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Lucknow News: केजीएमयू में गरीब मरीजों को नहीं लगेंगे महंगे विदेशी इम्प्लांट
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केजीएमयू।
लखनऊ। केजीएमयू में भर्ती गरीब, विपन्न और आयुष्मान भारत योजना के मरीजों के इलाज में अब बिना अनुमति विदेशी या महंगे इम्प्लांट नहीं लगाए जा सकेंगे। गांधी स्मारक एवं संबद्ध चिकित्सालय के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय ने हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) को पत्र भेजकर इस संबंध में निर्देश दिए हैं।
आदेश के मुताबिक, गरीब और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के मरीजों के लिए अच्छे और कम कीमत वाले मेड इन इंडिया इम्प्लांट ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य मरीजों पर इलाज का अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़ने देना है।
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी विशेष परिस्थिति में विदेशी इम्प्लांट जरूरी होने पर संबंधित फैकल्टी या सर्जन को पहले सीएमएस, एमएस या डीएमएस से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति विदेशी या महंगा इम्प्लांट जारी करने को वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।
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केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के साथ मरीजों को किफायती इलाज उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। विशेष परिस्थिति में अनुमति लेकर विदेशी इम्प्लांट लगाए जा सकेंगे।
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आदेश के मुताबिक, गरीब और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) के मरीजों के लिए अच्छे और कम कीमत वाले मेड इन इंडिया इम्प्लांट ही उपलब्ध कराए जाएंगे। इसका उद्देश्य मरीजों पर इलाज का अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़ने देना है।
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अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी विशेष परिस्थिति में विदेशी इम्प्लांट जरूरी होने पर संबंधित फैकल्टी या सर्जन को पहले सीएमएस, एमएस या डीएमएस से लिखित अनुमति लेनी होगी। बिना अनुमति विदेशी या महंगा इम्प्लांट जारी करने को वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।
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केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के साथ मरीजों को किफायती इलाज उपलब्ध कराने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। विशेष परिस्थिति में अनुमति लेकर विदेशी इम्प्लांट लगाए जा सकेंगे।