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Lucknow News: इलाज के दौरान बंदी की मौत, पुलिस पर पिटाई का आरोप
Sun, 28 Dec 2025 02:52 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Sun, 28 Dec 2025 02:52 AM IST
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मिथुन की फाइल फोटो।
लखनऊ। जिला जेल के बंदी मिथुन की शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर उसे शुक्रवार को केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने आशियाना पुलिस पर बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाया है।
सीतापुर जिले के रामकोट स्थित ननसोहा निवासी पेशे से इलेक्ट्रीशियन मिथुन कुमार (28) आशियाना के रश्मि खंड में पत्नी नैना व दो बच्चों के साथ किराये के मकान में रहता था। 19 दिसंबर को आशियाना पुलिस ने उसे चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल के मुताबिक 20 दिसंबर को उल्टी और शरीर में दर्द की शिकायत पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत में सुधार होने पर 21 दिसंबर को बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। 23 दिसंबर को फिर से तबीयत खराब होने पर मिथुन को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उल्टी में खून आने पर बेहतर इलाज के लिए शुक्रवार को जेल प्रशासन ने उसे पुलिस अभिरक्षा में बलरामपुर अस्पताल में भेज दिया। हालत में सुधार न होने पर बंदी को केजीएमयू रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के हाथ और पैरों पर चोट के निशान मिले हैं। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। हार्ट व विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
तीन दिन थाने में बैठाए रखा
मिथुन की बड़ी बहन मनोरमा का कहना है कि 16 दिसंबर की सुबह करीब नौ बजे वह घर से निकला था। इसके बाद लापता हो गया। परिजनों ने संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल भी बंद मिला। काफी तलाश करने के बाद भी जब मिथुन का कुछ पता नहीं चला तो परिजन थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। तीन दिन बाद भी मिथुन का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने डायल 112 पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मिथुन और उसके दो साथी शाहरुख और अब्दुल्ला को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। मिथुन के भाई प्रमोद का आरोप है कि आशियाना पुलिस ने मिथुन की थाने में बेरहमी से पिटाई करने के बाद उसे जेल भेज दिया। इस संबंध में एसीपी कैंट अभय मल्ल का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार हैं। थाने में उसके साथ कोई मारपीट नहीं हुई थी।
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16 दिसंबर को थाने ले गई थी पुलिस
मिथुन के भाई प्रमोद ने बताया कि रतनखंड निवासी अनिल सिंह के मकान में वायरिंग का काम चल रहा था। 29 नवंबर को उनके मकान में चोरी हो गई थी। मामले में पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर मिथुन के साथ काम करने वाले शाहरुख और अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था। इन्हीं की निशानदेही पर पुलिस 16 दिसंबर को मिथुन को अनिल सिंह के मकान से पकड़ कर थाने ले गई थी। 19 दिसंबर को परिजनों को जेल में मुलाकात के दौरान मिथुन ने आपबीती बताई थी।
शरीर पर थे चोट के निशान, गेटबुक में दर्ज
जिला जेल के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक मिथुन को आशियाना पुलिस ने शाहरुख व अब्दुल्ला के साथ चोरी के आरोप में जेल भेजा था। जेल में दाखिल पर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मिथुन के शरीर पर अंदरूनी और ताजी चोटों के निशान मिले थे। जिसे गेटबुक में अंकित भी किया गया है। इसके अलावा इसके दो साथियों के भी शरीर पर चोटें थीं।
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सीतापुर जिले के रामकोट स्थित ननसोहा निवासी पेशे से इलेक्ट्रीशियन मिथुन कुमार (28) आशियाना के रश्मि खंड में पत्नी नैना व दो बच्चों के साथ किराये के मकान में रहता था। 19 दिसंबर को आशियाना पुलिस ने उसे चोरी के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक राजेंद्र कुमार जायसवाल के मुताबिक 20 दिसंबर को उल्टी और शरीर में दर्द की शिकायत पर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सेहत में सुधार होने पर 21 दिसंबर को बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। 23 दिसंबर को फिर से तबीयत खराब होने पर मिथुन को जेल अस्पताल में भर्ती कराया गया। उल्टी में खून आने पर बेहतर इलाज के लिए शुक्रवार को जेल प्रशासन ने उसे पुलिस अभिरक्षा में बलरामपुर अस्पताल में भेज दिया। हालत में सुधार न होने पर बंदी को केजीएमयू रेफर कर दिया गया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतक के हाथ और पैरों पर चोट के निशान मिले हैं। मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। हार्ट व विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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तीन दिन थाने में बैठाए रखा
मिथुन की बड़ी बहन मनोरमा का कहना है कि 16 दिसंबर की सुबह करीब नौ बजे वह घर से निकला था। इसके बाद लापता हो गया। परिजनों ने संपर्क करने का प्रयास किया तो उसका मोबाइल भी बंद मिला। काफी तलाश करने के बाद भी जब मिथुन का कुछ पता नहीं चला तो परिजन थाने पहुंचे। आरोप है कि पुलिस ने उनकी कोई मदद नहीं की। तीन दिन बाद भी मिथुन का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने डायल 112 पर सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मिथुन और उसके दो साथी शाहरुख और अब्दुल्ला को गिरफ्तार करने की जानकारी दी। मिथुन के भाई प्रमोद का आरोप है कि आशियाना पुलिस ने मिथुन की थाने में बेरहमी से पिटाई करने के बाद उसे जेल भेज दिया। इस संबंध में एसीपी कैंट अभय मल्ल का कहना है कि परिजनों के आरोप निराधार हैं। थाने में उसके साथ कोई मारपीट नहीं हुई थी।
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16 दिसंबर को थाने ले गई थी पुलिस
मिथुन के भाई प्रमोद ने बताया कि रतनखंड निवासी अनिल सिंह के मकान में वायरिंग का काम चल रहा था। 29 नवंबर को उनके मकान में चोरी हो गई थी। मामले में पुलिस ने अज्ञात पर केस दर्ज कर मिथुन के साथ काम करने वाले शाहरुख और अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया था। इन्हीं की निशानदेही पर पुलिस 16 दिसंबर को मिथुन को अनिल सिंह के मकान से पकड़ कर थाने ले गई थी। 19 दिसंबर को परिजनों को जेल में मुलाकात के दौरान मिथुन ने आपबीती बताई थी।
शरीर पर थे चोट के निशान, गेटबुक में दर्ज
जिला जेल के जेलर ऋत्विक प्रियदर्शी के मुताबिक मिथुन को आशियाना पुलिस ने शाहरुख व अब्दुल्ला के साथ चोरी के आरोप में जेल भेजा था। जेल में दाखिल पर स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान मिथुन के शरीर पर अंदरूनी और ताजी चोटों के निशान मिले थे। जिसे गेटबुक में अंकित भी किया गया है। इसके अलावा इसके दो साथियों के भी शरीर पर चोटें थीं।