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लखनऊ विश्वविद्यालय: छात्रों पर भारी पड़ रही आधी अधूरी ऑनलाइन व्यवस्था

Sat, 29 Oct 2016 05:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 29 Oct 2016 05:19 PM IST
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 poor on line system in lucknow university.
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एक तरफ तो एलयू लगातार खुद को ऑनलाइन करने में लगा है, लेकिन दूसरी ओर उसका खुद के ही विभागों में सही समन्वय स्थापित न होने से सुविधाओं का पूरा लाभ छात्रों को नहीं मिल पा रहा।

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हालत यह है कि एलयू में लागू ऑनलाइन परीक्षा फॉर्म भरने और फीस जमा करने की आधी-अधूरी व्यवस्था एक बार फिर छात्रों के लिए परेशानी का सबब बन गई है।

दरअसल, विवि ने दिसंबर में होने वाली सेमेस्टर परीक्षाओं के फॉर्म भरने की तिथि घोषित कर दी, लेकिन कॉलेज के छात्रों को इस बार भी ऑनलाइन फीस जमा करने की सुविधा नहीं दी। छात्र फॉर्म तो घर बैठे भर सकते हैं, लेकिन फीस जमा करने के लिए उन्हें कॉलेज के कार्यालय में जाना होगा।

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फिर पुरानी व्यवस्था लागू

 poor on line system in lucknow university.

हमेशा की तरह इस बार भी विवि ने फॉर्म भरने की जो व्यवस्था दी है, उसमें छात्र विवि के परीक्षा विभाग की वेबसाइट www.luexam.net पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करेंगे। इसके बाद विवि के छात्रों को फॉर्म का प्रिंटआउट संबंधित विभागाध्यक्ष के यहां जमा करना है।

वहीं, भूतपूर्व, बैकपेपर, इंप्रूवमेंट के छात्रों को फॉर्म भरकर परीक्षा शुल्क कैशियर कार्यालय में जमा करने के बाद संबंधित विभागाध्यक्ष के यहां फॉर्म के प्रिंटआउट और फीस रसीद के साथ जमा करना होगा।

इसके अलावा कॉलेज के छात्रों को अपना फॉर्म ऑनलाइन भरने के बाद उसका प्रिंटआउट और शुल्क प्राचार्य कार्यालय में जमा करने के निर्देश हैं। इससे पहले विवि ने सितंबर में जब परीक्षा फॉर्म भरवाए थे तो बहुत से छात्रों ने कॉलेज में फीस जमा करने की जगह विवि की वेबसाइट से ऑनलाइन या सीधे विवि के कैशियर कार्यालय में फीस जमा कर दी। इस पर कॉलेजों ने ऐसे छात्रों से दोबारा फीस मांगी।

छात्रों की सूची अलग से मांगी

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‘अमर उजाला’ ने अपने बीती 17 सितंबर के अंक में जब इस मामले को उजागर किया तो परीक्षा नियंत्रक प्रो. एके शर्मा ने कहा कि यदि किसी छात्र ने सीधे विवि के पास फीस जमा कर दी तो कॉलेज उसकी रसीद भी मान्य करें। केवल इन छात्रों की सूची अलग से विवि को भेजी जाए।

इसके साथ ही विवि के वित्त नियंत्रक एससी उपाध्याय ने कहा कि भविष्य में यह ध्यान रखा जाएगा कि कॉलेज के छात्र भी विवि की वेबसाइट पर फीस जमा कर सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

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किस काम का फीस पोर्टल

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विवि ने एक जून, 2016 को अपने ऑनलाइन फीस जमा करने का पोर्टल लॉन्च किया। इस पर परीक्षा शुल्क से लेकर बैक पेपर व इंप्रूवमेंट की फीस जमा करने तक का लिंक दिया हुआ है। इतना ही नहीं पोर्टल पर सभी संबद्ध कॉलेजों की सूची भी है, जिसका उद्देश्य वहां के छात्रों को भी फीस जमा की सुविधा देना है।

लेकिन, करीब पांच महीने बीतने पर भी परीक्षा विभाग व वित्त विभाग में इतना समन्वय नहीं बना पाया कि कॉलेज के छात्रों को इसकी सुविधा मिल सके। ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसे आधे-अधूरे पोर्टल का छात्रों को क्या लाभ।

दूसरा दो साल के करीब बीत जाने पर भी परीक्षा विभाग की वेबसाइट का लिंक विवि की मुख्य वेबसाइट पर नहीं दिया जा सका है। असल में फॉर्म से आने वाली फीस परीक्षा विभाग के खाते में जाती है।

वहीं, विवि में ऑनलाइन फीस जमा करने का पोर्टल वित्त विभाग के नियंत्रण में है। कहीं न कहीं यह दोनों विभागों के बीच समन्वय की कमी है जो विवि के ही वित्त विभाग के पोर्टल पर लिंक होने के बाद भी छात्रों को सीधे शुल्क जमा करने की व्यवस्था नहीं है।

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