{"_id":"605220b06f454d15d34d8efa","slug":"prisoners-will-be-vaccinated-in-two-hospitals-of-the-capital","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी : राजधानी के दो अस्पतालों में लगेगा जेल बंदियों को टीका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी : राजधानी के दो अस्पतालों में लगेगा जेल बंदियों को टीका
Wed, 17 Mar 2021 11:56 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 17 Mar 2021 11:56 PM IST
विज्ञापन
कोरोना वायरस टीकाकरण
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला जेल में बंद बीमार व बुजुर्ग बंदियों को भी कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए दो अस्पतालों का चयन किया है। इसमें महिला अस्पताल में महिला बंदी व पुरुष अस्पताल में पुरुष को टीका लगाया जाएगा। वहीं इस मामले को लेकर मानवाधिकार आयोग ने शासन से बीमार व बुजुर्ग बंदियों के टीकाकरण कराए जाने के बारे में जानकारी तलब की है।
गोसाईगंज स्थित जिला कारागार में करीब 4000 बंदी हैं। इसमें कई बंदी बीमार-बुजुर्ग भी हैं। कोरोना से बचाव के लिए इन्हें भी टीका लगाया जाना है। हालांकि अभी तक किसी भी बंदी को टीका नहीं लगाया गया है। उप्र मानवाधिकार के सदस्य न्यायमूर्ति केपी सिंह ने जेलों में बंद बीमार-बुजुर्ग बंदियों के टीकाकरण की स्थिति के बारे में शासन से रिपोर्ट मांगी है। मानवाधिकार जरिए खुद ही मामले को संज्ञान में लिए जाने बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने डफरिन अस्पताल में महिला बंदी व पुरुष के लिए सिविल अस्पताल को बूथ बनाया गया है।
सीएमओ डॉ. संजय ने बताया कि बंदी व कैदियों के लिए दो बूथ बनाए गए हैं। यहां पर वह आकर अपना टीकाकरण करा सकते हैं। बताया दोनों जगह पर टीकाकरण शुरू भी हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गोसाईगंज स्थित जिला कारागार में करीब 4000 बंदी हैं। इसमें कई बंदी बीमार-बुजुर्ग भी हैं। कोरोना से बचाव के लिए इन्हें भी टीका लगाया जाना है। हालांकि अभी तक किसी भी बंदी को टीका नहीं लगाया गया है। उप्र मानवाधिकार के सदस्य न्यायमूर्ति केपी सिंह ने जेलों में बंद बीमार-बुजुर्ग बंदियों के टीकाकरण की स्थिति के बारे में शासन से रिपोर्ट मांगी है। मानवाधिकार जरिए खुद ही मामले को संज्ञान में लिए जाने बाद हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने डफरिन अस्पताल में महिला बंदी व पुरुष के लिए सिविल अस्पताल को बूथ बनाया गया है।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. संजय ने बताया कि बंदी व कैदियों के लिए दो बूथ बनाए गए हैं। यहां पर वह आकर अपना टीकाकरण करा सकते हैं। बताया दोनों जगह पर टीकाकरण शुरू भी हो चुका है।
विज्ञापन