यूपी: किसानों के लिए घाटे का सौदा हो सकता है कम आलू की निकासी, लगातार कम बना हुआ है थोक का भाव
वर्ष 2019-20 में 5.70 लाख हेक्टेयर में करीब 130 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ, जबकि 2020-21 में करीब छह लाख हेक्टेयर में 160 लाख मीट्रिक टन पैदा हुआ। इस तरह पिछले वर्ष की अपेक्षा 30 लाख मीट्रिक टन ज्यादा का उत्पादन हुआ। किसानों ने पिछले वर्ष 98.18 लाख मीट्रिक आलू का भंडारण किया, जबकि इस वर्ष 133.01 लाख मीट्रिक टन भंडारित है।
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उत्तर प्रदेश के कोल्ड स्टोरेज से पिछले वर्ष की अपेक्षा आलू के अधिक भंडारण व धीमी निकासी किसानों की चुनौती बढ़ा सकती है। पिछली बार की अपेक्षा इस बार आलू की कीमतें लगातार कम बनी हुई हैं।
वर्ष 2019-20 में 5.70 लाख हेक्टेयर में करीब 130 लाख मीट्रिक टन आलू का उत्पादन हुआ, जबकि 2020-21 में करीब छह लाख हेक्टेयर में 160 लाख मीट्रिक टन पैदा हुआ। इस तरह पिछले वर्ष की अपेक्षा 30 लाख मीट्रिक टन ज्यादा का उत्पादन हुआ। किसानों ने पिछले वर्ष 98.18 लाख मीट्रिक आलू का भंडारण किया, जबकि इस वर्ष 133.01 लाख मीट्रिक टन भंडारित है। यह पिछले वर्ष की अपेक्षा करीब 35 लाख मीट्रिक टन अधिक है। अभी तक केवल 33.73 लाख मीट्रिक टन आलू की निकासी हुई और करीब 100 लाख मीट्रिक टन का भंडारण बना हुआ है।
रिपोर्ट के मुताबिक पिछले चार वर्षों में सबसे ज्यादा आलू का भंडारण इसी वर्ष हुआ। दूसरी ओर, बाजार में पिछले कई महीनों से गत वर्ष की अपेक्षा कीमतें भी कम हैं। स्टोरेज से कम निकासी के बावजूद आलू का भाव उम्मीद के हिसाब से नहीं बढ़ रहा है।
जानकार बताते हैं कि किसान उम्मीद कर रहे हैं कि आगे आलू की कीमतों में इजाफा होगा। जब कीमत बढ़ेगी, तब निकासी करेंगे। मगर, कोल्ड स्टोरेज से आलू निकासी की यही सुस्ती रही तो अचानक ज्यादा मात्रा में आलू बाजार में आएगा, जिससे कीमत बढ़ने की जगह घटने के हालात बन सकते हैं। इससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कोल्ड स्टोरेज में अक्तूबर तक ही रखा जा सकता है आलू
निदेशक उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण आरके तोमर का कहना है कि कोल्ड स्टोरेज में आलू अक्तूबर तक ही रखा जा सकता है। इसके बाद रखने पर सड़न की स्थिति बनने लगती है। ऐसे में किसानों को अब निकासी बढ़ानी चाहिए। किसानों को सलाह है कि वह ज्यादा से ज्यादा आलू बाहर निकालें। नए कृषि कानूनों में देश भर की मंडी किसानों के लिए खुली है। किसान कहीं भी आलू बेंच सकते हैं। उन्हें इसका फायदा उठाना चाहिए।
आलू का भंडारण
वर्ष -- मात्रा (लाख मीट्रिक टन में)
2014-15 -- 109.29
2015-16 -- 113.73
2016-17 -- 120.29
2017-18 -- 111.65
2018-19 -- 121.99
2019-20 -- 98.18
2020-21 -- 133.01
आलू की कीमत औसत थोक बाजार भाव
माह -- वर्ष-2020 -- वर्ष-2021
जनवरी -- 1270 -- 848
फरवरी -- 1050 -- 667
मार्च -- 1209 -- 707
अप्रैल -- लॉक डाउन -- 838
मई -- 1502 -- 1005
जून -- 1654 -- 1023
जुलाई -- 1995 -- 1032
नोट- बाजार भाव रुपये प्रति क्विंटल में है।