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‘गरीब बेसहारों को नही मिल रहा पीएम आवास योजना का लाभ’
Sun, 12 Jan 2020 09:30 PM IST
अवधेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: अवधेश कुमार
Updated Sun, 12 Jan 2020 09:30 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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राष्ट्रवादी मुस्लिम महिला संघ की अध्यक्ष फरहा फैज ने प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल उठाते हुए कहा कि योजना का लाभ गरीब व बेसहारों को नहीं मिल रहा है। स्थानीय नेताओं व अधिकारियों को 20 फीसदी कटमनी देने वालों को ही योजनाओं का लाभ मिल रहा है। उन्होंने सहारनपुर के जिलाधिकारी पर भी भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाए।
फरहा फैज ने रविवार को प्रेस क्लब में कहा कि सहारनपुर में गरीब व बेसहारा लोगों ने सूडा की ओर से चयनित स्पेस कम्बाइन कंपनी के जरिए डेढ़ से दो साल पहले आवासीय फार्म भरे थे, पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। इस संबंध में डीएम से लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना तक से शिकायत की।
आरोप है कि सहारनपुर डीएम से शिकायत की तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिलने लगीं। इस संबंध में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर पूरी घटना की सीबीआई जांच की मांग की गई। इस पर अदालत ने डीएम से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
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इस मामले में 17 जनवरी 2020 की तारीख तय है। आरोप है कि जनहित याचिका की वजह से बीते दस दिन में दो फर्जी मुकदमे थोपकर संस्था का नवीनीकरण निरस्त कर दिया गया, यहां तक कि नाबालिग बेटी की सुरक्षा हटा ली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने ये योजना गरीब बेसहारों को छत देने के लिए है या फिर भ्रष्टाचारियों के लिए है।
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फरहा फैज ने रविवार को प्रेस क्लब में कहा कि सहारनपुर में गरीब व बेसहारा लोगों ने सूडा की ओर से चयनित स्पेस कम्बाइन कंपनी के जरिए डेढ़ से दो साल पहले आवासीय फार्म भरे थे, पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिला। इस संबंध में डीएम से लेकर नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना तक से शिकायत की।
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आरोप है कि सहारनपुर डीएम से शिकायत की तो उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकियां मिलने लगीं। इस संबंध में उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दाखिल कर पूरी घटना की सीबीआई जांच की मांग की गई। इस पर अदालत ने डीएम से चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए।
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इस मामले में 17 जनवरी 2020 की तारीख तय है। आरोप है कि जनहित याचिका की वजह से बीते दस दिन में दो फर्जी मुकदमे थोपकर संस्था का नवीनीकरण निरस्त कर दिया गया, यहां तक कि नाबालिग बेटी की सुरक्षा हटा ली गई। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री ने ये योजना गरीब बेसहारों को छत देने के लिए है या फिर भ्रष्टाचारियों के लिए है।