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Lucknow News: कैदियों को नहीं लगे डर, युवा आर्किटेक्ट ने डिजाइन की ऐसी जेल
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लखनऊ। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) में चल रहे नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट्स ऑफ आर्किटेक्चर (नासा) के जोनल सम्मेलन में शनिवार को डिजाइन प्रतियोगिताएं हुईं। आज का आकर्षण ''''डिजाइन टोपिया'''' प्रतियोगिता रही। इसमें छात्रों की 14 टीमों ने हिस्सा लिया।
इन टीमों को जेल री-डिजाइन करने का लक्ष्य दिया गया। युवा आर्किटेक्ट को ऐसी जेल डिजाइन करनी थी, जिसमें कैदियों को अकेलापन या डर महसूस न हो। छात्रों ने सॉफ्टवेयर पर छह घंटे में ऐसी जेल री-डिजाइन की। एपेक्स एरिना में कई तरह के खेल हुए।
साथ ही पैरामेट्रिक, लाइम मॉर्टर, इनोवेटिव मैटेरियल, आर्किटेक्चर में अच्छा लेखन और मार्केटिंग, प्रोडक्ट डिजाइन आदि पर कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। विश्वविद्यालय के वास्तुकला और योजना संकाय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में आज की मास्टर क्लास में मरूफ कुलमेन ने वीडियोग्राफी व आर्किटेक्चर के बारे में बताया। शनिवार को 24 घंटे तक चली डी-24 और कहूट्स प्रतियोगिता का मूल्यांकन भी हुआ।
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शाम को डांस व फैशन शो ट्रॉफी की प्रतियोगिता भी हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, वास्तुकला संकाय की प्राचार्या प्रो. वंदना सहगल, डॉ. रितु गुलाटी, डॉ. आंजनेय शर्मा आदि ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। जोनल सम्मेलन में सात राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के 25 कॉलेजों के 600 से अधिक छात्र शिरकत कर रहे हैं।
इन टीमों को जेल री-डिजाइन करने का लक्ष्य दिया गया। युवा आर्किटेक्ट को ऐसी जेल डिजाइन करनी थी, जिसमें कैदियों को अकेलापन या डर महसूस न हो। छात्रों ने सॉफ्टवेयर पर छह घंटे में ऐसी जेल री-डिजाइन की। एपेक्स एरिना में कई तरह के खेल हुए।
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साथ ही पैरामेट्रिक, लाइम मॉर्टर, इनोवेटिव मैटेरियल, आर्किटेक्चर में अच्छा लेखन और मार्केटिंग, प्रोडक्ट डिजाइन आदि पर कार्यशाला में विशेषज्ञों ने अनुभव साझा किए। विश्वविद्यालय के वास्तुकला और योजना संकाय की ओर से आयोजित तीन दिवसीय सम्मेलन में आज की मास्टर क्लास में मरूफ कुलमेन ने वीडियोग्राफी व आर्किटेक्चर के बारे में बताया। शनिवार को 24 घंटे तक चली डी-24 और कहूट्स प्रतियोगिता का मूल्यांकन भी हुआ।
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शाम को डांस व फैशन शो ट्रॉफी की प्रतियोगिता भी हुई। इस अवसर पर कुलपति प्रो. जेपी पांडेय, वास्तुकला संकाय की प्राचार्या प्रो. वंदना सहगल, डॉ. रितु गुलाटी, डॉ. आंजनेय शर्मा आदि ने छात्रों का उत्साहवर्धन किया। जोनल सम्मेलन में सात राज्यों उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और छत्तीसगढ़ के 25 कॉलेजों के 600 से अधिक छात्र शिरकत कर रहे हैं।