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यूपी की सरकारी हवाई पट्टियों से उड़ेंगे निजी फ्लाइंग क्लब के विमान, जल्द होगा नीति में बदलाव
Wed, 09 Dec 2020 12:04 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 09 Dec 2020 12:04 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : PTI
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उत्तर प्रदेश की सरकारी हवाई पट्टियों से जल्द निजी फ्लाइंग क्लब के प्रशिक्षण विमान उड़ते नजर आएंगे। इसके लिए राज्य सरकार अपनी हवाई पट्टियों के उपयोग की नीति में जल्द बदलाव करने जा रही है।
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मंगलवार को अपने आवास पर इससे संबंधित नीति का प्रस्तुतीकरण देखने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उसे सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। हालांकि उन्होंने इसमें कुछ सुधार के भी निर्देश दिए हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सात एयरपोर्ट चालू हैं। जबकि कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट भी बन चुका है और 12 अन्य एयरपोर्ट का विकास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त 8 हवाई पट्टियां भी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विमानन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ ही इस क्षेत्र में कॅरिअर बनाने के इच्छुक युवाओं को बेहतरीन प्रशिक्षण के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
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नागरिक उड्डयन विभाग के निदेशक सुरेंद्र सिंह ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के विभिन्न एयरपोर्ट पर सात निजी संस्थाओं द्वारा पायलट व विमानन अभियंता के कोर्स का संचालन किया जा रहा है।
प्रस्तावित नीति में पायलट, अभियंता, टेक्नीशियन, फ्लाइट डिस्पैचर, केबिन-क्रू से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए हवाई पट्टी के उपयोग किए जाने की व्यवस्था की गई है। निजी संस्था को खुद ट्रेनिंग लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा। साथ ही नियामक संस्थाओं से स्वीकृतियां प्राप्त करना और उनकी गाइडलाइंस का पालन भी करना होगा।
नई नीति में एक साथ 10 साल तक के लिए होगा लाइसेंस का नवीनीकरण
उन्होंने बताया कि फ्लाइंग क्लब को शुरुआत में पांच साल, फिर 5-5 वर्ष करके 30 वर्ष तक लाइसेंस नवीनीकरण की व्यवस्था थी। नई नीति में अब एकमुश्त 10 साल किए जाने का प्रस्ताव है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव आरके तिवारी, अपर मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री एवं नागरिक उड्डयन विभाग एसपी गोयल कई अधिकारी मौजूद थे।