बुरी खबर: गर्मी में इस बार खूब रुलाएगी बिजली
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गर्मी ने अभी अपना रंग दिखाना शुरू ही किया है कि पूरे प्रदेश में बिजली कंपनियों के बड़े-बड़े दावों की पोल खुलने लगी है। आने वाले दिनों में बिजली संकट और भी गहरा सकता है।
खुद पावर कॉर्पोरेशन ने विद्युत नियामक आयोग को दिए लिखित जवाब में माना है कि अक्तूबर से पहले बिजली संकट से निजात नहीं मिलेगी।
दरअसल, पश्चिमांचल कंपनी द्वारा लाइनलॉस में सुधार लाने की वजह से उसे 10 प्रतिशत अधिक बिजली देने के निर्देश दिए गए हैं।
इस पर पावर कॉर्पोरेशन ने नियामक आयोग को भेजे लिखित जवाब में माना कि अक्टूबर के पहले बिजली संकट से निजात नहीं मिलेगी। इसलिए पश्चिमांचल बिजली कंपनी के उपभोक्ताओं को फिलहाल 10 प्रतिशत बिजली देना असंभव है।
मांग के अनुपात में बेहद कम होगी आपूर्ति
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने पावर कॉर्पोरेशन के निदेशक वाणिज्य संजय सिंह की ओर से दाखिल जवाबी पत्र का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।
पत्र में कहा गया है कि इस बार मांग के अनुपात में बिजली की काफी कमी रहेगी। आने वाले महीनों में जहां उपलब्धता 11000 से 11500 मेगावाट रहेगी, वहीं मांग 13000 से 13500 मेगावाट की रहेगी। वहीं, पीक ऑवर्स के दौरान मांग 14500 से 15000 मेगावाट के बीच पहुंच जाएगी।
अक्तूबर के बाद ही सप्लाई में सुधार
पावर कॉर्पोरेशन ने नियामक आयोग से कहा है कि अनपरा डी व ललितपुर यूनिट से अतिरिक्त बिजली मिलने के बाद ही अक्तूबर के अंत तक बिजली आपूर्ति में सुधार हो पाएगा। ऐसे में पश्चिमांचल को उससे पहले अतिरिक्त बिजली देना संभव नहीं है।