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अमर उजाला अभियान की सभी ने की सराहना, राजनीतिक हस्तियों के साथ प्रशासनिक अफसर भी बोले 'हिंदी हैं हम'
Sat, 22 Aug 2020 05:47 PM IST
ishwar ashish
अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ
अभिषेक सहज, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 22 Aug 2020 05:47 PM IST
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उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा
- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान को लेकर हर वर्ग न सिर्फ उत्साहित है बल्कि इस हिंदी सेवी और आमजन इस मुहिम का हिस्सा भी बन रहे हैं। प्रदेश की प्रमुख राजनीतिक हस्तियों और प्रशासनिक अफसरों ने भी ‘हिंदी हैं हम’ अभियान की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे एक जरूरी और सराहनीय पहल बताया। इन खास लोगों ने अमर उजाला को वीडियो भेजकर हिंदी को लेकर अपने विचार भी व्यक्त किए हैं।
देशप्रेम जागृत करने का माध्यम है मातृ भाषा
ये बड़ी खुशी की बात है कि अमर उजाला की ओर से चलाया जा रहा ‘हिंदी हैं हम’ अभियान बेहद लोकप्रिय हो रहा है। मातृ भाषा ही उन्नति का कारक है। देशप्रेम को जागृत करने का सबसे अच्छा माध्यम मातृ भाषा है। नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र सरकार ने इस बात का उल्लेख किया है कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा का माध्यम हिंदी ही हो। हिंदी ऐसी भाषा है जो अन्य भाषाओं को अपने में समाहित कर लेती है। हम सब अपनी मातृ भाषा को अपनाएं। अमर उजाला को ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के लिए बधाई और शुभकामनाएं - डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री
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देशप्रेम जागृत करने का माध्यम है मातृ भाषा
ये बड़ी खुशी की बात है कि अमर उजाला की ओर से चलाया जा रहा ‘हिंदी हैं हम’ अभियान बेहद लोकप्रिय हो रहा है। मातृ भाषा ही उन्नति का कारक है। देशप्रेम को जागृत करने का सबसे अच्छा माध्यम मातृ भाषा है। नई शिक्षा नीति के तहत केंद्र सरकार ने इस बात का उल्लेख किया है कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा का माध्यम हिंदी ही हो। हिंदी ऐसी भाषा है जो अन्य भाषाओं को अपने में समाहित कर लेती है। हम सब अपनी मातृ भाषा को अपनाएं। अमर उजाला को ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के लिए बधाई और शुभकामनाएं - डॉ. दिनेश शर्मा, उप मुख्यमंत्री
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बिना किसी भाषा पर दबाव बनाए बढ़ रही हिंदी
हृदय नारायण दीक्षित, विधानसभा अध्यक्ष
- फोटो : amar ujala
भारतीय संस्कृति के मुख्य सूत्रों और साहित्य का विस्तार हिंदी में हुआ है। हिंदी में बोलना या अपने विचार प्रकट करना हम सबका दायित्व है। बिना किसी अन्य भाषा पर दबाव बनाए ही हिंदी प्रगति पथ पर अग्रसर है। अमर उजाला का ‘हिंदी हैं हम’ अभियान इस दिशा में निश्चित तौर पर एक सराहनीय प्रयास है। पिछले दिनों अमर उजाला में प्रकाशित साहित्यकार अज्ञेय के लेखन का हिस्सा प्रकाशित हुआ जो मुझे बहुत पसंद आया। अभियान की सफलता के लिए अमर उजाला को बधाई। - हृदय नारायण दीक्षित, विधानसभा अध्यक्ष
हिंदी हमारा स्वाभिमान
संयुक्ता भाटिया, महापौर
- फोटो : amar ujala
‘हिंदी हैं हम’ अभियान अमर उजाला की बहुत सराहनीय पहल है। हिंदी केवल भाषा ही नहीं है बल्कि हमारा स्वाभिमान भी है। मैं सभी लखनऊवासियों से अपील करती हूं कि वे इस अभिनव अभियान का हिस्सा बनें। - संयुक्ता भाटिया, महापौर
देश के विकास में महत्वपूर्ण स्थान
सतीश चंद्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री
- फोटो : amar ujala
भारत में ज्यादातर लोगों की मातृ भाषा हिंदी है। ज्यादातर भारतीय साहित्य की रचना भी हिंदी में ही हुई है। हिंदी की बात हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी भी करते थे। हमारी राष्ट्रीय भावना और देश के विकास में हिंदी का महत्वपूर्ण योगदान है। अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ से जुड़कर आइये हम सब हिंदी के उत्थान में राष्ट्र के विकास में अपना योगदान देने का काम करें। - सतीश चंद्र द्विवेदी, बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री
हिंदी में बोलना, लिखना गर्व की बात
श्रीकांत वर्मा, ऊर्जा मंत्री
- फोटो : amar ujala
हमारे लिए हिंदी में बोलना और लिखना गर्व की बात है। देश में अन्य क्षेत्रीय भाषाएं भी हैं, सबका अपना महत्व है लेकिन हिंदी ज्यादातर भारतवासियों द्वारा बोली जाने वाली भाषा है। इसके उत्थान के लिए अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के जरिए बहुत सराहनीय पहल की है। इससे पहले भी अमर उजाला समय-समय पर ऐसे ही समाज के लिए उपयोगी अभियानों को संचालित करता रहा है। आशा है कि ‘हिंदी हैं हम’ अभियान भी सफलता के आकाश को छुएगा। - श्रीकांत वर्मा, ऊर्जा मंत्री
निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल
राजेंद्र तिवारी, मुख्य सचिव ं
- फोटो : amar ujala
हमें अगर प्रगति करनी है तो अपनी भाषा की उन्नति बहुत आवश्यक है। भारतेंदु हरिश्चंद्र ने सही कहा है कि निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल। हिंदी हमारी मातृ भाषा ही नहीं, हमारी संस्कृति, अस्मिता और पहचान भी है। हमें हिंदी बोलने में गौरवान्वित होना चाहिए। जिन देशों ने अपनी भाषा में काम किया, उन्होंने बहुत उन्नति की है। मेरा विश्वास है कि अमर उजाला के अभियान ‘हिंदी हैं हम’ के जरिए लोग हिंदी को लेकर जागरूक होंगे। - राजेंद्र तिवारी, मुख्य सचिव
मातृ भाषा के विकास के लिए प्रतिबद्ध हों
अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह
- फोटो : amar ujala
हिंदी के उत्थान के लिए अमर उजाला ने ‘हिंदी हैं हम’ अभियान के जरिए जो मशाल जलाई है वो बहुत सराहनीय है। हम सबको अपने देश और मातृ भाषा के विकास के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। खासकर नई पीढ़ी को अच्छी और सरल हिंदी का प्रयोग करने के लिए प्रेरणा व पुस्तकें उपलब्ध करानी चाहिए। अखबार, टेलीविजन और अन्य माध्यमों से भारत के सभी गांवों और शहरों में हिंदी को आगे बढ़ाने के लिए हम सबको प्रयास करना चाहिए। - अवनीश अवस्थी, अपर मुख्य सचिव गृह
संप्रेषण के लिए सबसे उपयुक्त है मातृ भाषा
नवीन अरोड़ा, संयुक्त पुलिस कमिश्नर
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प्रत्येक व्यक्ति को अपने भावों का संप्रेषण करने के लिए सबसे उपयुक्त अपनी मातृ भाषा लगती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अब काफी हद तक हिंदी को अपनाया जा रहा है। हमें संकल्प लेना होगा कि हम भी अपनी मातृ भाषा में ही कामकाज करेंगे। रूस, जापान, चीन और फ्रांस जैसे देशों ने अपनी मातृ भाषा में ही कामकाज को अपनाकर उन्नति की है। अटल जी ने जब संयुक्त राष्ट्र संघ में हिंदी में भाषण दिया तो मैं उनसे बहुत प्रभावित हुआ था। हमें अपने शासकीय व अन्य कार्यों को ज्यादा से ज्यादा हिंदी में ही करने का प्रयास करना होगा। अमर उजाला की ‘हिंदी हैं हम’ मुहिम से लोगों में जरूर जागरूकता आएगी। - नवीन अरोड़ा, संयुक्त पुलिस कमिश्नर
विश्व गुरु बनने के लिए हिंदी में जीना जरूरी
विनय कुमार पाठक, कुलपति- एकेटीयू
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‘हिंदी हैं हम’ जैसे अभियान को शुरू करने के लिए अमर उजाला को साधुवाद। हम जब तक अपनी भाषा में जिएंगे नहीं तब तक खुद को पहचान नहीं सकेंगे। विश्व गुरु बनने के लिए हमें हिंदी में जीना सीखना होगा। मेडिकल, इंजीनियरिंग और प्रबंधन में हिंदी में पाठ्यपुस्तकों का अभाव है। हमें इसे आसान बनाना होगा और हिंदी में पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बारे में उचित कदम उठाने होंगे। - विनय कुमार पाठक, कुलपति- एकेटीयू