ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट के लिए तैयारियां शुरू, अप्रैल तक तिथियों का एलान, जून से शुरू होंगे रोड शो
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प्रदेश सरकार ने इस वर्ष अक्तूबर-नवंबर में प्रस्तावित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस-2020) की तैयारी शुरू करते हुए इसके लिए 20 फोकस सेक्टर चिह्नित किए हैं। इनसे संबंधित विभागों को समिट में अधिकाधिक निवेश प्राप्त करने के लिए रणनीति तैयार कर उस पर अमल के लिए निर्देशित कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार ने फरवरी 2018 की इन्वेस्टर्स समिट के बाद से पिछले दो वर्षों के बीच निवेश के कई नए सेक्टरों की पहचान की है और उनकी नीतियां बनाई हैं। मसलन, डिफेंस व एयरोस्पेस, सिविल एविएशन के साथ मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ), इलेक्ट्रिक वाहन व बैटरी मैन्युफैक्चरिंग तथा वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स सेक्टर। इसी तरह डेटा सेंटर व रिटेल पॉलिसी तैयार करने की कार्यवाही चल रही है।
सरकार ने पिछली इन्वेस्टर्स समिट के फोकस सेक्टर के साथ इन नए सेक्टरों को शामिल कर अधिकाधिक निवेश की संभावनाओं का आकलन कर तैयारी शुरू करने का निर्देश दिया है। अब विभाग बताएंगे कि इन सेक्टरों में कितना-कितना निवेश हो सकता है।
शासन ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के लिए कैलेंडर भी प्रस्तावित कर दिया है। विभागों को इसी के हिसाब से हर काम की समयबद्ध कार्यवाही करनी है। इसमें अप्रैल तक समिट की तिथियों का एलान व जून से रोड शो जैसी गतिविधियां भी शामिल हैं।
10 लाख करोड़ निवेश का लक्ष्य संभव, 80-90 लाख युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर
शासन के एक अधिकारी ने बताया कि अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग ने पिछले दिनों मुख्यमंत्री के समक्ष ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों की प्रारंभिक बैठक में 5 से 8 लाख करोड़ रुपये निवेश प्राप्त करने का लक्ष्य प्रस्तावित किया था। मुख्यमंत्री ने इस लक्ष्य को और बढ़ाने का निर्देश दिया है।
अधिकारी ने बताया कि चूंकि पहली इन्वेस्टर्स समिट में ही 4.28 लाख करोड़ का एमओयू हो चुका है और मुख्यमंत्री 2024 तक प्रदेश को 10 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रख चुके हैं। ऐसे में प्रस्तावित समिट के जरिए 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश जुटाने का लक्ष्य तय किया जा सकता है।
हालांकि निश्चित रूप से यह लक्ष्य कितना होगा, यह विभागों से सेक्टर वार लक्ष्य आने के बाद मुख्यमंत्री के स्तर से तय होना बाकी है। लेकिन, 10 लाख करोड़ के निवेश से 80-90 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं और सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को तेज गति मिल सकती है।
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बनेगी आयोजन समिति
समिट के आयोजन के लिए शासन स्तर पर कई समितियां गठित करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजन समिति, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कार्यकारी समिति व मुख्य सचिव के अधीन अंतर विभागीय समन्वय समिति के गठन का प्रस्ताव है।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का कैलेंडर
मार्च तक: समिट के लिए वेबसाइट का विकास, प्रचार व सूचना के लिए सामग्री प्राप्त करना और शासन की समितियों को अंतिम रूप देना।
अप्रैल तकः समिट की तिथियों के साथ आयोजन स्थल का एलान, मीडिया व पीआर एजेंसी का चयन और प्रचार व सूचना के लिए सामग्री को अंतिम रूप देना।
जूनः आमंत्रण से संबंधित कार्यवाही और चार देशों में अंतरराष्ट्रीय रोड शो।
जुलाईः चार देशों में अंतरराष्ट्रीय रोड शो
अगस्त/सितंबरः देश के विभिन्न स्थलों पर रोड शो
अक्तूबर/नवंबरः यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2020
ये होंगे फोकस सेक्टर
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग
- डिफेंस व एयरोस्पेस
- रिन्युएबल इनर्जी
- एमएसएमई व मैन्युफैक्चरिंग (रेलवेज व एंसिलिरीज, इंजीनियरिंग)
- खाद्य प्रसंस्करण
- पर्यटन
- सिविल एविएशन व मेंटेनेंस, रिपेयर व ओवरहॉल (एमआरओ)
- आईटी व स्टार्ट-अप
- इलेक्ट्रिक वाहन व बैटरी मैन्युफैक्चरिंग
- ऊर्जा
- आवास
- हेल्थकेयर
- ट्रांसपोर्ट
- वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक
- हैंडलूम व लॉजिस्टिक
- हैंडलूम व टेक्सटाइल
- शिक्षा
- फार्मास्युटिकल्स
- डेयरी व पशुधन
- फिल्म व मीडिया
- डेटा सेंटर, रिटेल आदि