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लविवि : उत्साह, उमंग की गूंज से चहक रहा विवि
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लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में 21 जनवरी को होने वाले 65वें दीक्षांत समारोह के मद्देनजर शुक्रवार को फुल ड्रेस रिहर्सल होगा। सुबह 11 बजे से शिक्षक व मेडल पाने वाले विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। दीक्षांत के लिए शिक्षकों, विद्यार्थियों व उपाधि पाने वालों को परिधान वितरण बृहस्पतिवार से शुरू हो गया।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बृहस्पतिवार को सभी अधिकारियों व कमेटी प्रभारियों के साथ न्यू कैंपस में तैयारियों का निरीक्षण किया। पंडाल निर्माण का काम पूरा हो गया है। उन्होंने मंच की साज-सज्जा समय से पूरा करने, एलईडी, डिस्प्ले स्क्रीन की पूरी टेस्टिंग करने और अतिथियों के स्वागत की जिम्मेदारी बांटने के निर्देश दिए। वहीं न्यू कैंपस स्थित प्रॉक्टर कार्यालय पर सुबह से निर्धारित शुल्क देकर विद्यार्थियों ने अपने परिधान प्राप्त किए। शुक्रवार को भी परिधान वितरण जारी रहेगा। सभी को निर्धारित परिधान में रिहर्सल में भी शामिल होना होगा।
17 टीमों ने लिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा
दीक्षांतोत्सव के तहत लविवि क्रीड़ा परिषद की ओर से बृहस्पतिवार को अंतर महाविद्यालय टूर्नामेंट का उद्घाटन कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने वॉलीबॉल खेलकर किया। पहले दिन विवि व कॉलेजों की 40 में से 17 टीमों ने हिस्सा लिया। लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज और लखनऊ विवि के बीच मैच हुआ। कबड्डी में चंद्रभानु कॉलेज और मुमताज कॉलेज भिड़े। क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रो. रूपेश कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. पूनम टंडन और प्रो. राहुल पांडेय भी मौजूद रहे।
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सांस्कृतिकी की ओर से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत, संगीत व नृत्य से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिकी निदेशक प्रो. मधुरिमा लाल, प्रो. बबिता जायसवाल, डॉ. अंजलि गुलाटी मौजूद रहे। दूसरी तरफ न्यू कैंपस के ज्यूरिस हॉल में एकल गायन और एकल नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं। वैश्विक शांति व बंधुता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डीपीए सभागार में मानव शृंखला बनाई गई। संयोजक डॉ. वैशाली सक्सेना रहीं।
जी-20 पर एक्सटेंपोर केमिस्ट्री का आयोजन
रसायन विज्ञान विभाग ने जी 20 राष्ट्रों के बीच क्लीनर, ग्रीनर और ब्ल्यूर पर्यावरण के लिए रासायनिक विज्ञान का प्रसार विषयक एक एक्स्टेंपोर रसायन विज्ञान का आयोजन किया। इसमें छात्रों ने स्वच्छ, हरित और नीले पर्यावरण के लिए रासायनिक विज्ञान की भूमिका पर प्रस्तुति दी। निर्णायक डॉ. पूनम सिंह और डॉ. मंजुषा श्रीवास्तव एनबीआरआई रहे। इसमें एमएससी के आकाश मिश्रा ने प्रथम व आकाश शुक्ला ने द्वितीय और पल्लवी शुक्ला ने तीसरा पुरस्कार जीता। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा एमिनेंट स्पीकर के रूप में डीन इंजीनियरिंग प्रो. अशोक सिंह का फिजिक्स इन फार्मेसी विषय पर व्याख्यान हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया। नुक्कड़ नाटक भी हुआ।
वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
व्यावहारिक अर्थशास्त्र विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय था ‘क्या भारत 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है’। इसमें अनन्या दीक्षित, दुर्गेश सिंह, ऐश्वर्या अवस्थी, संजना प्रकाश, आलोक गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव, विदिशा मिश्रा, मेघा तिवारी, खुशबू साहू और मोहिनी ने प्रतिभाग किया। विजेताओं को डीन वाणिज्य संकाय प्रो. आरके माहेश्वरी ने सम्मानित किया। वहीं अर्थशास्त्र विभाग में विशेष व्याख्यान ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी एंड क्लाइमेट चेंज प्रोस्पेक्टस ऑन जी-20 प्रेसीडेंसी इन इंडिया के आयोजन में बीबीएयू के प्रो. सनातन नायक ने कहा कि पृथ्वी के तापमान को ग्रीन हाउस गैसों ने बढ़ाया है। प्रकृति के बारे में मानव व्यवहार हमेशा महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। टेक्नोलॉजिकल चेंज की अपनी सीमाएं है। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज अग्रवाल ने की।
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कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने बृहस्पतिवार को सभी अधिकारियों व कमेटी प्रभारियों के साथ न्यू कैंपस में तैयारियों का निरीक्षण किया। पंडाल निर्माण का काम पूरा हो गया है। उन्होंने मंच की साज-सज्जा समय से पूरा करने, एलईडी, डिस्प्ले स्क्रीन की पूरी टेस्टिंग करने और अतिथियों के स्वागत की जिम्मेदारी बांटने के निर्देश दिए। वहीं न्यू कैंपस स्थित प्रॉक्टर कार्यालय पर सुबह से निर्धारित शुल्क देकर विद्यार्थियों ने अपने परिधान प्राप्त किए। शुक्रवार को भी परिधान वितरण जारी रहेगा। सभी को निर्धारित परिधान में रिहर्सल में भी शामिल होना होगा।
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17 टीमों ने लिया प्रतियोगिताओं में हिस्सा
दीक्षांतोत्सव के तहत लविवि क्रीड़ा परिषद की ओर से बृहस्पतिवार को अंतर महाविद्यालय टूर्नामेंट का उद्घाटन कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने वॉलीबॉल खेलकर किया। पहले दिन विवि व कॉलेजों की 40 में से 17 टीमों ने हिस्सा लिया। लखनऊ क्रिश्चियन कॉलेज और लखनऊ विवि के बीच मैच हुआ। कबड्डी में चंद्रभानु कॉलेज और मुमताज कॉलेज भिड़े। क्रीड़ा परिषद के अध्यक्ष प्रो. रूपेश कुमार, डीएसडब्ल्यू प्रो. पूनम टंडन और प्रो. राहुल पांडेय भी मौजूद रहे।
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सांस्कृतिकी की ओर से पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग में आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने गीत, संगीत व नृत्य से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिकी निदेशक प्रो. मधुरिमा लाल, प्रो. बबिता जायसवाल, डॉ. अंजलि गुलाटी मौजूद रहे। दूसरी तरफ न्यू कैंपस के ज्यूरिस हॉल में एकल गायन और एकल नृत्य की प्रतियोगिताएं हुईं। वैश्विक शांति व बंधुता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए डीपीए सभागार में मानव शृंखला बनाई गई। संयोजक डॉ. वैशाली सक्सेना रहीं।
जी-20 पर एक्सटेंपोर केमिस्ट्री का आयोजन
रसायन विज्ञान विभाग ने जी 20 राष्ट्रों के बीच क्लीनर, ग्रीनर और ब्ल्यूर पर्यावरण के लिए रासायनिक विज्ञान का प्रसार विषयक एक एक्स्टेंपोर रसायन विज्ञान का आयोजन किया। इसमें छात्रों ने स्वच्छ, हरित और नीले पर्यावरण के लिए रासायनिक विज्ञान की भूमिका पर प्रस्तुति दी। निर्णायक डॉ. पूनम सिंह और डॉ. मंजुषा श्रीवास्तव एनबीआरआई रहे। इसमें एमएससी के आकाश मिश्रा ने प्रथम व आकाश शुक्ला ने द्वितीय और पल्लवी शुक्ला ने तीसरा पुरस्कार जीता। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंसेज द्वारा एमिनेंट स्पीकर के रूप में डीन इंजीनियरिंग प्रो. अशोक सिंह का फिजिक्स इन फार्मेसी विषय पर व्याख्यान हुआ। संस्थान के निदेशक प्रो. पुष्पेंद्र कुमार त्रिपाठी ने उनका स्वागत किया। नुक्कड़ नाटक भी हुआ।
वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन
व्यावहारिक अर्थशास्त्र विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को हुई वाद-विवाद प्रतियोगिता का विषय था ‘क्या भारत 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है’। इसमें अनन्या दीक्षित, दुर्गेश सिंह, ऐश्वर्या अवस्थी, संजना प्रकाश, आलोक गुप्ता, अखिलेश श्रीवास्तव, विदिशा मिश्रा, मेघा तिवारी, खुशबू साहू और मोहिनी ने प्रतिभाग किया। विजेताओं को डीन वाणिज्य संकाय प्रो. आरके माहेश्वरी ने सम्मानित किया। वहीं अर्थशास्त्र विभाग में विशेष व्याख्यान ग्रीन एनर्जी, टेक्नोलॉजी एंड क्लाइमेट चेंज प्रोस्पेक्टस ऑन जी-20 प्रेसीडेंसी इन इंडिया के आयोजन में बीबीएयू के प्रो. सनातन नायक ने कहा कि पृथ्वी के तापमान को ग्रीन हाउस गैसों ने बढ़ाया है। प्रकृति के बारे में मानव व्यवहार हमेशा महत्वपूर्ण फैक्टर होगा। टेक्नोलॉजिकल चेंज की अपनी सीमाएं है। अध्यक्षता विभागाध्यक्ष प्रो. मनोज अग्रवाल ने की।