पुलिसकर्मियों ने शुरू किया पोस्टर वार, दलों को 2019 चुनाव में अंजाम भुगतने की चेतावनी
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प्रदेश के अलग अलग जिलों में अपनी मांगों को लेकर सिपाहियों व उनके परिजनों ने पोस्टर बाजी शुरू कर दी है। उन्नाव और मुजफ्फरनगर में इस तरह के पोस्टर अलग-अलग थानों के आसपास चिपकाए जा रहे हैं। इसे लेकर खुफिया एजेंसियां और डीजीपी मुख्यालय भी सतर्क हो गया है। डीजीपी मुख्यालय ने उन जिलों से एक रिपोर्ट मांगी है जहां पुलिस कर्मियों की मांग से संबंधित पोस्टर चिपकाए गए थे।
जानकारी के अनुसार उन्नाव जिले में अलग अलग स्थानों पर चिपकाए गए पोस्टर पर बॉर्डर स्कीम समाप्त करने, पुलिस में वेतन विसंगति दूर करने की बात कही गई है। इसके अलावा कुछ पोस्टर चुनावों में राजनैतिक दलों को सबक सिखाने के लिए चिपकाए गए हैं, जिसपर लिखा है कि शांत नहीं हम मौन हैं, 2019 में बताएंगे कि हम कौन हैं।
एक अन्य पोस्टर पर राजनैतिक दलों को चेतावनी देते हुए लिखा है कि वोट उसे करेगा पुलिस परिवार जो करेगा पुलिस का संपूर्ण सुधार। उन्नाव के अलावा मुजफ्फरनगर में भी इसी तरह की पोस्टर बाजी शुरू हो गई है। दर असल यह पूरी कवायद पिछले दिनों पुलिस कर्मियों ने दो तरह से हाथों पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया था, जिसके बाद चिन्हित कर कई पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया गया था। हालांकि बाद में उन्हें बहाल भी कर दिया गया था।
ट्रेन के डिब्बों में भी चिपकाए गए पोस्टर
अलग अलग जिलों में ही नहीं पुलिस परिवार की ओर से ट्रेनों के डिब्बों में भी पोस्टर चिपकाए गए हैं। इन पोस्टर पर लिखा है कि हम पुलिस वालों को 24 घंटे मशीन की तरह काम लेने वाली सरकार से हमारी कुछ मांगे हैं। इन मांगों को पूरा नहीं किया गया तो जनता और सरकार हम सिपाहियों से अपनी सुरक्षा की उम्मीद छोड़ दे। क्योंकि अब हम भी मूक दर्शक बनने जा रहे हैं।
पुलिस परिवार की ओर से जो मांगे सरकार से की गई हैं, उसमें वेतन विसंगति दूर करने, ड्यूटी के आठ घंटे फिक्स करने, अतिरिक्त ड्यूटी पर अतिरिक्त वेतन दिए जाने, गृह जनपद के निकट तैनाती, महंगाई के आधार पर आवास भत्ते, सभी प्रकार के भत्तों को आज की महंगाई दर के आधार पर बढ़ाया जाए।
इस बाबत अपर पुलिस महानिदेशक आनंद कुमार ने बताया कि इस बारे में जानकारी हुई है। जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है। उन लोगों को चिन्हित किया जा रहा है जिन लोगों ने इस तरह के पोस्टर लगवाए हैं।