फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Politics rises in descending monsoon: BJP claims, 100 SP MLAs are in touch with them

उतरते मानसून में राजनीति पारा चढ़ा : अखिलेश की बयानबाजी के बाद भाजपा का दावा, सपा के सौ विधायक संपर्क में हैं

Thu, 08 Sep 2022 01:14 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 08 Sep 2022 01:14 AM IST
सार

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सरकार में उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा है कि यदि केशव सौ विधायक लेकर आएं तो सपा उन्हें समर्थन कर मुख्यमंत्री बना देगी।
 

विज्ञापन
Politics rises in descending monsoon: BJP claims, 100 SP MLAs are in touch with them
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी व अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश में भले ही मानसून उतार पर है, लेकिन बुधवार को चले राजनीतिक घटनाक्रम और बयानबाजी से राजनीति गरमा गई। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की ओर से उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को मुख्यमंत्री बनाने का ऑफर देने से पिछड़े वर्ग में संभावित नुकसान को रोकने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी को बयान जारी करना पड़ा। वहीं उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने भी सपा अध्यक्ष अखिलेश को जिन्ना मित्र बताते हुए उनसे दोस्ती की संभावना से भी इनकार किया। चौधरी और मौर्य ने दावा किया कि सपा के 111 में से 100 विधायक भाजपा के संपर्क में है। वहीं लोकसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल में विस्तार में जुटी सुभासपा को बुधवार को दूसरा बड़ा झटका लगा। सुभासपा के प्रभाव वाले मऊ जिले में पार्टी के प्रदेश महासचिव अरविंद राजभर सहित 45 कार्यकर्ताओं ने सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर पर परिवारवाद का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

विज्ञापन


राम भक्त और जिन्ना भक्त की दोस्ती नहीं हो सकती : केशव
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष के बयान पर तीखा तंज कसते हुए कहा है कि वह राम भक्त हैं और अखिलेश यादव जिन्ना भक्त है।  एक राम भक्त और जिन्ना भक्त की कभी दोस्ती नहीं हो सकती है। केशव प्रसाद ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि अखिलेश यादव अपने पिता मुलायम सिंह यादव, चाचा शिवपाल यादव, यादव परिवार की बहु अपर्णा यादव और उनकी बुआ मायावती के नहीं हो सके। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी का अस्तित्व समाप्त हो गया है इसलिए अखिलेश यादव बिना पानी मछली की तरह तड़प कर इस तरह की बयानबाजी कर रहे है। उन्होंने कहा कि सपा के सौ विधायक भाजपा में आने को तैयार है। उन्होंने कहा कि सपा और अखिलेश यादव अगले 25 सालों तक सत्ता में नहीं आएंगे।
विज्ञापन


अपनों की चिंता करें अखिलेश, सपा विधायक हमारे संपर्क में : भूपेंद्र
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव सपा गठबंधन, यादव परिवार, समाजवादी पार्टी और सपा विधायकों की चिंता करें। उन्होंने कहा कि सपा के विधायक भाजपा के संपर्क में हैं। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सरकार में उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यदि केशव सौ विधायक लेकर आएं तो सपा उन्हें समर्थन देकर मुख्यमंत्री बना देगी। बुधवार को भूपेंद्र चौधरी ने ट्वीट कर सपा अध्यक्ष के इस बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य पार्टी के प्रमाणित एवं विचारधारा के लिए समर्पित कार्यकर्ता है। केशव सदैव भाजपा के साथ रहेंगे। वह किसी स्वार्थ में पड़ने वाले नेता नहीं है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव केशव मौर्य को क्या चला पाएंगे, बल्कि केशव मौर्य ही अखिलेश यादव को चला देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


केशव सौ विधायक लेकर आएं तो सपा उन्हें समर्थन कर मुख्यमंत्री बना देगी : अखिलेश यादव
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को सरकार में उचित सम्मान नहीं मिल रहा है। उन्होंने कहा है कि यदि केशव सौ विधायक लेकर आएं तो सपा उन्हें समर्थन कर मुख्यमंत्री बना देगी।

सुभासपा के प्रदेश महासचिव सहित 45 का इस्तीफा
सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ बगावत का बिगुल बजा दिया है। गत दिनों जिला मुख्यालय पर पार्टी के वरिष्ठ नेता महेंद्र राजभर सहित कई कार्यकर्ताओं ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। वहीं बुधवार को प्रदेश महासचिव अरविंद राजभर के साथ 45 कार्यकर्ताओं ने पार्टी जिलाध्यक्ष रामजीत राजभर को सामूहिक इस्तीफा सौंप दिया।


कस्बे के प्राचीन गौरीशंकर मंदिर परिसर में पार्टी के पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं की बैठक में इस्तीफा देने का फैसला किया गया। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौका देख पार्टी को बेचने का काम कर रहे हैं। पदाधिकारियों से कोई राय नहीं ली जा रही है। जब मन में आया तो मौका देख गठबंधन कर लिया। घर के लोगों को बढ़ावा दिया जा रहा। पार्टी कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर धनवानों को टिकट दिया जा रहा है। सभी ने कहा कि खून पसीना बहाकर शोषित, दलित, असहायों के लिए कार्यकर्ताओं ने मिलकर पार्टी खड़ी की, लेकिन ओमप्रकाश राजभर ने इसे बेच दिया। इस्तीफा देने वालों में लल्लन राजभर, कमलेश राजभर, राजेश, शिवबचन, मुन्ना राजभर, सोनू, अरविंद, चंद्रशेखर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed