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बेटी की शादी में मदद के लिए किया आवेदन, मां बनने के बाद मिली हेल्प
मोहम्मद इरफान, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 19 Sep 2018 03:49 PM IST
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- फोटो : डेमो
अल्पसंख्यक बेटी शादी अनुदान योजना में आवेदन किसी भी माह में करें, राशि मार्च में ही मिल पाएगी। इस सरकारी हीलाहवाली से गरीब परिवार की बेटियों की डोली बगैर अनुदान के उठ रही है।
हालत ये हैं कि जिस बेटी की शादी में मदद के लिए आवेदन किया था, उसके मां बनने के बाद परिवार को अनुदान राशि मिल सकी। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान देता है, ताकि उन्हेें किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को शादी से तीन महीने पहले आवेदन करना होता है। नियम के मुताबिक आवेदक के खाते में शादी से पहले ही अनुदान की रकम आ जानी चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
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योजना की स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अगर अप्रैल की शादी के लिए आवेदन किया है तो रकम के लिए अगले मार्च यानी 11 महीने इंतजार करना होगा।
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हालत ये हैं कि जिस बेटी की शादी में मदद के लिए आवेदन किया था, उसके मां बनने के बाद परिवार को अनुदान राशि मिल सकी। उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अल्पसंख्यक समुदाय के गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए 20 हजार रुपये का अनुदान देता है, ताकि उन्हेें किसी के सामने हाथ न फैलाना पड़े।
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योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को शादी से तीन महीने पहले आवेदन करना होता है। नियम के मुताबिक आवेदक के खाते में शादी से पहले ही अनुदान की रकम आ जानी चाहिए, लेकिन ऐसा हो नहीं पा रहा है।
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योजना की स्थिति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अगर अप्रैल की शादी के लिए आवेदन किया है तो रकम के लिए अगले मार्च यानी 11 महीने इंतजार करना होगा।
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बगैर अनुदान के ही करनी पड़ी शादी
उधार लेकर की बेटी की विदाई
- फोटो : अमर उजाला
बेटी मां बन गई तब मिली मदद
केस 1
सआदतगंज निवासी बढ़ई मेहंदी हसन मंसूरी को बेटी शबनम की शादी 22 अप्रैल 2017 को बगैर अनुदान के ही करनी पड़ी। शादी से तीन महीने पहले विभाग के चक्कर लगाने के बाद उन्होंने उधार लेकर बेटी की डोली विदा की। बताया कि अनुदान की रकम 11 महीने बाद बेटी के मां बनने के बाद मार्च 2018 में मिल सकी।
केस 1
सआदतगंज निवासी बढ़ई मेहंदी हसन मंसूरी को बेटी शबनम की शादी 22 अप्रैल 2017 को बगैर अनुदान के ही करनी पड़ी। शादी से तीन महीने पहले विभाग के चक्कर लगाने के बाद उन्होंने उधार लेकर बेटी की डोली विदा की। बताया कि अनुदान की रकम 11 महीने बाद बेटी के मां बनने के बाद मार्च 2018 में मिल सकी।
अफसरों ने बताया अभी बजट नहीं
उधार लेकर की बेटी की शादी
- फोटो : अमर उजाला
अब तक कर रहे मदद का इंतजार
केस 2
सरोजनीनगर नीलमथा निवासी शकील अहमद की बेटी आसमा परवीन की शादी 24 जून को हुई है। बताया कि नियम के मुताबिक तीन महीने पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दी। लेकिन अफसरों ने बताया कि अभी बजट नही है। किसी तरह से शादी कर लो मार्च में बजट आने पर सूचित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उधार लेकर शादी कर दी है, अब पैसा आने का इंतजार है।
एडवांस में रखेंगे रकम
योजना से काफी लोग लाभान्वित हुए हैं। आगे से एडवांस में रकम रखी जाएगी ताकि किसी लाभार्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े। - बालेंदु द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
केस 2
सरोजनीनगर नीलमथा निवासी शकील अहमद की बेटी आसमा परवीन की शादी 24 जून को हुई है। बताया कि नियम के मुताबिक तीन महीने पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर दी। लेकिन अफसरों ने बताया कि अभी बजट नही है। किसी तरह से शादी कर लो मार्च में बजट आने पर सूचित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उधार लेकर शादी कर दी है, अब पैसा आने का इंतजार है।
एडवांस में रखेंगे रकम
योजना से काफी लोग लाभान्वित हुए हैं। आगे से एडवांस में रकम रखी जाएगी ताकि किसी लाभार्थी को परेशानी का सामना न करना पड़े। - बालेंदु द्विवेदी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी