अयोध्याः ढांचा विध्वंस प्रकरण में अब आरोपियों के बयान दर्ज कराने की तैयारी
सीबीआई के विशेष अदालत ने सुनवाई आज, आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश
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अयोध्या में ढांचा विध्वंस मामले में अभियोजन की ओर से विवेचक व आखिरी गवाह एम नारायणन की गवाही पूरी होते ही अभियोजन साक्ष्य समाप्त हो गया है। इस मामले की सुनवाई कर रहे सीबीआई के विशेष न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार यादव ने अब आरोपियों की गवाही के लिए 7 मार्च की तारीख तय की है। कोर्ट ने पैरवी अधिकारी केएस नेगी को निर्देश दिया है कि वह सुनवाई के दौरान आरोपियों की उपस्थिति सुनिश्चित करें।
25 वर्ष पुराने प्रकरण में 6 दिसंबर 1992 को पुलिस की ओर से थानाध्यक्ष राम जन्मभूमि प्रियंवदा नाथ शुक्ला एवं राम जन्मभूमि पुलिस चौकी प्रभारी गंगा प्रसाद तिवारी ने सैकड़ों कार सेवकों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके अतिरिक्त मीडिया एवं अन्य लोगों की ओर से 48 रिपोर्ट दर्ज कराई गई थीं।
संत अवैद्य नाथ सहित 16 लोगों की हो चुकी है मृत्यु
इस प्रकरण की विवेचना शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस ने की उसके बाद सीबीआई ने विवेचना के दौरान कई चरणों में आरोप पत्र दाखिल कर 49 लोगों को आरोपी बनाया था। इसमें मुख्य रूप से मुरली मनोहर जोशी, उमा भारती, कल्याण सिंह, साध्वी ऋतंभरा, लाल कृष्ण आडवाणी, अशोक सिंघल, विष्णु हरि डालमिया, बाला साहब ठाकरे को आरोपी बनाया था।
मुकदमे के विचारण के दौरान अशोक सिंघल, विष्णु हरि डालमिया, गिरिराज किशोर, बाला साहब ठाकरे, परमहंस राम चंद्र दास एवं संत अवैद्य नाथ सहित 16 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। मौजूदा समय में केवल 33 आरोपियों का विचारण विशेष अदालत द्वारा किया जाना है।
सर्वोच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद इस प्रकरण को लेकर रायबरेली की विशेष अदालत में चल रहे मुकदमे को भी लखनऊ की विशेष अदालत को स्थानांतरित कर दिया गया था। इसके पश्चात सभी आरोपियों के विरुद्ध 31 मई 2017 को आरोप तय किए गए थे। सीबीआई ने अपनी मुख्य चार्जशीट में 994 गवाहों की सूची अदालत में दाखिल की थी, जिसमें रायबरेली की विशेष अदालत में 57 गवाह पेश किए जा चुके थे।