अब पूजा-पाठ के लिए वेबसाइट से बुक कर सकेंगे पंडित, प्रशिक्षण देकर किया जा रहा तैयार
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अब पूजा-पाठ के लिए कर्मकांडी पंडितों को ढूंढने के बजाय घर बैठे ही वेबसाइट से बुक करा सकेंगे। इसके लिए संस्कृत संस्थान जल्द ही चार रोजगारपरक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू कर कर्मकांडी पंडितों को तैयार करेगा।
प्रशिक्षण के बाद इन पंडितों की प्रमाणपत्र समेत सूची जिलावार वेबसाइट पर प्रदर्शित की जाएगी। जरूरत पर कोई भी व्यक्ति संस्थान की वेबसाइट के जरिए इन पंडितों से पूजा-पाठ करा सकेगा।
संस्थान के अध्यक्ष वाचस्पति मिश्रा ने बताया कि सभी जिलों में ज्योतिष, योग, कर्मकांड और नाट्य का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षक को 15 हजार रुपये प्रति महीने मानदेय दिया जाएगा।
किसी को भी ज्योतिषी या पंडित की आवश्यकता पड़ने पर वेबसाइट के जरिए संपर्क कर सकेगा। बताया, संस्कृत में आईएएस व पीसीएस परीक्षा देने वालों को संस्थान निशुल्क प्रशिक्षण देगा। पहले बैच के लिए 2000 आवेदन मिले हैं।
जाति-उम्र का बंधन नहीं
अध्यक्ष ने बताया कि रोजगार के लिए शुरू किए जा रहे इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जाति और उम्र का कोई भी बंधन नहीं है। किसी भी जाति-उम्र के लोग प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।
छात्रवृत्ति भी मिलेगी
वाचस्पति मिश्रा ने बताया कि पहली बार संस्कृत संस्थान प्रथमा, पूर्व मध्यमा और उत्तर मध्यमा के एक हजार विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देगा। न्यूनतम 60% अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए पात्र विद्यार्थियों का चयन मेरिट से किया जाएगा।
प्रथमा के विद्यार्थियों को दो हजार, पूर्व मध्यमा के विद्यार्थियों को पांच हजार और उत्तर मध्यमा के विद्यार्थियों को छह हजार रुपये छात्रवृत्ति दी जाएगी। संस्कृत विद्यालयों में विद्यार्थियों को कंप्यूटर के माध्यम से संस्कृत की शिक्षा भी दी जाएगी।