मुख्य सचिव ने दिए निर्देश, अगस्त 2020 तक पूरा कर दें पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे
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मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय ने रविवार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य में और तेजी लाकर अगस्त 2020 तक एक्सप्रेस-वे को यातायात के लिए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि इस प्रोजेक्ट के काम में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने 15 दिन के भीतर बकाया जमीन का अधिग्रहण करने और 30 जून तक बिजली की लाइन व ट्रांसफार्मर आदि दूसरी जगह शिफ्ट करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने अमेठी, सुल्तानपुर, गाजीपुर व आजमगढ़ में एक्सप्रेस-वे के काम का जायजा लेने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि 340.824 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे का 10 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो गया है। 1 जून तक 92 प्रतिशत क्लियरिंग और ग्रबिंग का कार्य तथा 47.10 प्रतिशत मिट्टी का काम पूरा हुआ है। 96.06 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण हो चुका है।
यूपीडा के सीईओ अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि परियोजना में पैकेज संख्या चार में कूड़ेभार के निकट हवाई पट्टी का निर्माण होगा। इसमें यातायात की सुरक्षा के लिए एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम का कार्य भी शामिल है।
वाराणसी लिंक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे प्रोजेक्ट से हटा
अवनीश ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पूर्व प्रस्ताव में एक्सप्रेस-वे से राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 233.28 (आजमगढ़-वाराणसी सेक्शन) तक 12.25 किमी. लंबाई का लिंक प्रस्तावित था। एनएचएआई ने आजमगढ़ शहर के लिए बाईपास प्रस्तावित किया है जो राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 233.28 से वाराणसी को आगे जोड़ेगा। इस वजह से वाराणसी लिंक को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना से हटाया गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर राष्ट्रीय राजमार्ग सं. 233.28 से प्रवेश व निकासी के लिए इंटरचेंज प्रस्तावित है, जिससे वाराणसी के लिए कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी।
अनुमान से कम लागत में बनेगा एक्सप्रेस-वे
अवस्थी ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे परियोजना की वर्तमान स्वीकृत लागत 23,349.37 करोड़ रुपये है। इसके सिविल कार्यों का टेंडर 11,216 करोड़ में हुआ है। यह परियोजना के सिविल कार्यों की अनुमानित लागत 11836.02 करोड़ से 5.24 प्रतिशत कम है। इससे सरकार को 619.92 करोड़ रुपये की बचत होगी।