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फर्जी शपथपत्र से फंसा अपार्टमेंट के 38 फ्लैटों का बिजली कनेक्शन, वीआईपी क्षेत्र में ज्वैल अपार्टमेंट का मामला
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राजधानी के वीआईपी इलाके वजीर हसन रोड स्थित ज्वैल अपार्टमेंट में फर्जी शपथ पत्र के जरिये लिया गया 120 केवीए का बिजली कनेक्शन 38 परिवारों के लिए समस्या बन गया है। बीते बुधवार को इन 38 परिवाराें के फ्लैटों की बिजली काट दी गई थी। पीड़ित परिवारों ने समस्या बताई तो उच्च अफसरों के निर्देश पर कुछ घंटे बाद आपूर्ति बहाल कर दी गई। हालांकि, पीड़ितों को अंदेशा है कि उनकी बिजली दोबारा गुल हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह अपार्टमेंट विधायक मुख्तार अंसारी के करीबी बिल्डर का है।
ज्वैल अपार्टमेंट में फर्जी शपथ पत्र के जरिये बिजली कनेक्शन लिए जाने का खुलासा तब हुआ था, जब प्रकरण की दूसरे व्यक्ति ने शासन स्तर पर शिकायत की थी। मध्यांचल निगम की दो सदस्यीय कमेटी ने जांच में पाया था कि अपार्टमेंट के 38 फ्लैट को अलग-अलग प्वॉइंट पर कनेक्शन देने के लिए एक मृतक व्यक्ति के नाम से शपथ पत्र का गलत इस्तेमाल किया गया था। जब कनेक्शन फॉर्म के दस्तावेज ही फर्जी साबित हो गए तो स्वीकृत कनेक्शन अवैध घोषित कर दिए गए। पूरे खेल में बिजली विभाग के अभियंताओं की भी साठगांठ थी, जिन्होंने शिकायत के बाद भी कनेक्शन दे दिया था।
इसके चलते बीते बुधवार को मध्यांचल निगम के उच्च अफसरों के निर्देश पर बिजली काट दी थी। इससे बिजली संकट झेल रहे लोगों ने निगम के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। इस पर दोबारा बिजली जोड़ने के निर्देश दिए गए। इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कार्यकारी निदेशक (वाणिज्य) प्रदीप कक्कड़ ने बृहस्पतिवार को बताया कि पूर्व जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद प्रकरण पर फैसला लिया जाएगा।
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ज्वैल अपार्टमेंट में फर्जी शपथ पत्र के जरिये बिजली कनेक्शन लिए जाने का खुलासा तब हुआ था, जब प्रकरण की दूसरे व्यक्ति ने शासन स्तर पर शिकायत की थी। मध्यांचल निगम की दो सदस्यीय कमेटी ने जांच में पाया था कि अपार्टमेंट के 38 फ्लैट को अलग-अलग प्वॉइंट पर कनेक्शन देने के लिए एक मृतक व्यक्ति के नाम से शपथ पत्र का गलत इस्तेमाल किया गया था। जब कनेक्शन फॉर्म के दस्तावेज ही फर्जी साबित हो गए तो स्वीकृत कनेक्शन अवैध घोषित कर दिए गए। पूरे खेल में बिजली विभाग के अभियंताओं की भी साठगांठ थी, जिन्होंने शिकायत के बाद भी कनेक्शन दे दिया था।
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इसके चलते बीते बुधवार को मध्यांचल निगम के उच्च अफसरों के निर्देश पर बिजली काट दी थी। इससे बिजली संकट झेल रहे लोगों ने निगम के प्रबंध निदेशक सूर्यपाल गंगवार से मुलाकात की और अपना पक्ष रखा। इस पर दोबारा बिजली जोड़ने के निर्देश दिए गए। इसकी आधिकारिक पुष्टि करते हुए कार्यकारी निदेशक (वाणिज्य) प्रदीप कक्कड़ ने बृहस्पतिवार को बताया कि पूर्व जांच रिपोर्ट की समीक्षा करने के बाद प्रकरण पर फैसला लिया जाएगा।
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