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यूपी: 'यूनिक कोड' से होगी हर आउटसोर्स कर्मी की पहचान, डीएम-मंडलायुक्त करेंगे सत्यापन; तीन स्तर पर होगी निगरानी

Sun, 06 Sep 2026 09:14 AM IST
Bhupendra Singh सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
सूरज शुक्ला, अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: Bhupendra Singh Updated Sun, 06 Sep 2026 09:14 AM IST
सार

यूपी में 'यूनिक कोड' से हर आउटसोर्स कर्मी की पहचान होगी। यूपीसीओएस में भर्ती से तैनाती तक तीन स्तर पर निगरानी होगी। इसके लिए जिला स्तर पर डीएम और मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी बनेगी। आगे पढ़ें पूरी खबर...

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Every Outsourced workers to be identified via Unique Code in UP monitoring to take place at three levels
'यूनिक कोड' से होगी आउटसोर्स कर्मी की पहचान - फोटो : freepik

विस्तार

उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती और तैनाती की व्यवस्था पर प्रशासनिक निगरानी बढ़ाई जाएगी। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीसीओएस) के तहत प्रत्येक कर्मचारी और संबंधित विभाग को अलग यूनिक कोड दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों और विभागों का रिकॉर्ड एक व्यवस्था के तहत दर्ज किया जा सकेगा। वहीं अभ्यर्थियों की अर्हता और दस्तावेजों के सत्यापन की जिम्मेदारी जिला और मंडल स्तर की प्रशासनिक कमेटियों को दी गई है।

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विभागीय अधिकारियों के मुताबिक आउटसोर्स व्यवस्था की निगरानी तीन स्तर पर होगी। शासन या निदेशालय स्तर पर संबंधित अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव या सचिव और विभागाध्यक्ष या संस्था के सीईओ की अध्यक्षता में समिति काम करेगी। मंडल स्तर पर मंडलायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी गठित होगी। जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति काम करेगी। इसमें मुख्य विकास अधिकारी और जिला सेवायोजन अधिकारी भी शामिल होंगे।

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सत्यापन के बाद एजेंसी को मिलेगी सूची

जिला स्तर पर संबंधित पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और अर्हता का सत्यापन किया जाएगा। मंडल स्तर की कमेटी भी निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रक्रिया की निगरानी करेगी। समितियों के सत्यापन के बाद पात्र अभ्यर्थियों की सूची संबंधित आउटसोर्स एजेंसी को भेजी जाएगी। इसी सूची के आधार पर एजेंसी चयनित अभ्यर्थी को प्लेसमेंट इंफॉर्मेशन लेटर जारी करेगी। जिससे भर्ती में चयन प्रक्रिया को तय मानकों के तहत पूरा किया जा सके। अभ्यर्थियों की योग्यता का प्रशासनिक स्तर पर सत्यापन भी करना होगा।

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यूनिक कोड से मिलेगी हर एक जानकारी

यूपीसीओएस के तहत तैनात आउटसोर्स कर्मचारियों को यूनिक कोड दिया जाएगा। संबंधित विभागों को भी अलग कोड आवंटित किया जाएगा। इससे कर्मचारी की तैनाती और विभाग से संबंधित रिकॉर्ड को एक जगह दर्ज करने में मदद मिलेगी। भविष्य में कर्मचारी से जुड़ी जानकारी की निगरानी और रिकॉर्ड की पहचान इसी कोड के जरिये की जा सकेगी।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बोर्ड

निगम के संचालन और नीतिगत फैसलों के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स बनाया गया है। यह बोर्ड निगम की नीतियों और कामकाज की निगरानी करेगा। इसके अलावा छह सदस्यीय सलाहकार समिति भी बनाई जाएगी। इसमें मानव संसाधन विशेषज्ञ, उद्यमी, टेक्नोक्रेट और रणनीतिकार शामिल होंगे। समिति निगम को तकनीकी और प्रबंधन से जुड़े सुझाव देने के साथ आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण से जुड़े मामलों पर भी सलाह देगी।

कई स्तरों पर तय होगी जवाबदेही

नई व्यवस्था में शासन से लेकर जिले तक जिम्मेदारियां बांटी गई हैं। शासन स्तर पर नीतिगत निगरानी, मंडल स्तर पर सत्यापन और जिला स्तर पर अभ्यर्थियों की अर्हता व दस्तावेजों की जांच होगी। इसके बाद ही पात्र अभ्यर्थियों की सूची एजेंसी को भेजी जाएगी। इस तरह भर्ती प्रक्रिया में प्रशासन, संबंधित विभाग और आउटसोर्स एजेंसी की भूमिकाएं अलग-अलग तय की गई हैं।

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