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शिवपाल की योगी से मुलाकात के निकाले जा रहे हैं ये सियासी मायने

Thu, 06 Apr 2017 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Thu, 06 Apr 2017 12:16 PM IST
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political meanings of shivpal and yogi adityanath meeting
डेमो प‌िक

सपा के एक खेमे में कोई खिचड़ी तो नहीं पक रही? मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा व बेटे प्रतीक के बाद शिवपाल सिंह यादव ने भी बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की तो इन अटकलों को और बल मिला।

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अखिलेश यादव से मतभेदों के चलते शिवपाल विधानसभा चुनाव से पहले से पार्टी में हाशिये पर चल रहे हैं। उनके नजदीकियों के टिकट काट दिए गए। चुनाव में उन्होंने अपने खिलाफ साजिश के आरोप लगाने के साथ ही चुनाव बाद नई पार्टी बनाने के संकेत दिए थे। 
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सपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में उन्हें बुलाया नहीं गया, विधानसभा में उन्हें नेता प्रतिपक्ष भी नहीं बनाया। इस बीच शिवपाल ने बुधवार को सरकारी निवास पर जाकर सीएम से मुलाकात की। उनके पुत्र आदित्य यादव भी साथ थे। सीएम से 15 मिनट उनकी बातचीत हुई। 
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शिवपाल ने कहा, लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के लोग एक-दूसरे से मिलते रहते हैं। मैंने उन्हें बधाई दी, हाल-चाल पूछा। शिवपाल ने भले ही इसे शिष्टाचार मुलाकात बताया, लेकिन इसके सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

रिवर फ्रंट की जांच कमेटी के गठन वाले दिन मुलाकात

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शिवपाल सिंह यादव - फोटो : amar ujala
इसे सपा में चल रही उठापटक से जोड़कर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पारिवारिक अंतर्विरोधों से जूझती सपा के कुछ नेताओं की राह अलग हो सकती है। शिवपाल से पहले अपर्णा और प्रतीक सीएम से मिल चुके हैं। सीएम योगी भी कान्हा उपवन में उस गौशाला में जा चुके हैं, जिसका संचालन अपर्णा व प्रतीक करते हैं। 

ऐसे में समझा जा रहा है कि अखिलेश की सपा में इन नेताओं को अहमियत मिलने वाली नहीं। मुलायम भी सपा के मौजूदा हालात से नाखुश हैं। अपर्णा ने भी अपनी हार के लिए ‘अपनों’ को ही जिम्मेदार ठहराया है।

रिवर फ्रंट की जांच के लिए कमेटी के गठन के दिन मुलाकात 
इत्तेफाक है कि शिवपाल की सीएम से मुलाकात उस दिन हुई, जिस दिन गोमती रिवर फ्रंट घोटाले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है। 

रिवर फ्रंट शिवपाल का महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट था। सिंचाई मंत्री के रूप में उन्होंने इसकी शुरुआत कराई थी। इसके लिए स्वीकृत 1400 करोड़ खर्च होने के बावजूद मात्र 60 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट की जांच के आदेश दिए थे। हालांकि यह साफ नहीं है कि इस मुद्दे पर सीएम की शिवपाल से कोई बात हुई या नहीं?

पूर्व मंत्री और वरिष्ठ सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने अपने ट्विटर एकाउंट का कलेवर बदल दिया है। भाजपा केनारे ‘सबका साथ-सबका विकास’ की तर्ज पर उन्होंने श्लोगन दिया है ‘ हमारा प्रयास-सबका विकास’। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद शिवपाल के ट्विटर पर इस बदलाव को राजनैतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
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