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कोयले की कमी का साया बिजली आपूर्ति पर : अतिरिक्त बिजली खरीदने के बाद भी करनी पड़ रही है आपात कटौती

Fri, 08 Oct 2021 02:25 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 08 Oct 2021 02:25 PM IST
सार

त्योहारी सीजन के मद्देनजर बिजली की मांग में इजाफा हो रहा है जबकि उपलब्धता कम हो गई है।

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Power supply is affected by shortage of coal: even after buying additional power, emergency cuts are being made
कोयला - फोटो : pixabay

विस्तार

प्रदेश के बिजलीघरों में कोयले की कमी का साया बिजली आपूर्ति पर नजर आने लगा है। कोयले की आपूर्ति न होने से करीब 2000 मेगावाट क्षमता की इकाइयां बंद करनी पड़ी हैं। त्योहारी सीजन के मद्देनजर बिजली की मांग में इजाफा हो रहा है जबकि उपलब्धता कम हो गई है। प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर रखने के लिए पावर कॉर्पोरेशन को अतिरिक्त बिजली खरीदने के बावजूद आपात कटौती करनी पड़ रही है। 

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प्रदेश में बिजली की प्रतिबंधित मांग (आपूर्ति शिड्यूल के  मुताबिक) 17000 मेगावाट के आसपास है जबकि उपलब्धता 15000-16000 के बीच है। कोयले की कमी के कारण ललितपुर, रोजा, मेजा, ऊंचाहार, पारीछा तथा हरदुआगंज की एक-एक इकाई को बंद करना पड़ा है। प्रदेश के ताप बिजलीघरों का उत्पादन 3000 मेगावाट के आसपास रह गया है। निजी क्षेत्र व अन्य स्रोतों से मिलने वाली बिजली में भी कमी हो गई है। कमी को पूरा करने के लिए एनर्जी एक्सचेंज व अन्य स्रोतों से अतिरिक्त बिजली खरीदी जा रही है। इसके बावजूद में रात में 1000-1500 मेगावाट तक की आपात कटौती करनी पड़ रही है। कोयले की आपूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए विद्युत उत्पादन निगम के अधिकारी कोल इंडिया व कोयला मंत्रालय से संपर्क  बनाए हुए हैं। राज्य सरकार भी केंद्र के संपर्क में है।  
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ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि प्रदेश की तापीय परियोजनाओं की कुछ इकाइयां कोयले की कमी के कारण बंद हैं या आंशिक भार पर चलाई जा रही हैं। कोयले की आपूर्ति के मद्देनजर भारत सरकार स्तर से कोयल मंत्रालय के संयुक्त सचिव की अध्यक्षता में एक सब-ग्रुप का गठन करते हुए सप्ताह में दो बार कोल आपूर्ति की मॉनिटरिंग की जा रही है। 
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उपभोक्ता परिषद ने ऊर्जा मंत्री से की बात
इस मुद्दे पर राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने ऊर्जा मंत्री से बात करके समस्या का समाधान कराने का अनुरोध किया। वर्मा ने ऊर्जा मंत्री से कहा कि जिस प्रकार एनटीपीसी ने कोयला मंत्रालय से हस्तक्षेप कराकर अपने उत्पादन गृहों के लिए कोयला आवंटित करा लिया है उसी तरह यूपी को भी पहल करनी चाहिए।

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