्र देकर ट्रॉमा हटाने की बात लिखकर कार्यालय में भेजा है। कई अस्पतालों ने बिना सूचना दिए ही बोर्ड से ट्रॉमा हटा दिया है।
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ट्रॉमा के नाम पर अभी नहीं लिया गया सख्त फैसला
अभी तक जिन निजी अस्पतालों ने ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड लगा रखा है। उन पर स्वास्थ्य विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि ऐसे निजी अस्पतालों को बोर्ड हटाने संग इसकी सूचना देने को कहा गया है। जांच के दौरान मानक पूरे न मिलने पर उन ट्रॉमा सेंटरों पर ताला लगाया जाएगा।