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घर में श्रद्धा के जन्मदिन की हो रही थी तैयारी, अयोध्या से आ गई मौत की खबर
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लखनऊ। अयोध्या में फांसी के फंदे पर लटकी मिली पीएनबी की अधिकारी श्रद्धा गुप्ता के राजाजीपुरम स्थित घर में उनके जन्मदिन की पार्टी की तैयारियां चल रही थीं। श्रद्धा को दीपावली को घर आना था मगर इससे पहले ही शनिवार को मौत की खबर आ गई। पूरा परिवार रोते-बिलखते अयोध्या रवाना हो गया। रिश्तेदार व पड़ोसी भी श्रद्धा की मौत से स्तब्ध हैं।
राजाजीपुरम के सेक्टर-13 में एमआईएस चौराहे के पास रहने वाले राजकुमार गुप्ता की चौक में कोतवाली के पास चिकन के कपड़ों की दुकान है। उनके दो बेटे और दो बेटियों में दूसरे नंबर की श्रद्धा अयोध्या स्थित पीएनबी के सर्किल ऑफिस में स्केल वन अधिकारी के पद पर तैनात थीं। जबकि बड़ी बेटी मोहिनी का विवाह हो चुका है। वह अयोध्या के ख्वासपुरा मोहल्लेे में किराए के मकान में रहती थीं। श्रद्धा को दीपावली पर घर आना था और छह नवंबर को अपना जन्मदिन मनाकर अयोध्या लौटना था। मां सुनीता और दोनों भाई शुभम व संकेत बहन के जन्मदिन की तैयारियां कर रहे थे।
शुभम ने बताया कि 22 अक्तूबर को ही दीदी घर आईं थीं और जन्मदिन पर कपड़ों के साथ ही अन्य गिफ्ट की फरमाइश की थी। दीपावली के साथ ही घर में श्रद्धा के जन्मदिन की भी तैयारियां हो रही थीं मगर शनिवार सुबह एक फोन कॉल से सारी खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। पता चला कि अयोध्या में श्रद्धा का शव उनके किराए के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। बेटी की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन राजकुमार, उनकी पत्नी सुनीता, पुत्र शुभम व संकेत अयोध्या रवाना हो गए।
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विवेक की हरकतों से टूटा रिश्ता
लखनऊ। शुभम गुप्ता ने बताया कि करीब एक साल पहले उनकी बहन श्रद्धा की शादी बलरामपुर के उतरौला निवासी विवेक गुप्ता से तय हुई थी। चिनहट इलाके में बीबीडी के पास दयाल रेजीडेंसी में रहने वाला विवेक उस वक्त लखनऊ स्थित एचसीएल में नौकरी करता था। शुभम का आरोप है कि विवेक की हरकतें खराब थीं। कई युवतियों से उसकी दोस्ती थी, जिनका उसके घर पर भी आना-जाना था। कुछ और बातें पता चलने पर विवेक से श्रद्धा की शादी तोड़ दी गई थी। मगर वो श्रद्धा को परेशान कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के नाम पर देता था धौंस
लखनऊ। शुभम गुप्ता का आरोप है कि विवेक गुप्ता न सिर्फ उनकी बहन श्रद्धा को बल्कि पूरे परिवार को तंग कर रहा था। समझाने पर भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। वह पुलिस अधिकारियों का नाम लेकर धौंस देता था। कहता था कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। शुभम का आरोप है कि विवेक की कुछ पुलिसकर्मी मदद करते थे, इसी के चलते वह दबंगई कर रहा था।
रामघाट पर हुआ अंतिम संस्कार
लखनऊ। अयोध्या में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात सरयू के रामघाट पर श्रद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान परिवार के लोगों के साथ ही कुछ रिश्तेदार, बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही पुलिस फोर्स भी मौजूद रही।
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राजाजीपुरम के सेक्टर-13 में एमआईएस चौराहे के पास रहने वाले राजकुमार गुप्ता की चौक में कोतवाली के पास चिकन के कपड़ों की दुकान है। उनके दो बेटे और दो बेटियों में दूसरे नंबर की श्रद्धा अयोध्या स्थित पीएनबी के सर्किल ऑफिस में स्केल वन अधिकारी के पद पर तैनात थीं। जबकि बड़ी बेटी मोहिनी का विवाह हो चुका है। वह अयोध्या के ख्वासपुरा मोहल्लेे में किराए के मकान में रहती थीं। श्रद्धा को दीपावली पर घर आना था और छह नवंबर को अपना जन्मदिन मनाकर अयोध्या लौटना था। मां सुनीता और दोनों भाई शुभम व संकेत बहन के जन्मदिन की तैयारियां कर रहे थे।
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शुभम ने बताया कि 22 अक्तूबर को ही दीदी घर आईं थीं और जन्मदिन पर कपड़ों के साथ ही अन्य गिफ्ट की फरमाइश की थी। दीपावली के साथ ही घर में श्रद्धा के जन्मदिन की भी तैयारियां हो रही थीं मगर शनिवार सुबह एक फोन कॉल से सारी खुशियां मातम में तब्दील हो गईं। पता चला कि अयोध्या में श्रद्धा का शव उनके किराए के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला है। बेटी की मौत की खबर से घर में कोहराम मच गया। आनन-फानन राजकुमार, उनकी पत्नी सुनीता, पुत्र शुभम व संकेत अयोध्या रवाना हो गए।
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विवेक की हरकतों से टूटा रिश्ता
लखनऊ। शुभम गुप्ता ने बताया कि करीब एक साल पहले उनकी बहन श्रद्धा की शादी बलरामपुर के उतरौला निवासी विवेक गुप्ता से तय हुई थी। चिनहट इलाके में बीबीडी के पास दयाल रेजीडेंसी में रहने वाला विवेक उस वक्त लखनऊ स्थित एचसीएल में नौकरी करता था। शुभम का आरोप है कि विवेक की हरकतें खराब थीं। कई युवतियों से उसकी दोस्ती थी, जिनका उसके घर पर भी आना-जाना था। कुछ और बातें पता चलने पर विवेक से श्रद्धा की शादी तोड़ दी गई थी। मगर वो श्रद्धा को परेशान कर रहा था।
पुलिस अधिकारियों के नाम पर देता था धौंस
लखनऊ। शुभम गुप्ता का आरोप है कि विवेक गुप्ता न सिर्फ उनकी बहन श्रद्धा को बल्कि पूरे परिवार को तंग कर रहा था। समझाने पर भी वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। वह पुलिस अधिकारियों का नाम लेकर धौंस देता था। कहता था कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता। शुभम का आरोप है कि विवेक की कुछ पुलिसकर्मी मदद करते थे, इसी के चलते वह दबंगई कर रहा था।
रामघाट पर हुआ अंतिम संस्कार
लखनऊ। अयोध्या में पोस्टमार्टम के बाद शनिवार देर रात सरयू के रामघाट पर श्रद्धा का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान परिवार के लोगों के साथ ही कुछ रिश्तेदार, बैंक के अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही पुलिस फोर्स भी मौजूद रही।