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यूपी विधानसभा सत्र : सदन में मोबाइल लेकर नहीं जा सकेंगे नेता, 66 साल बाद नए नियमों से संचालित होगा सत्र
Sat, 25 Nov 2023 03:27 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 25 Nov 2023 03:27 PM IST
सार
यूपी विधानसभा का सत्र 66 साल बाद नये नियमों के साथ संचालित होगा। सत्र के दौरान महिला सदस्यों को बोलने में वरीयता दी जाएगी। सत्र के दौरान झंडा बैनर ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
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यूपी विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आगामी 28 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। 66 साल बाद योगी सरकार में विधानसभा सत्र नये नियमों के साथ संचालित होगा। पिछले सत्र में ही बदलावों को अनुमति मिलने के बाद अब इस सत्र से इन्हें लागू कर दिया जाएगा। इसके अंतर्गत अब नेताओं को सदन में मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
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इसके अलावा सत्र के दौरान सदन में झंडा और बैनर ले जाने पर भी प्रतिबंध होगा। वहीं योगी सरकार के दौरान नारी शक्ति को प्राथमिकता देने के संकल्प का सदन में भी असर देखने को मिलेगा। सत्र के दौरान महिला सदस्यों को बोलने में खास वरीयता दी जाएगी।
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मंगलवार से शुरू होने जा रहे यूपी विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन सदन के वर्तमान और भूतपूर्व सदस्यों के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा। वहीं 29 नवंबर को प्रथम पहर में सदन में औपचारिक कार्य, जिसमें अध्यादेशों, अधिसूचनाओं, नियमों आदि को सदन के पटल पर रखा जाएगा। साथ ही विधेयकों का पुन:स्थापन कार्य होगा। दोपहर 12:30 के बाद वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुपूरक अनुदानों की मांगों का प्रस्तुतिकरण एवं अन्य विधाई कार्य निपटाए जाएंगे। इस सत्र की सबसे खास बात ये रहेगी कि महिला सदस्यों को बोलने में वरीयता दी जाएगी।
सत्र के तीसरे दिन 30 नवंबर को वित्तीय वर्ष 2023-24 के अनुपूरक अनुदानों पर चर्चा होगी। सदस्यगणों की मांगों पर विचार एवं मतदान होगा। साथ ही विनियोग विधेयक का सदन की अनुज्ञा से पुन:स्थापन का कार्य होगा। इसके अलावा अन्य विधाई कार्य निपटाए जाएंगे। वहीं शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन 1 दिसंबर को विधायी कार्य निपटाए जाएंगे।